समाचार प्लस
Breaking झारखण्ड देश फीचर्ड न्यूज़ स्लाइडर

Makar Sankranti: 14 या 15 जनवरी कब मनाई जाएगी मकर संक्रांति? क्या कहते हैं ज्योतिषी

Makar Sankranti

न्यूज डेस्क/ समाचार प्लस – झारखंड-बिहार

मकर संक्राति एक प्रमुख खगोलीय और ज्यातिषीय घटना है। सूर्य इसी दिन दक्षिणायन से उत्तरायण होते हैं। दरअसल, सूर्य के धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करने की घटना को ही मकर संक्रांति कहा जाता है। मकर संक्रांति के दिन सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण होते हैं। इसी दिन खरमास की समाप्ति भी होती है। पुत्र के कल्याण हेतु शनि प्रदोष व्रत भी इसी दिन होगा।

बहुधा यह दुविधा रहती है कि मकर संक्रांति कब है। यह दुविधा के कारण अलग-अलग होते हैं। अलग-अलग पंचांगों में गणना का आधार अलग होता है। क्योंकि ये पंचांग स्थान आधारित होते हैं। जिसके कारण गणना का आधार बदल जाता है। मुहूर्त चिंतामणि के अनुसार मकर संक्रांति का पुण्यकाल मुहूर्त सूर्य के संक्रांति समय से 16 घटी पहले और 16 घटी बाद का होता है। इस बार पुण्यकाल 14 जनवरी को सुबह 7 बजकर 15 मिनट से शुरू हो जाएगा, जो शाम को 5 बजकर 44 मिनट तक रहेगा। वहीं स्थिर लग्न को समझें तो महापुण्य काल मुहूर्त 9 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक रहेगा। इसके बाद दोपहर 1 बजकर 32 मिनट से 3 बजकर 28 मिनट तक रहेगा। इसके अनुसार भी मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनायी जायेगी।

दृक पंचांग दिल्ली को आधार मानकर तैयार किया जाता है। इसके अनुसार इस साल की मकर संक्रांति का पुण्य काल 14 जनवरी को दोपहर 02 बजकर 43 मिनट से शुरू हो रहा है और यह शाम 05 बजकर 45 मिनट तक है। ऐसे में सूर्य देव का मकर राशि में प्रवेश दोपहर 02 बजकर 43 मिनट पर ही हो रहा है। इस आधार पर मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनानी चाहिए।

स्थान आधारित अलग-अलग पंचांगों के कारण पुण्य काल भी अलग-अलग प्राप्त होता है। हालांकि ज्योतिषाचार्य दोनों ही दिनों को ठीक बताते हैं। उस आधार पर 14 जनवरी या 15 जनवरी में से किसी भी दिन मकर संक्रांति मना सकते हैं। ज्यादा बेहतर है कि हम स्थान आधारित पंचांग का अनुसरण करें।

झारखंड की बात करें तो इस क्षेत्र पर काशी पंचांग का प्रभाव रहता है। काशी के ज्योतिषियों के अनुसार 14 जनवरी दिन शुक्रवार की रात 8:49 बजे सूर्य मकर राशि में प्रवेश कर रहा है, इसलिए मकर संक्रांति का पुण्य काल 15 जनवरी दिन शनिवार को दोपहर 12:49 बजे तक रहेगा। इस स्थिति में मकर संक्रांति 15 जनवरी को मनाई जाएगी। 15 जनवरी को ही स्नान-ध्यान, दान-पुण्य आदि करना अच्छा रहेगा। 15 जनवरी को सूर्योदय के पश्चात मकर संक्रांति व खिचड़ी पर्व मनाने का योग बन रहा है। इस दिन स्नान, ध्यान व दानपुण्य करने से अश्वमेघ यज्ञ के बराबर फल की प्राप्ति होती है।

यह भी पढ़ें: Jharkhand High Court News: निगम के नोटिस को हाईकोर्ट ने किया निरस्त, मकानों को तोड़ने के आदेश के पर लगायी रोक

Related posts

कौन बनेगा झारखंड यूथ कांग्रेस सिरमौर, अध्यक्ष कुमार गौरव फिर बनेंगे अध्यक्ष या अभिजीत को मिलेगा ताज!

Pramod Kumar

Reliance Retail ने Just Dial में हिस्सा खरीदा, इतने में हुई डील

Manoj Singh

Tadap Box Office Collection Day 2: Ahan Shetty और Tara की लवस्टोरी ‘तड़प’ ने दूसरे दिन भी दिखाया दम

Manoj Singh