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Mob Lynching: झारखंड के सिमडेगा में गुस्साई भीड़ ने युवक को जिंदा जलाया, पुलिस को गांव में घुसने से रोका

Mob Lynching

सिमडेगा से शंभू कुमार सिंह की रिपोर्ट

Mob Lynching: सिमडेगा जिले के कोलेबिरा थाना क्षेत्र अंतर्गत बंदरचुंवा पंचायत के बेसराजारा गांव में ग्रामीणों ने लकड़ी चोरी के आरोप में एक युवक को जिंदा जलाकर मार डालने का मामला सामने आया है. उत्तेजित ग्रामीणों की भीड़ ने एक युवक की बुरी तरह पिटाई करने के बाद उसे जिंदा जला डाला. मारे गए युवक का नाम संजू प्रधान है, वो इसी इलाके का रहने वाला था. वारदात का अंजाम देने वाले ग्रामीण इतने गुस्से में थे कि उन्होंने लगभग एक घंटे तक पुलिस को भी गांव के भीतर प्रवेश नहीं करने दिया गया. बाद में जब तीन-चार थाना क्षेत्रों से फोर्स पहुंची, तब पुलिस घटनास्थल पर पहुंच सकी.

पुलिस ने बरामद किया अधजला शव

पुलिस जब मौके पर पहुंची तो फायर ब्रिगेड की सहायता से आग बुझाकर युवक का अधजला शव बरामद किया, जिसे पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा जा रहा है. पुलिस ने बताया कि घटना को उत्तेजित भीड़ की तरफ से अंजाम दिया गया है. घटना के पीछे की वजहें क्या हैं, इसकी जांच की जा रही है.

परिजन लगाते रहे गुहार, ग्रामीणों का दिल नहीं पसीजा 

परिजन के द्वारा बार-बार संजू को छोड़ने की गुहार लगाई गई, किंतु वे नहीं माने. इधर घटना की जानकारी कोलेबिरा पुलिस को मिलने पर कोलेबिरा पुलिस दलबल के साथ घटनास्थल पहुंची. अधजली शव को अग्निशामक वाहन से बुझाते हुए शव को अपने कब्जे में लिया और अंत्यपरीक्षण के लिए सिमडेगा भेज दिया. वहीं घटना के बाद गांव व परिजनों में दहशत का माहौल है.घटना के बाद माहोल को देखते हुए पुलिस कैंप की हुई है.

पेड़ काटने से थे नाराज

सूत्रों की मानें  तो गांव के लोग जंगल से पेड़ों की कटाई करने के कारण संजू प्रधान नाम के युवक से नाराज थे. उसे कई बार पेड़ों की कटाई के लिए मना किया गया था. बताया जा रहा है कि उसके बारे में वन विभाग से भी शिकायत की गई थी. मंगलवार दोपहर कुछ ग्रामीणों ने संजू प्रधान को पकड़कर उसकी पिटाई शुरू कर दी, जिसके बाद मौके पर भारी संख्या में लोग जुट गए. बुरी तरह पिटाई के बाद कुछ लोगों ने संजू को पकड़कर उसे कपड़ों में आग लगा दी.

पुलिस को गांव में नहीं घुसने दिया गया

घटना की खबर मिलते ही पुलिस घटनास्थल के लिए रवाना हुई, लेकिन लाठी-डंडों से लैस ग्रामीणों ने पुलिस को गांव में दाखिल नहीं होने दिया. बाद में आसपास के तीन चार थानों से अतिरिक्त फोर्स भेजी गई, तब ग्रामीण पीछे हटे. सिमडेगा जिले के एसपी के आदेश पर गांव में मुख्यालय से फोर्स भेजी गई है. पूरे इलाके का माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है. पुलिस का कहना है कि मामले की जांच के बाद एफआईआर दर्ज की जाएगी.

राज्य में एंटी मॉब लिंचिंग बिल पारित

बता दें कि, झारखंड विधानसभा ने बीते दिसंबर में ही राज्य में एंटी मॉब लिंचिंग बिल पारित किया है, जिसमें ऐसी घटना को अंजाम देने का आरोप सिद्ध होने पर दोषियों को आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है. मॉब लिंचिंग की घटनाओं को लेकर झारखंड पहले भी चर्चा में रहा है.

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