भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट में लगातार कुछ राज्यों के कथित घोटालों और अनियमितताओं की पोल खुल रही है। दिल्ली में जहां पूर्व की अरविन्द केजरीवाल सरकार के कथित आबकारी नियमावली घोटाले की कैग ने पोल खोली है, वहां झारखंड में कोरोना काल के केन्द्र से जारी आपदा फंड में भी अनियमितताएं सामने आयी है। लेकिन इस बीच सूचना के अधिकार (RTI) के तहत जो सूचना छन कर सामने आयी है, उसमें केन्द्र सरकार का ही एक कथित और बड़ा घोटाला उजागर होता नजर आ रहा है। रकम बड़ी है, और उस रकम का कोई हिसाब किसी के पास नहीं है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने दावा किया कि सूचना के अधिकार (RTI) केन्द्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना में 455 करोड़ रुपये का कोई हिसाब नहीं है। उनका कहना है कि इतनी बड़ी धनराशि ‘गायब’ है, लेकिन सरकार की ओर से अभी तक इसको लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आयी है। इस बीच महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने खड़गे के आरोपों पर महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने प्रतिक्रिया देते हुए इन आरोपों को गलत बताया है।
बता दें कि खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, “आरटीआई से खुलासा हुआ है कि मोदी सरकार की ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना में 455 करोड़ रुपये का कोई अता-पता नहीं है।” उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा पिछले 10 वर्षों से ‘बहुत हुआ नारी पर वार’ जैसे विज्ञापनों का इस्तेमाल कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है।
कांग्रेस ने सरकार से पूछे सवाल
खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि “जिस योजना की तारीफ खुद प्रधानमंत्री करते नहीं थकते, उसमें इतनी बड़ी गड़बड़ी गंभीर सवाल खड़े करती है। इससे साफ है कि मोदी सरकार के लिए महिला सशक्तीकरण केवल चुनावी जुमला भर है।”
आरटीआई से किस तरह हुआ था खुलासा
कांग्रेस के अनुसार, ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना के खर्च को लेकर एक RTI दायर की गयी थी, जिसमें इस योजना के वित्तीय विवरण की जानकारी मांगी गयी थी। लेकिन आश्चर्य है कि सरकार इस योजना पर हुए खर्च का सही हिसाब नहीं दे पाययी है, जिससे बड़ी वित्तीय गड़बड़ी का संकेत मिलता है। खड़गे ने कहा कि “हमने हाल ही में ‘बेटी बचाओ’ योजना पर मोदी सरकार से तीन सवाल पूछे थे, जिनमें से एक सवाल सरकारी आंकड़ों को छिपाने को लेकर था।‘
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने खड़गे को दिया जवाब
कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे के आरोपों पर महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (डब्ल्यूसीडी) ने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना के संबंध में स्पष्टीकरण जारी किया है। डब्ल्यूसीडी ने कहा कि ‘‘कोई सार्वजनिक धन गायब नहीं हुआ है।’’ मंत्रालय ने बताया कि इस साल 31 जनवरी तक ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना के तहत कुल 952.04 करोड़ रुपये खर्च किये जा चुके हैं।
डब्ल्यूसीडी ने कहा, ‘इसमें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आवंटित 526.55 करोड़ रुपये तथा राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न गतिविधियों पर खर्च किए गए 425.49 करोड़ रुपये शामिल हैं।’ मंत्रालय ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘झूठा विमर्श गढ़ने के लिए तथ्यों को गलत तरीके से पेश किया गया है। कोई सार्वजनिक धन गायब नहीं हुआ है। सरकार ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसी योजनाओं के माध्यम से हर बालिका को बचाने और शिक्षित करने के अपने मिशन में दृढ़ है, जो एक जन आंदोलन बन गया है और महत्वपूर्ण सामाजिक एवं व्यावहारिक परिवर्तन ला रहा है।’’
न्यूज डेस्क/ समाचार प्लस – झारखंड-बिहार
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