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MVS Engineering और Tata Steel की अनोखी पहल, झारखंड और ओडिशा के 11 अस्पतालों को मिली Onsight Oxygen Plant की सुविधा

Oxygen Plant

Oxygen Plant: ओडिशा और झारखंड के सुदूर इलाकों में Covid-19 की लड़ाई के साथ-साथ सांस और दिल की बीमारियों से सम्बंधित देखभाल को बेहतर करने की दिशा में MVS Engineering ने टाटा स्टील फाउंडेशन के साथ Mou की है। इस साझेदारी के तहत भारत के अग्रणी Onsight Oxygen उत्पादन समाधान प्रोवाइडर एमवीएस इंजीनियरिंग और Tata Steel Foundation की CSR पहल के अंतर्गत आने वाले 11 अस्पतालों के लिए ऑनसाइट ऑक्सीजन उत्पादन के लिए 11 प्लांट स्थापित किए हैं|

50 nm3/घंटा या 833 LPM आक्सीजन उत्पादन क्षमता हर प्लांट की है और हर प्लांट (Oxygen Plant) अस्पतालों में लगभग 160 से 170 बेड को आक्सीजन मुहैया कराएंगे। 11 अस्पतालों में से 8 अस्पताल ओडिशा में और तीन झारखंड में स्थित हैं। ओडिशा में प्राइवेट और सरकारी स्वामित्व वाले दोनों अस्पतालों को लाभ हुआ है, झारखंड में लाभान्वित होने वाले तीन अस्पताल टाटा ग्रुप के स्वामित्व वाले हैं।

ओडिशा के आठ अस्पतालों के नाम इस प्रकार हैं: फकीर मोहन मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, बालासोर; स्वास्थ्य विभाग, बुद्ध विहार, भद्रक; स्वास्थ्य विभाग (डीएचएच), सरकारी कार्यालय मारवाड़ी पारा झारसुगुड़ा, झारसुगुडा; स्वास्थ्य विभाग (डीएचएच) सोनपुर, सुबरनपुर; राउरकेला सरकार अस्पताल, राउरकेला; सरदार वल्लभभाई पटेल पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ पीडियाट्रिक्स (एसवीपीपीजीआईपी), कटक; महाराजा कृष्ण चंद्र गजपति मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, बरहामपुर, गंजम; और टाटा स्टील अस्पताल, जोडा, केंदुझार। इस पहल के तहत झारखंड के निम्नलिखित अस्पतालों में शामिल हॉस्पिटल टाटा सेंट्रल अस्पताल, रामगढ़; टाटा सेंट्रल अस्पताल, जमाडोबा, धनबाद; और टाटा स्टील अस्पताल, नोवामुंडी, वेस्ट सिंहभूम हैं।

MVS Engineering Pvt Ltd. के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सिद्धार्थ रस्तोगी जी ने कहा, “हमें टाटा स्टील फाउंडेशन के साथ साझेदारी करने और दोनों राज्यों के इन अस्पतालों में ऑनसाइट ऑक्सीजन उत्पादन प्लांट स्थापित करने की बहुत खुशी है। इन प्लांट से इस वंचित क्षेत्र के लोगों को सही मायने में जीवन रक्षक उपकरण और, मेडिकल ऑक्सीजन समय पर मिल सकेगी। कोविड की विनाशकारी दूसरी लहर के दौरान लिक्विड ऑक्सीजन सिलेंडर और टैंक उपलब्धता के साथ-साथ समय पर डिलीवरी की बहुत सारी समस्याएं हुई थी जिसका साक्षी पूरा देश रहा था। ऑक्सीजन की समय पर आपूर्ति में कमी या आपूर्ति में व्यवधान के कारण कई लोगों की जान चली गईं थी। इन ऑनसाइट प्लांट की स्थापना होने से हमें पूरी उम्मीद है कि मरीजों को श्वसन और कार्डियो वैस्कुलर देखभाल में सुधार करते हुए इन स्थानों पर ऐसी त्रासदियों की पुनरावृत्ति की संभावना काफी कम हो जाएगी। दूसरी ओर इस प्रोजेक्ट के सफल कार्यान्वयन से हम आने वाले भविष्य में टाटा स्टील फाउंडेशन के साथ ऐसी कई और साझेदारी करने की भी आशा करते हैं।”

टाटा स्टील फाउंडेशन के कारपोरेट सोशल रिपोंसिबिलीटी चीफ सौरव रॉय ने कहा, “जब हमने समय की मांग और प्रोजेक्ट की संवेदनशीलता को देखते हुए इस सीएसआर पहल के लिए एक साझेदार की तलाश करने का फैसला किया, तो हमें कार्यान्वयन (इंप्लीमेंटेशन) साझेदार चुनने के संबंध में काफ़ी सावधान रहना पड़ा। हालांकि इस क्षेत्र में एमवीएस इंजीनियरिंग के लंबे अनुभव और ट्रैक रिकॉर्ड ने हमारे लिए निर्णय पर पहुंचना आसान बना दिया है। जिस तरह से पूरे प्रोजेक्ट को अंजाम दिया गया, उससे हम बहुत ज्यादा खुश हैं। इसके अलावा प्लांट स्थापित करने के बाद रखरखाव और सर्विस सपोर्ट भी एमवीएस इंजीनियरिंग का बेहतरीन रहा है।”

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