समाचार प्लस
Breaking अंतरराष्ट्रीय देश फीचर्ड न्यूज़ स्लाइडर

Pele dies: नहीं रहे फुटबॉल के जादूगर पेले, …जब भारत के इस खिलाड़ी ने नहीं करने दिया था गोल

image source : social media

नई दिल्ली: ब्राजील के फुटबॉल स्टार प्लेयर (brazilian football star player) पेले (Pele) का 82 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है. उनकी बेटी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए यह जानकारी दी. बता दें, पेले को दुनिया के सबसे महान फुटबॉलरों में गिना जाता है. वे पिछले कुछ समय से हॉस्पिटल में भर्ती थे. 20वीं सदी के महान फुटबॉलर पेले को कोलन कैंसर था.

तीन बार विश्व कप जीतने वाले एकमात्र खिलाड़ी

एडसन अरांतेस डो नैसिमेंटो (Pele) तीन बार विश्व कप जीतने वाले एकमात्र खिलाड़ी हैं, जिन्होंने 1958, 1962 और 1970 में खेल की सबसे प्रतिष्ठित ट्रॉफी फीफा वर्ल्ड कप जीता था. पेले की बेटी केली क्रिस्टीना नैसिमेंटो ने पिता के निधन के बाद इंस्टाग्राम पर तस्वीर शेयर की है. पेले (Pele) को सांस के संक्रमण के इलाज और कीमोथेरेपी के लिए पिछले महीने 29 नवंबर को साओ पाउलो के अल्बर्ट आइंस्टीन अस्पताल में भर्ती कराया गया था. हाल के सालों में उन्होंने अपनी रीढ़, कूल्हे, घुटने और गुर्दे सहित कई स्वास्थ्य समस्याओं का सामना किया था. उनके निधन के बाद परिवार ने पेले के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से बयान जारी किया है.

दीदार के लिए जुट गए थे हजारों लोग

इनके कोलकाता आने पर हर कोई इनके दर्शन को लालायित था. इस महान फुटबॉलर ने बंगाल को फुटबॉल के खेल का दीवाना बना दिया था. 1977 में जब वो ईडन गार्डन्स के मैदान पर उतरे तो चारो ओर से पेले के नाम की आवाज गूंज रही थी. खचाखच भरे मैदान में मोहन बागान की टीम के खिलाफ न्यूयॉर्क कोस्मोस के लिए खेलने वाले पेले वहां के खिलाड़ियों के कायल हो गए

जब गौतम सरकार ने पेले को गोल करने से रोके रखा 

पूरे मैच में मोहन बागान के खिलाड़ियों ने फुटबॉल के इस किंग को रोक के रखा और एक भी गोल नहीं करने दिया. हालांकि, पेनल्टी के कारण स्कोर 2-2 से बराबर हो गया था. इस मैच में गौतम सरकार को ये जिम्मेदारी मिली थी कि वो पेले को मैच में रोक कर रखें. उन्हें इस जिम्मेदारी को निभाने में कोई कसर नहीं छोड़ा था.

image source : social media
image source : social media

इस मैच के बाद पेले के लिए एक सम्मान समारोह का आयोजन होना था जहां उन्हें हीरे की अंगूठी से सम्मानित किया जाना था. लेकिन पेले वहां के खिलाड़ियों से मिलने लगे और उनसे बातें भी की. इस दौरान जैसे ही गौतम सरकार पर उनकी नजर पड़ी, उन्होंने सरकार को गले से लगा लिया.

फुटबॉल के लिए पॉलिस किए जूते

फुटबॉल की दुनिया में ब्राजील को सुपर पावर बनाने वाले पेले की शुरुआत संघर्षों से भरा रहा है. वो एक गरीब परिवार से आते थे, बचपन में साओ पाउलो की सड़कों पर वो अखबारों की रद्दी का गोला बनाकर फुटबॉल खेलते थे. लीग मैचों में करीब 650 और सीनियर मैचों में 1281 गोल दागने वाले पेले के पास शुरू में फुटबॉल किट खरीदने को पैसे नहीं थे, तब उन्होंने जूते पॉलिश कर पैसे जुटाए थे.

श्रद्धांजलि दे रहे फैंस 

पेले (Pele) का निधन फुटबॉल प्रेमियों के लिए सदमे की तरह है. सोशल मीडिया पर तमाम फैंस फुटबॉल के हीरो को आखिरी विदाई दे रहे हैं. हाल ही फीफा वर्ल्ड कप के फाइनल में हार के बावजूद मैच को यादगार बनाने वाले फ्रांसिसी फुटबॉलर किलियन एमबापे (Kylian Mbappé) ने ट्वीट कर उन्हें श्रद्धांजलि दी. मौत की खबर मिलते ही मेसी ने भी पेले के निधन पर शोक जताया. उन्होंने लिखा, फुटबॉल के किंग भले ही हमें छोड़ कर चले गए लेकिन उनकी लेगसी को कभी भी नहीं भुलाया जा सकता है.”

ये भी पढ़ें : नहीं रहीं PM Modi की मां हीराबेन, 100 साल की उम्र में ली अंतिम सांस, प्रधानमंत्री ने कहा- शानदार शताब्दी का ईश्वर चरणों में विराम…

 

 

Related posts

आज से भारत में भी डिजिटल करेंसी, जानें इस्तेमाल कितना आसान, कितनी है सुरक्षित

Pramod Kumar

ट्रायफेड और बिग बास्केट के बीच एमओयू, झारखंड के जनजातीय क्षेत्रों के उत्पादों को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय बाजार

Pramod Kumar

Sammed Shikharji : सम्मेद शिखर पर केंद्र सरकार के फैसले से रांची के मारवाड़ी समाज में हर्ष

Manoj Singh