प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बजट सत्र शुरू होने से पहले भले ही यह कहा था कि इस बार कोई ‘विदेशी चिंगारी’ संसद नहीं पहुंची है। उनका इशारा सदन शुरू होने से ठीक पहले विदेशी प्रोपेगेंडा को लेकर था, जिसके बार पिछले कई संसद सत्रों में खूब हंगमान मचा था। ध्यान दिला दें, इन प्रोपेगेंडा में हिंडनबर्ग के खुलासे और पेगासस मालवेयर आदि शामिल हैं। मगर सच यह है कि विवादों ने केन्द्र सरकार का पीछा इस बार भी नहीं छोड़ा है। बजट सत्र शुरू होने से ठीक दो दिन पहले प्रयागराज महाकुम्भ में जो भगदड़ मची थी, उसमें 30 लोगों की मौत हो गयी है। इस बार विपक्ष इसी मुद्दे को लेकर संसद पहुंचा है और इसको लेकर सदन में हंगामा किया है।
विपक्षी सांसदों का कहना है कि सरकार मृतकों के आंकड़े छुपा रही है इसलिए वे चाहते हैं कि सरकार मृतकों की लिस्ट जारी करे। सांसदों ने की मांग है कि सरकार महाकुंभ में मरने वालों की लिस्ट जारी कर दे। इस पर स्पीकर ओम बिरला प्रदर्शनकारी सांसदों पर भड़क गये। उन्होंने कहा कि आपको जनता ने टेबल तोड़ने के लिए नहीं भेजा है। आप पहली बार चुनाकर आये हो। आपको चर्चा के लिए भेजा गया है। इस फटकार के बावजूद दोनों सदनों में विपक्ष के सांसद महाकुंभ भगदड़ पर चर्चा की मांग के लिए अड़े हुए हैं।
सपा का कहना है कि मौत हजारों में हुई है
सपा सांसद राम गोपाल यादव ने सदन में कहा कि 29 जनवरी की घटना प्रशासनिक लापरवाही की वजह से हुई है। सरकार मृतकों की जो संख्या बता रही है, आंकड़े उससे अलग हैं। उन्होंने दावा किया कि मौत हजारों की संख्या में हुई है। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार पर आरोप लगाया कि 29 जनवरी को गंभीर लापरवाही बरती गयी, फिर भी किसी अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है। हम लोग यहां पर आवाज उठाना चाहते हैं तो हमारी नोटिस पर कोई सुनवाई नहीं होती है।
महाकुंभ भगदड़ को लेकर विपक्ष के सांसदों का प्रदर्शन लगातार जारी है। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने अयोध्या में नाबालिग से रेप का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि ये अयोध्या में हुआ, ये यही रामराज्य है। हम दोषियों को जल्द से जल्द सजा देने की मांग करते हैं।
न्यूज डेस्क/ समाचार प्लस – झारखंड-बिहार
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