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Mann Ki Baat: सत्ता में रहना लक्ष्य नहीं, मेरा लक्ष्य लोगों की सेवा करना है – प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

Man Ki Baat

न्यूज डेस्क/ समाचार प्लस – झारखंड-बिहार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के 83वें संस्करण में देश को सम्बोधित किया। उन्होंने भावुक होकर कहा कि देश की सेवा को ही उन्होंने अपना लक्ष्य बनाया है। सत्ता में रहना मेरा लक्ष्य नहीं है, मेरा लक्ष्य तो लोगों की सेवा करना है। इसलिए सरकार के प्रयासों और योजनाओं से लोगों की बदलती जिंदगी को अनुभव करता हूं तो उन्हें संतुष्टि मिलती है। सरकार लोगों के लिए जो योजनाएं लाती है,  लोग उससे प्रेरणा ले रहे यह सुनते ही मन संवेदनाओं से भर जाता है। यह मन को संतुष्टि भी देता है, फिर और योजनाओं को लोगों तक ले जाने की प्रेरणा भी देता है।

आस्ट्रेलियन ‘मीरा’ ने आस्ट्रेलिया में खड़ा कर दिया वृंदावन – पीएम

प्रधानमंत्री मोदी ने इस संस्करण में वृंदावन का विशेष जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वृंदावन ने दुनिया भर के लोगों को अपनी तरफ आकर्षित किया है। इसकी छाप दुनिया के कोने-कोने में मिल जाएगी। पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में एक शहर है, पर्थ। पर्थ में एक ‘Sacred India Gallery’ नाम से एक art gallery भी है। यह gallery Swan Valley के एक खूबसूरत क्षेत्र में बनाई गई है। यह ऑस्ट्रेलिया की एक निवासी जगत्तारिणी दासी के प्रयासों का नतीजा है। जगत्तारिणी वैसे तो हैं ऑस्ट्रेलियन, लेकिन 13 साल से भी अधिक समय, वृन्दावन में आकर उन्होंने बिताया। वह ऑस्ट्रेलिया लौट तो गईं, लेकिन वृन्दावन को कभी भूल नहीं पाईं। इसलिए उन्होंने वृंदावन और उसका आध्यात्मिक भाव से जुड़े रहने के लिए ऑस्ट्रेलिया में ही वृन्दावन खड़ा कर दिया। अपनी कला को ही एक माध्यम बना करके एक अद्भुत वृन्दावन उन्होंने बना लिया। यहां आने वाले लोगों को कई तरह की कलाकृतियों को देखने का अवसर मिलता है। उन्हें भारत के सर्वाधिक प्रसिद्ध तीर्थस्थलों- वृंदावन, नवाद्वीप और जगन्नाथपुरी की परंपरा और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। यहां पर भगवान कृष्ण के जीवन से जुड़ी कई कलाकृतियां भी प्रदर्शित की गयी हैं।

‘सबका साथ, सबका विकास’ की मिसाल बना जालौन – पीएम

पीएम मोदी ने कार्यक्रम में जालौन के लोगों के संकल्प की सराहना की। उन्होंने कहा कि जालौन में एक नदी थी जिसे नून नदी कहा जाता था। धीरे-धीरे नदी विलुप्त होने के कगार पर आ गयी। इससे क्षेत्र के किसानों के सामने संकट खड़ा हो गया। फिर जालौन के लोग संकल्प के साथ उठ खड़े हुए। एक कमेटी बनाई और नदी को पुनर्जीवित कर दिया। यह ‘सबका साथ, सबका विकास’ का बेहतरीन उदाहरण है। बता दें, पीएम मोदी ने प्रकृति के संरक्षण के महत्व पर जोर दिया था। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान कहा कि जब हम प्रकृति का संरक्षण करते हैं, तो यह हमें बदले में जीविका और सुरक्षा प्रदान करती है।

सुरक्षा बलों को भी याद करें – पीएम

मन की बात कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा कि दिसंबर महीने में देश ‘नौसेना दिवस’ और ‘सशस्त्र सेना झंडा दिवस’ मनाने वाला है। 16 दिसंबर को देश 1971 के युद्ध का स्वर्ण जयंती वर्ष भी मना रहा है। इन सभी मौकों पर देश के सुरक्षा बलों को याद करता हूं, हमारे वीरों को याद करता हूं।

पीएम मोदी ने कार्यक्रम के अंत में आने वाले साल को याद किया। लोगों से कहा- नये साल में आप क्या कुछ करने वाले हैं, ये जरूर बताइए। परन्तु यह नहीं भूलें कि कोरोना अभी गया नहीं है।

यह भी पढ़ें: Voting: धीरे-धीरे पुरुषों से आगे निकल गयीं महिलाएं, 1971 के मुकाबले 235% बढ़ीं महिला मतदाता

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