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Maternity Leave: कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाली महिला टीचर भी मातृत्व अवकाश की हकदार, नौकरी से अब नहीं निकाली जाएंगीं

Women teachers working on contract are also entitled to maternity leave

दिल्ली स्कूल न्यायाधिकरण (DST) ने मातृत्व अवकाश (Maternity Leave) पर जाने की वजह से कॉन्ट्रैक्ट पर कार्य करने वाली शिक्षिका को नौकरी से निकाले जाने के एक निजी स्कूल के आदेश को रद्द करते हुए फैसला दिया है कि मातृत्व अवकाश (Maternity Leave) लेने पर निजी स्कूल कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाली शिक्षिका को नौकरी से नहीं निकाल सकते। न्यायाधिकरण के पीठासीन अधिकारी ने स्कूल प्रबंधन को शिक्षिका को सभी लाभ के साथ दोबारा से बहाल करने का भी आदेश दे दिया है।

आकांक्षा सिंह की और से दी गई थी चुनौती

ट्रिब्यूनल ने आकांक्षा सिंह की ओर से अधिवक्ता अनुज अग्रवाल के माध्यम से दाखिल याचिका का निपटारा करते हुए यह फैसला दिया है। उन्होंने याचिका में स्कूल प्रबंधन द्वारा मातृत्व अवकाश पर जाने के चलते नौकरी से निकाले जाने के 16 दिसंबर, 2018 के फैसले को चुनौती दी थी। न्यायाधिकरण ने स्कूल प्रबंधन की उन दलीलों को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि याचिकाकर्ता अनुबंध कर कार्यरत थी और नियुक्ति की शर्तों में मातृत्व अवकाश का जिक्र नहीं था।

मातृत्व अवकाश देने से इनकार करना वैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन -डीएसटी

ट्रिब्यूनल ने अपने आदेश में कहा है कि मातृत्व अवकाश देने से इनकार करना वैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन है और स्कूल को ऐसा करने की इजाजत नहीं दी जा सकती है। न्यायाधिकरण ने कानूनी प्रावधानों, पूर्व के फैसलों और दिल्ली सरकार की दलीलों को स्वीकार करते हुए यह फैसला दिया है। न्यायाधिकरण ने मॉडर्न स्कूल, वसंत विहार को चार सप्ताह के भीतर याचिकाकर्ता को दोबारा से बहाल करने और सभी लाभ देने का आदेश दिया है।

‘मौखिक तौर पर नौकरी से निकाले जाने की सूचना दी गई थी’

नौकरी से निकाले जाने को न्यायाधिकरण में चुनौती देते हुए आकांक्षा सिंह ने याचिका में कहा कि उन्होंने 1 जुलाई 2013 को मॉडर्न स्कूल वसंत विहार में प्राइमरी टीचर के रूप में सेवा शुरू की। उनकी नियुक्ति की अवधि बढ़ाने के लिए कई बार स्कूल प्रबंधन की ओर से पत्र जारी किया गया था। सिंह की ओर से वकील अनुज अग्रवाल ने याचिका में कहा कि उनकी मुवक्किल 15 नवंबर, 2018 से 15 दिसंबर, 2018 तक मातृत्व अवकाश पर रहीं और जब अगले दिन स्कूल गईं तो उन्हें मौखिक तौर पर नौकरी से निकाले जाने की सूचना दी गई।

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