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Liz Truss ने ब्रिटिश प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दिया, 45 दिन में ही क्यों छोड़नी पड़ी कुर्सी?

image source : social media

ब्रिटेन की प्रधानमंत्री लिज ट्रस (Liz Truss)  ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। उनका कार्यकाल सिर्फ 45 दिन का रहा है। लंबे समय से कयास लग रहे थे कि उनका इस्तीफा होने वाला है।  ट्रस ने पद संभालने के सिर्फ 45 दिनों के बाद इस्तीफा दिया। सरकार से एक वरिष्ठ मंत्री के इस्तीफे और संसद के निचले सदन में सदस्यों द्वारा जमकर आलोचना के बाद  गुरुवार को ट्रस ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

“मैं मानती हूं कि मैंने अपने वादे पूरे नही किए”

अपने पीएम आवास दफ्तर 10 डाउनिंग स्ट्रीट के दरवाजे के बाहर बोलते हुए, ट्रस (Liz Truss) ने स्वीकार किया कि जब वह कंजर्वेटिव नेता के लिए रेस में थीं, तब उन्होंने जो वादे किए वे पूरा नहीं कर पाईं और उन्होंने अपनी पार्टी का विश्वास खो दिया। उन्होंने कहा, “मैं मानती हूं कि मैंने अपने वादे पूरे नही किए। स्थिति को देखते हुए, मैं वह जनादेश नहीं दे सकी जिस पर मुझे कंजर्वेटिव पार्टी द्वारा चुना गया था। इसलिए मैंने महामहिम राजा को संदेश भिजवाया कि मैं कंजर्वेटिव पार्टी के नेता के रूप में इस्तीफा दे रही हूं।”

ब्रिटेन की सबसे कम समय तक पीएम रहने वाली शख्स का रिकार्ड 

ट्रस अपने इस्तीफे के बाद ब्रिटेन की सबसे कम समय तक पीएम रहने वाली शख्स बनी हैं। ट्रस अब ब्रिटेन के इतिहास में सबसे कम समय तक सेवा देने वाली प्रधानमंत्री हैं।

आर्थिक उथल-पुथल से उत्पान हुआ राजनीतिक संकट

ट्रस सरकार महंगाई पर काबू पाने में  पूरी तरह विफल रहीं। ट्रस के वादों को लागू करने के कोशिश करने वाले वित्त मंत्री क्वासी क्वार्टेंग को इस्तीफा देना पड़ा। क्वार्टेंग के फैसलों की वजह से पटरी से उतरी अर्थव्यवस्था और लगातार हो रही आलोचना के बीच नए वित्त मंत्री जेरमी हंट ने क्वार्टेंग के लगभग सभी फैसलों को पलट दिया। इसके बाद भी ट्रस सरकार पर से दबाव कम नहीं हुआ। उनकी अपनी पार्टी के सांसद भी उनके खिलाफ हो गए। पिछले महीने सरकार ने एक आर्थिक योजना पेश की थी, जिसके असफल होने के कारण आर्थिक उथल-पुथल और राजनीतिक संकट पैदा हो गया। इसके बाद ट्रस को वित्त मंत्री बदलने के अलावा अपनी कई नीतियों को भी उलटना पड़ा था। साथ ही उनके कार्यकाल के दौरान सत्तारूढ़ कन्जरवेटिव पार्टी में अनुशासनहीनता भी देखने को मिली। कन्जरवेटिव पार्टी के कई नेता कह रहे थे कि ट्रस को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। लंबे दबाव के बाद ट्रस ने पद छोड़ दिया। इससे पहले कन्जरवेटिव पार्टी के सांसद साइमन होरे ने कहा था कि सरकार अव्यवस्थित हो गई है।

जनमत सर्वेक्षणों में लेबर पार्टी को बड़ी बढ़त 

वित्त मंत्री के फैसलों का बाजार पर बेहद प्रतिकूल असर पड़ा। स्थानीय मुद्रा और कमजोर होने लगी। हालात ऐसे हो गए कि ब्रिटेन के केंद्रीय बैंक, बैंक ऑफ इंग्लैंड को ऋण बाजार में हस्तक्षेप करने के लिए मजबूर होना पड़ा। कहा गया कि सरकार ने विशेषज्ञों की राय की अनदेखी की। यहां तक की मिनी बजट की घोषणा से ठीक पहले क्वार्टेंग ने अपने विभाग के अहम अधिकारियों हटा दिया। देश विदेश में हो रही आलोचना के बीच ट्रस की कंजर्वेटिव पार्टी में भी विरोध शुरू हो गया। इसके बाद ट्रस को ये फैसला लेना पड़ा।

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