समाचार प्लस
Breaking अपराध झारखण्ड फीचर्ड न्यूज़ स्लाइडर

जन्मदिन विशेष: बिहार की सियासत में आज भी जिंदा हैं लालू

lalu birthday is celebrated in bihar and patna

बिहार ब्यूरो हेड एस के राजीव की रिपोर्ट 

बिहार के गोपालगंज की धूसर मिट्टी सेनिकल बिहार की सियासत के डीएनए को बदल देने वाले लालू प्रसाद यादव का आज 75 वां जन्मदिन है। ये बात अलग है कि लालू आज चारा घोटाले में सजायाफ्ता होने के बाद रांची जेल से बाहर निकल अपने अतीत कोयाद कर ठंडी आहें भर रहे हों लेकिन बिहार की सियासत और एक खास वर्ग के लोगों मेंआज भी लालू वहीं हैं जहां वो 1990 केदशक में हुआ करते थे.

लालू उर्फ लालू प्रसाद यादव, बिहार नहीं देश की राजनीति का वोचेहरा जिसने 1990 केदशक में सियासत की एक नई पटकथा लिखने का काम किया। लालू मूल रूप से गोपालगंज केरहने वाले हैं और गरीबी इतनी देखी की गरीबों को राज दिलाने के लिये राजनीति कासहारा लिया। राजनीति में जाति पाति की पटकथा लिखने वाले लालू एक ऐसे नेता बनेजिसने बिहार के एक खास वर्ग को उसकी अलग पहचान दिलाई तो दूसरी तरफ शोषितों औरवंचितों को यह समझाने में भी सफल रहे कि जिसकी जितनी हिस्सेदारी होगी उसकी उतनी हीभागीदारी भी होगी। लालू के जन्मदिन पर सत्ता भी उनके लिये दुआयें तो मांगता हैलेकिन अपने अंदाज में.

1990 केपहले कांग्रेस सत्ता में रही है जिसमें पार्टी नेतृत्व मुख्यमंत्री का चयन करता थालेकिन लालू ने संघर्ष से निकल मुख्यमंत्री बन इस तिलिस्म कोतोडा की कोई संघर्षशील व्यक्ति भी सत्ता के सर्वोच्च शिखर पर बैठ सकता है।  जब कांग्रेस की सरकारको बिहार में सत्ता से हटाने के लिये लालू मैदान में आये तो उन्होंने सबसे पहलेसवर्णों के विरोध को ही मुख्य चुनावी मुद्दा बनाया और पिछड़ा अति पिछड़ों को यहबताने की कोशिश की कि सवर्ण सत्ता से लेकर सरकारी नौकरी तक में उनके अधिकार कीहकमारी कर बैठे हैं फिर क्या था लालू बिहार में ऐसी बादशाहत कायम की जिसका सिक्काआज भी चलता आ रहा है। 1990 मेंही तत्कालीन प्रधानमंत्री वीपी सिंह से आरक्षण बिल पास करवाकर लालू ने देश मेंगरीबों के लिये एक ऐसा पौध लगा दिया जिसकी फसल आज भी पिछड़े काटकर खा रहे हैं।राजदलालू को वर्तमान राजनीति से भी जोङ कर देखता है तो कांग्रेस भी लालू के जन्मदिनपर उन्हें बधाई देते है.

लालू देश के इतिहास में पहले ऐसे मुख्यमंत्री बने जोरिक्शे पर चलकर तो कभी खुद साइकिल पर सवार होकर बिहार विधानसभा पहुंचे तो कभी एकअणे मार्ग के सीएम हाउस में बैगन तोडते हुये आईएएस और आईपीएस की मीटिंग करते रहे।चुनावी दौर में लालू कभी दियारा में हेलीकॉप्टर उतार चरवाहों को हेलीकॉप्टर परबैठा तो कभी खुद भैंस की पीठ पर बैठकर एक खास जाति के लोगों को अपने वोट बैंक मेंकन्वर्ट किया तो कभी आईएएस को नौकर कहकर जनता को यह संदेश देने की कोशिश कीलोकतंत्र में जनता ही मालिक है।राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं की लालू कल भी थे औरजब तक राजनीति रहेगी लालू जिंदा रहेंगे.

लालू ने राजनीति में वो किया जो शायद कभी किसी नेनहीं सोचा होगा। लालू बिहार की राजनीति के वो न्यूटन रहे जिसने पॉलिटिक्स केनियमों को खुद बनाया और खुद तोडा भी । आज देश में नीतीश से लेकर मोदी तक महिलासशक्तिकरण की बात कर रहे हों लेकिन लालू ने आज से 20साल पहले अचानक पत्थर तोड़ने वाली भगवतिया देवी को संसद भेजमहिला सशक्तिकरण की नींव रख दी थी तो कपड़े धोने वाली मुन्नी देवी को विधान परिषदपहुंचा कर यह बता दिया की उम्र के 75 वें पड़ाव पर भी लालू का मिजाज नहीं बदला हैतभी तो बिहार की सियासत में आज भी जिंदा है लालू.

समाचार प्लस की पूरी टीम कीतरफ से लालू प्रसाद को उनके 75 वेंजन्मदिन पर ढेरों बधाइयां

इसे भी पढें: Jharkhand: ‘भारत बंद’ के एक Fake वायरल मैसेज से सुलगी आग रांची भी पहुंची, उपद्रवियों ने मेन रोड में मचाया उत्पात

Lalu Birthday Lalu Birthday Lalu Birthday

Related posts

Tokyo Olympics : दीपिका से पदकों की एक उम्मीद खत्म, तीरंदाजी के मिक्स्ड डबल में हारी भारतीय जोड़ी

Pramod Kumar

भारतीय वैक्सीन का दुनिया भर में डंका, कोविशील्ड और कोवैक्सीन को 96 देशों ने दी मान्यता

Pramod Kumar

राज्य में उत्खनन कार्य में 75% मानव बल झारखंड के होने चाहिए – CM Hemant Soren

Sumeet Roy