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सत्ता के लिए झारखंड कांग्रेस में झकझूमर, बगावत से ‘अंदरूनी आग’ बुझाने का प्रयास

कांग्रेस देश के राजनीतिक फलक से गायब होती जा रही है। आज कई राज्यों में कांग्रेस की सरकार भी नहीं है। कुछ राज्यों में सहयोगियों की बैसाखी पर वह सत्ता सुख तो ले रही है। लेकिन ऐसा लगता है कि सत्ता सुख उसे रास नहीं आ रहा है। आज झारखंड कांग्रेस में अंदरूनी फूट पड़ी हुई है। पार्टी नेता आपसी कलह और बात-बेबात आलाकमान के पास दिल्ली दौड़ में व्यस्त हैं। हो सकता है, इनकी समस्याएं हल हो जायेंगी, लेकिन पार्टी के अस्तित्व एक बड़ा प्रश्न है। कांग्रेस तो लोकतंत्र की भाषा बोलने वाली पार्टी है। लेकिन उसके ही नेता पार्टी के लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाने में व्यस्त हैं। ऐसे में पार्टी का अस्तित्व कैसे बचेगा?
प्रदेश में नहीं बनी बात, तो पहुंचे दिल्ली दरबार
अपनी-अपनी समस्याओं को लेकर नाराज विधायकों और नेताओं ने विवाद को पहले प्रदेश स्तर पर ही हल करने का प्रयास किया। प्रदेश नेतृत्व के साथ बैठकें भी कीं, लेकिन विवाद का कोई हल नहीं निकल सका। इसलिए विवाद को सुलझाने एक बार फिर विधायक और नेता दिल्ली दरबार पहुंच गये। फिलवक्त पार्टी संगठन से नाराज होकर विधायक इरफान अंसारी, प्रदीप यादव, बंधु तिर्की, पूर्णिमा नीरज सिंह, दीपिका सिंह पांडेय और उमा शंकर अकेला दिल्ली दरबार में हैं। इन नेताओं में कोई पार्टी में तरजीह नहीं मिलने को लेकर नाराज है तो, किसी को अपने लिए पार्टी में अहम जिम्मेदारी चाहिए। और तो और किसी को ‘कोई’ पार्टी में रास नहीं आ रहा है। प्रदीप यादव और बंधु तिर्की को पार्टी में अभी तक मान्यता नहीं मिली है। इसके लिए उन्होंने कांग्रेस प्रवक्ता राजीव रंजन से मुलाकात की। दीपिका पांडेय नौकरियों में आरक्षण मुद्दे पर बातचीत करने के लिए दिल्ली पहुंची हैं।
कांग्रेस प्रवक्ता दे रहे सफाई, पार्टी में कोई नाराजगी नहीं
गौरतलब है कि इससे पूर्व भी दिल्ली आलाकमान से मिलने कांग्रेस के विधायक पहुंचे थे जिसके बाद झारखंड की सियासत में चर्चा का का बाजार गर्म था। इस बार इन विधायकों के आलाकमान से मिलने पर कांग्रेस प्रवक्ताओं ने सामान्य मुलाकात बताई है, कांग्रेस प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि आलाकमान के पास विधायक अपनी बात रखते हैं तो इसका मतलब यह नहीं है कि यहां कोई विरोधाभास है। झारखंड कांग्रेस में थोड़ी बहुत नाराजगी है भी तो वह दूर कर ली जायेगी। उन्होंने कहा कि रामेश्वर उरांव का अनुभव पार्टी कार्यकर्ताओं को मिल रहा है… यह लोकतांत्रिक व्यवस्था है और यहां सबको आजादी है…. उन्होंने यह भी कहा- विधायक बड़े नेताओं से मिलने जाते हैं ताकि जनता से उन्होंने जो वादे किये हैं, उन्हें पूरा किया जा सके। हालांकि उन्होंने चिंता भी जताई कि वर्तमान में कोरोना संक्रमण का प्रभाव भी है, फिर भी बेहतर प्रबंधन की वजह से लोगों को सुरक्षा मिल रही है।
झारखंड प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता राजेश गुप्ता ने देश में बढ़ रही महंगाई, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि पर केंद्र को दोषी ठहराया। इस समस्या को लेकर झारखंड में पार्टी साइकिल यात्रा के माध्यम से लड़ाई लड़ रही है।

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