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मर्डर केस का आरोपी गिरफ्तार लेकिन सबूत के साथ बंदर हुआ फरार

Monkey took Evidence: राजस्थान की राजधानी जयपुर (jaipur) जिले की एडीजे कोर्ट-1 में चल रहा सीकर के अजीतगढ़ निवासी शशिकांत शर्मा की हत्या का मामले ने अचानक रोचक मोड़ ले लिया है. मामले में पुलिस ने मर्डर के आरोपी (murder case) को गिरफ्तार किया और सबूत जुटाए लेकिन जब कोर्ट में सबूत पेश करने का समय आया तो पुलिस ने कोर्ट में जो तर्क दिया वो सुनकर हर किसी ने माथा पकड़ लिया.

पुलिस ने कोर्ट में कहा कि मर्डर के सबूत बंदरों (monkeys) ने चुरा लिए. बताया जा रहा है कि हत्या के इस मामले में सबूतों में वह चाकू भी शामिल था जिससे हत्या को अंजाम दिया गया था. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक चंदवाजी थाना इलाके में सितंबर 2014 में शशिकांत की हत्या के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों से चाकू जब्त किया था जिसके बाद ट्रायल के दौरान पुलिस ने कोर्ट को बताया कि चाकू सहित 15 आर्टिकल को बंदर ले गए. कोर्ट के रिपोर्ट मांगने पर जयपुर ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक ने रिपोर्ट लोक अभियोजक रामलाल भामूं को सौंप दी.

रिपोर्ट में कहा गया है कि हत्या में इस्तेमाल किए गए चाकू व अन्य साक्ष्यों को बंदर के ले जाने में तत्कालीन मालखाना इंचार्ज हनुमान सहाय यादव की लापरवाही सामने आई है लेकिन रिटायर होने के बाद अप्रैल 2021 में उनकी भी मौत हो चुकी है. लोक अभियोजक ने कोर्ट से अपील करते हुए कहा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए कि कौन से बंदर सबूतों को लेकर गए हैं जिसके बाद कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए शुक्रवार का दिन तय किया है.

2016 में हुई थी हत्या

बता दें कि मामला है राजस्थान के जयपुर की निचली अदालत का है जहां पुलिस के मुताबिक मामला सितंबर 2016 का है. हत्या के दौरान चांदवाजी पुलिस थाने के अंर्तगत आने वाले एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर शशिकांत शर्मा के व्यक्ति की मौत हो गई थी जिसका शव मिलने के बाद मृतक के परिचितों और रिश्तेदारों ने मामले की जांच के लिए जयपुर-दिल्ली हाईवे जाम कर दिया था.

वहीं इस मामले में 5 दिन बाद पुलिस ने चांदवाजी के रहने वाले राहुल कंदेरा और मोहनलाल कंदेरा को पकड़ा था जिन्हें हत्या के आरोप में अतिरिक्त जिला जज की कोर्ट में पेश किया गया.

पेड़ के नीचे से सबूतों का बैग गायब !

पुलिस ने कोर्ट को बतााय कि इस मामले से जुड़े सभी सबूत पुलिस एक बैग में रखकर कोर्ट ले जा रही थी. वहीं बैग में हत्या में इस्तेमाल चाकू के साथ-साथ 15 अन्य अहम सबूत भी रखे हुए थे लेकिन मालखाना में जगह न होने के चलते पुलिस ने सबूतों से भरा बैग एक पेड़ के नीचे रख दिया जिसके बाद वहां से पुलिस के मुताबिक वह बैग बंदर उठा कर ले गए. गौरतलब है कि पुलिस ने यह बात कोर्ट में लिखित रूप में देते हुए कबूल की है.

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