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Overseas flights : 15 दिसंबर से देश में नहीं शुरू होंगी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें, DGCA ने लिया ये बड़ा फैसला

Overseas flights

न्यूज़ डेस्क / समाचार प्लस झारखंड -बिहार

Overseas flights : दुनिया में कोरोना (Coronavirus) के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन (Omicron Variant) के बढ़ते मामलों को देखते हुए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने 15 दिसंबर से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की बहाली की योजना टाल दी है. अब हालात का आकलन करने के बाद इस महीने के आखिर में सरकार कोई फैसला लेगी.

DGCA कर रही हालात का आकलन

डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने कहा कि उसकी हालात पर नजर है और वह कोरोना (Coronavirus) का नया वेरिएंट (Omicron Variant) सामने आने के बाद की स्थितियों का आकलन कर रही है. सभी परिस्थितियों को देखने के बाद वह भारत में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की बहाली के बारे में बहाली का फैसला करेगी. इसके बारे में पब्लिक को सूचित कर दिया जाएगा.

15 दिसंबर से बहाल नहीं होगी सेवा

बता दें कि सरकार ने 26 नवंबर को कहा था कि 15 दिसंबर से अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवा फिर से बहाल की जाएगी. अभी तक विभिन्न देशों के साथ समझौते करके एयर बबल सर्विस चलाई जा रही है. हालांकि सामान्य अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवा अभी बंद है. इसी बीच अफ्रीका के कई देशों में कोरोना (Coronavirus) के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन (Omicron Variant) के बारे में पता चलने पर दुनियाभर में हड़कंप है.

डेल्टा से भी ज्यादा खतरनाक वेरिएंट

इस वेरिएंट के बारे में हालांकि अभी तक कोई पुष्टिजनक रिपोर्ट सामने नहीं आई है. लेकिन शुरुआती रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि यह वेरिएंट भारत में अप्रैल-मई में कहर बरपाने वाले डेल्टा वेरिएंट से भी ज्यादा खतरनाक है. उस वेरिएंट का औसत ढाई था यानी कि दो संक्रमित व्यक्ति 5 लोगों में इंफेक्शन फैला रहे थे. वहीं ओमिक्रॉन (Omicron Variant) के बारे में कहा जा रहा है कि इसका औसत 4 है यानी एक बीमार व्यक्ति 4 लोगों को संक्रमित कर रहा है.

बाहर से आने वाले यात्रियों की जांच

सरकार ने हालात को देखते हुए बाहर से आने वाले यात्रियों की मेडिकल जांच सख्त कर दी है. नए नियमों के तहत, ‘हाई रिस्क वाले’ देशों से आने वाले यात्रियों के लिए आरटी-पीसीआर जांच अनिवार्य की गई है. यही नहीं, जांच के नतीजे आने तक उनके हवाई अड्डे से बाहर जाने पर बैन भी लगाया गया है. यह भी प्रावधान किया गया है कि अन्य देशों से उड़ानों के जरिए आने वाले यात्रियों में से भी 5 प्रतिशत की अनिवार्य जांच की जाएगी. यह जांच रैंडमली होगी.

क्या है एयर बबल व्यवस्था

“एयर बबल” या “हवाई यात्रा व्यवस्था” दो देशों के बीच अस्थायी व्यवस्था है। जिसका मकसद कर्मिशियल अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को फिर से शुरू करना है। जिस वक्त COVID-19 महामारी के चलते नियमित अंतरराष्ट्रीय उड़ाने निलंबित हैं। ऐसे में व्यवस्था के तहत दोनों देशों की एयरलाइन सेवाओं को बराबर फायदा पहुंचाने के लिए यह इंतजाम किया गया है।

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