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खूंटी: अबुआ बुगिन स्वास्थ्य कार्यक्रम में बोले राज्यपाल रमेश बैस, हानिकारक व्यसनों के सेवन से परहेज करे जनजातीय समाज

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खूंटी में जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा “अबुआ बुगिन स्वास्थ्य” (हमारा बेहतर स्वास्थ्य) कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित “स्वास्थ्य मेला” के अवसर पर jharkhand के राज्यपाल रमेश बैस राज्यपाल ने संबोधित किया। इस मौके पर उन्होंने कहा किजनजातीय समुदाय का गौरवशाली इतिहास रहा है। अति प्राचीन काल से ही जनजाति समुदाय भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति के अभिन्न अंग रहे हैं तथा इनकी विश्वस्तरीय पहचान रही है। देश की आजादी में हमारे जनजातीय समुदाय के लोगों का अविस्मरणीय योगदान है।

स्वतंत्रता आन्दोलन में यहां के विभूतियों ने अपना योगदान दिया

झारखण्ड को वीरों की भूमि बताते हुए उन्होंने कहा कि देश की स्वतंत्रता आन्दोलन का एक लम्बा इतिहास रहा है जिसमें यहाँ के बहुत से विभूतियों ने अपना योगदान दिया है। लोगों को इन महानायकों की गाथा व उनके योगदानों के बारे में जानना चाहिए।

 ‘स्वतन्त्रता आंदोलन में महानायकों के योगदान से युवाओं को अवगत कराएं’

उन्होंने कहा कि हम सभी को अपनी युवा पीढ़ी, बच्चों को अपने स्वतन्त्रता आंदोलन के महानायकों के योगदान से अवगत कराना बहुत जरूरी है। उन्हों कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा इस दिशा में “आजादी का अमृत महोत्सव” मनाने का निर्णय लिया गया और वर्तमान में पूरे भारतवर्ष में उत्साह व उमंग के साथ आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। आज़ादी का अमृत महोत्सव का अर्थ है, आज़ादी के उपरांत उपलब्धियों के अमृत का आनन्द, आगामी योजनाओं के संकल्प को पूर्ण करने के जोश व जज्बे का अमृत, आज़ादी की ऊर्जा का अमृत, स्वतंत्रता सेनानियों की प्रेरणा का अमृत, नए विचारों का अमृत, नए संकल्पों एवं परिकल्पनाओं का अमृत, आत्मनिर्भरता का अमृत।

“स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास”

राज्यपाल ने स्वास्थ्य के प्रति लोगों को जगरूक करते हुए कहा कि लोगों के बेहतर स्वास्थ्य के प्रति प्रतिबद्धता होनी चाहिए। उन्होंने कहा गया है कि- स्वास्थ्य ही धन है और स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है। कहा जाए तो बेहतर स्वास्थ्य ही सभी व्यक्तियों के लिए सच्चे सुख का आधार है। ऐसे में, जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जनजातीय बहुल इस क्षेत्र में “स्वास्थ्य मेला” का आयोजन एक अत्यंत सराहनीय प्रयास है।

“आधुनिक चिकित्सा संसाधनों को और बेहतर बनाने की जरूरत”

उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज का रहन-सहन प्रकृति के साथ होता है, लेकिन बदलते परिवेश व वातावरण एवं भोजन में मिलावटों के कारण कई स्वास्थ्य संबंधी विकार आ गये हैं। इनके निवास क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य संरचना व आधुनिक चिकित्सा संसाधनों को और बेहतर बनाने की जरूरत है।

“बेहतर रूप से परीक्षण दिया जाएगा”

राज्यपाल ने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि आज यहाँ आयोजित इस स्वास्थ्य मेला में चिकित्सकों द्वारा लोगों के स्वास्थ्य का बेहतर रूप से परीक्षण दिया जाएगा। उसके बाद उचित परामर्श दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि इस निःशुल्क सेवा से लोग अपनी बीमारियों का ससमय उपचार करा सकेंगे। राज्यपाल ने आगे कहा कि मरीजों को निःशुल्क औषधि भी दी जायेगी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मेला के आयोजन से मन की बहुत सारी शंकाएँ भी दूर हो जाती हैं।

“लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागृति आयेगी”

इस स्वास्थ्य मेला में 350 से अधिक चिकित्सकों का भाग लेना तथा स्वास्थ्य जगत के लिए एक व्यापक पहल है। मानव स्वास्थ्य की दिशा में खूँटी आकर लोगों का स्वास्थ्य जाँच करने के लिए मैं आप लोगों को बधाई देता हूँ। मुझे आशा है कि आप सभी के आगमन से यहाँ लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागृति आयेगी।

‘सिकल सेल जनजातीय समुदाय में प्रचलित’

राज्यपाल ने कहा कि उन्हें बताया गया है कि सिकल सेल जनजातीय समुदाय में प्रचलित एक गंभीर आनुवांशिक रोग है। इस “स्वास्थ्य मेला” में इसकी भी जांच कर, इसका आकलन किये जाने की सूचना है। साथ ही, नेत्र विशेषज्ञों द्वारा आंखो की जांच की जायेगी एवं दृष्टि प्रभावित लोगों के बीच चश्मा का वितरण करना एक बहुत सराहनीय प्रयास है।

“पीएम ने झारखंड की धरती से “आयुष्मान भारत योजना” लागू की”

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री समाज के सभी वर्ग को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा सुलभ कराने की दिशा में प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इसके लिए पीएम ने झारखंड की धरती से “आयुष्मान भारत योजना” लागू की। खुशी है कि आज यहाँ आयुष्मान कार्ड का भी वितरण किया जा रहा है।

इस प्रकार के कार्यक्रम से जागरूकता आएगी 

राज्यपाल ने कहा कि मुझे विश्वास है कि जनजातीय समुदाय में इस प्रकार के कार्यक्रम से स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता आयेगी। राज्य का हर नागरिक स्वस्थ हो, यह हम सभी का सपना है। ससमय रोगों का समुचित इलाज से अपने जीवन की रक्षा करना सबका कर्तव्य है।

‘हानिकारक व्यसनों के सेवन से परहेज करें’

उन्होंने अपील करते हुए कहा कि जनजातीय समुदाय के लोगों से कहना चाहूँगा कि वे हानिकारक व्यसनों के सेवन से परहेज करें एवं भगवान बिरसा के जीवन से प्रेरित होकर एक स्वस्थ्य समाज के निर्माण मे अपना सहयोग करें।

‘स्वास्थ्य मेलाओं को गांवों तक ले जाना होगा’

राज्यपाल ने कहा कि आज यह भी कहना चाहूँगा कि हमें सिर्फ इसी स्वास्थ्य मेला तक रुकना नहीं है। स्वास्थ्य विभाग को इस प्रकार के स्वास्थ्य मेलाओं को गांवों तक ले जाना होगा ताकि स्वस्थ एवं विकसित झारखंड का निर्माण हो। जिला में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी सक्रियता से कार्य करें। उन्होंने चाहूँगा कि राज्य के विशेषज्ञ चिकित्सकों को समय-समय पर ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण कर लोगों का स्वास्थ्य के प्रति मार्गदर्शन करना चाहिए।

“स्वास्थ्य मेला” की सफलता की कामना की

अपने संबोधन के अन्त में उन्होंने जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित इस “स्वास्थ्य मेला” की सफलता की कामना की और इसके आयोजन के लिए केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा और जिला प्रशासन के अधिकारियों, चिकित्सकों समेत उन सभी को पुनः बधाई दी, जिन्होंने कार्यक्रम के आयोजन में अपना सक्रिय योगदान दिया।

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