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भू-माफियाओं ने फर्जी दस्तावेज के सहारे हिंडाल्को को बेच दी किसानों की सैकड़ों एकड़ जमीन

भू-माफियाओं ने फर्जी दस्तावेज के सहारे हिंडाल्को को बेच दी किसानों की सैकड़ों एकड़ जमीन

न्यूज़ डेस्क/ समाचार प्लस झारखंड – बिहार

गढ़वा जिले में भू-माफियाओं ने किसानों की जमीन के साथ बड़ा खेल कर दिया है। गढ़वा जिले में भू-माफियाओं ने फर्जी कागजात बनवा कर एक गांव को ही बड़ी कंपनी के हाथों बेच दिया जिसका पता रैयतों को ही नहीं चला। भू-माफियाओं ने 117 एकड़ जमीन बेच दी। जबकि झारखंड सरकार का सख्त निर्देश है कि किसी भी कीमत में आदिवासियों की जमीन नहीं बिकनी चाहिए।

जिले के रंका प्रखंड में आने वाले अनहर गांव की जमीन हिंडाल्‍को इंडस्‍ट्रीज लिमिटेड और रामेश्‍वर जूट मिल्‍स लिमिटेड के हाथों बेच दी गई। लैंड माफिया ने फर्जी कागजात बनवा कर इस कांड को अंजाम दिया। हैरानी की बात यह है कि न तो कंपनियों के प्रतिनिधियों और न ही सरकार को इस धोखाधड़ी के बारे में पता चल सका।

आदिवासी बहुल इलाका है अनहर गांव 

रंका प्रखण्ड के सुदूरवर्ती गांव का अनहर गांव आदिवासी बहुल इलाका है।  खुलासा तब हुआ जब गांव का चौकीदार म्यूटेशन कराने के लिए गांव में इस्तेहार लेकर आया, जिसके बाद गांव के ग्रामीणों के पैरों तले जमीन खिसक गई, क्योंकि यह इस्तेहार उनके घर और जमीन का था,  जिसे गांव के ही कुछ लोगों ने मिलकर बेच दिया था। दोनों समाज के कुल 117.39 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री हुई है।

सभी 117 एकड़ जमीन तीन अलग-अलग नाम से रजिस्ट्री के जरिये बेची गई

जब रंका अंचल कार्यालय से नामांतरण के लिए इश्तेहार निकला, तब सब को इस बात की जानकारी हुई. जिन दो कंपनियों को जमीन बेची गई है उसमें हिंडाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड एवं रामेश्वर जूट मिल लिमिटेड के नाम से केवाला किया गया है। आदिम जनजाति की जमीन हिंडाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड चंदवा को बेची गई है। वहीं यादव जाति की जमीन  रामेश्वर जूट मिल लिमिटेड ब्राईबुरु टाटिया भाया बड़ाजामदा पश्चिमी सिंहभूम को वर्ष 2013-14 में ही बेच दी गई है। सभी 117 एकड़ जमीन तीन अलग-अलग नाम से रजिस्ट्री के जरिये बेची गई है जिसमें आदिम जनजाति परिवार से आने वाले महावीर कोरबा, शिवनारायण, उमेश, सोमारू और सुहैल की 32 एकड़ जमीन और सीता देवी, श्यामसुन्दर यादव, रामनाथ यादव, विनोद यादव व सूर्यदेव ग्राम सपही रमना, ने हिंडाल्को इंडस्ट्रीज चंदवा को बेची है।

इनकी जमीन बेच दी गयी

वहीं यादव जाति की जमीन को रामेश्वर जूट मिल ने खरीदी है जिसमें बुधु यादव, जगदीश, नान्हूक यादव, की 44 एकड़ जमीन तथा छत्रधारी यादव, काशी यादव, सत्यनारायण यादव की जमीन को नवल किशोर गुप्ता, वसुंधरा नगर उंटारी ने बेच दिया है। ग्रामीणों ने इसे लेकर कड़ा विरोध जताया है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि बेची गई जमीन में सरकारी विद्यालय भी सम्मलित है।
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