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मुख्यमंत्रियों की भी खैर नहीं! चौटाला ही नहीं कई मुख्यमंत्री खा चुके हैं जेल की हवा, बिहार और झारखंड के 3 CM

Not even the Chief Ministers! Many Chief Ministers have eaten jail air

न्यूज डेस्क/ समाचार प्लस – झारखंड-बिहार

आय से अधिक संपत्ति मामले में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला को दिल्ली की एक अदालत 4 साल की कैद की सजा सुनाई है। दिल्ली की राऊज एवैन्यू कोर्ट ने चौटाला पर 50 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है. कोर्ट ने उनकी चार संपत्तियों को अटैच करने का भी फैसला सुनाया है. सजा के ऐलान के बाद ओपी चौटाला के बेटे अभय चौटाला ने कहा कि वह स्पेशल कोर्ट के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देंगे। ओमप्रकाश चौटाला को 1993 से 2006 तक आय से अधिक संपत्ति हासिल करने के मामले में दोषी ठहराकर 10 साल की सजा सुनाई गयी थी। चौटाला ने अदालत से चिकित्सा बीमारियों और बुढ़ापे का हवाला देते हुए उन्हें न्यूनतम सजा देने का आग्रह किया था।

भारतीय इतिहास में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री एकलौते सीएम नहीं हैं जिन्हें जेल की सजा सुनायी गयी है। देश में कई मुख्यमंत्री पहले भी जेल जा चुके हैं। इनमें दो नाम तो बिहार के मुख्यमंत्रियों के हैं जबकि एक मुख्यमंत्री तो झारखंड के ही हैं। झारखंड के एक और मुख्यमंत्री कथित भ्रष्टाचार के मामले में अदालत के चक्कर लगा रहे हैं। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर भ्रष्टाचार के आरोप झेल रहे हैं। आइये देखते हैं ओमप्रकाश चौटाला समेत कौन-कौन मुख्यमंत्री जेल की हवा खा चुके हैं-

लालू प्रसाद यादव (बिहार)

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद भले इस समय जमानत पर जेल से बाहर है, लेकिन झारखंड के चारा घोटाले में वह सजायाफ्ता हैं। रांची की विशेष सीबीआई अदालत ने राजद सुप्रीमो और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को चारा घोटाले में दोषी पाया जिसके बाद उन्हें पांच साल की जेल की सजा हुई। साथ ही उन पर 5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। लालू प्रसाद यादव समेत 50 लोगों को चारा खरीदने के लिए नकली बिल और वाउचर इस्तेमाल कर कोष से 37 करोड़ रुपये निकालने का दोषी पाया गया। यह तीसरा चारा घोटाला है जिसमें लालू दोषी पाए गए।

जगन्नाथ मिश्रा (बिहार)

बिहार के एक और मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा भी जेल जा चुके हैं। जगन्नाथ मिश्रा चाईबासा कोषागार से 37.7 करोड़ रुपये के घोटाले के मामले में दोषी सिद्ध होने पर जेल जा चुके हैं। वह तीन बार बिहार के मुख्यमंत्री बने। जगन्नाथ मिश्र पहली बार 1975 में बिहार के मुख्यमंत्री बने थे। दूसरी बार वह 1980 में राज्य के मुख्यमंत्री पद संभाला। आखिरी बार वह 1989 से 1990 तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे। जगन्नाथ मिश्रा बिहार में कांग्रेस के आखिरी मुख्यमंत्री रहे।

मधु कोड़ा (झारखंड)

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री निर्दयलीय विधायक रहते हुए कांग्रेस और झामुमो के समर्थन से मुख्यमंत्री बने थे। वह भी ऐसे मुख्यमंत्री रहे जिन्हें जेल जाना पड़ा। 18 सितंबर, 2006 को सिर्फ 35 साल में मुख्यमंत्री बनने वाले मधु कोड़ा पद पर करीब 23 महीने रहे। मधु कोड़ा का बतौर निर्दलीय विधायक इतने लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहना‘लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड’ में दर्ज है।अगस्त, 2008 में  झामुमो के समर्थन वापसी से मधु कोड़ा की कुर्सी छिन गई। फिर घोटाले के मामले में  30 नवंबर, 2009 को ईडी ने कोड़ा को गिरफ्तार कर लिया। तीन साल तक जेल की हवा खानी पड़ी।

ओम प्रकाश चौटाला (हरियाणा)

हरियाणा में वर्ष 1999-2000 में बहुचर्चित शिक्षक भर्ती घोटाला हुआ था। यह घोटाला ओम प्रकाश चौटाला के कार्यकाल में हुआ था। तीन हजार शिक्षकों की अवैध नियुक्ति के मामले में दिल्ली की एक कोर्ट ने जनवरी 2013 में पूर्व सीएम ओम प्रकाश चौटाला, उनके बेटे सहित 53 लोगों को दोषी माना था। चौटाला और उनके बेटे को 10-10 साल जेल की सजा हुई। इसी मामले में दिल्ली की अदालत ने उन्होंने मामले में दोषी करार देते हुए उनकी उम्र को देखते हुए 4 साल की सजा सुनाई।

जयललिता (तमिलनाडु)

जयललिता को आय से अधिक संपत्ति के मामले में दोषी पाए जाने पर जेल की सजा हो चुकी है। कोर्ट ने स्व. जयललिता को चार साल की कैद और 100 करोड़ रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। जिसे जब्त की गई संपत्तियों के खिलाफ सेट किया गया। उनके तीनों सह-आरोपियों को चार-चार साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई गई और प्रत्येक को 10 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया।

बीएस येदियुरप्पा (कर्नाटक)

कर्नाटक में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा को भी जेल जाना पड़ा है। येदियुरप्पा को 15 अक्तूबर, 2011 को गिरफ्तार किया गया था। विशेष लोकायुक्त अदालत ने उन्हें सरकारी भूमि में कथित अनियमितताओं में आरोपी पाया। सीने में दर्द के कारण उन्हें 16 अक्तूबर को अस्पताल भेजा गया। इसके बाद वह 17 तारीख को जेल वापस आ गये और उन्हें उसी शाम दोबारा दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया गया। 25 दिन जेल में बिताने के बाद वह 8 नवंबर, 2011 को रिहा हो गये।

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