समाचार प्लस
Breaking झारखण्ड फीचर्ड न्यूज़ स्लाइडर राँची

JSLPS Workshop : ‘बनाए जाएंगे डायन कुप्रथा मुक्त पंचायत, पीड़ित महिलाओं के पुनर्वास पर भी होगा काम’

JSLPS Workshop

न्यूज़ डेस्क/समाचार प्लस झारखंड – बिहार
JSLPS Workshop :रांची: झारखण्ड स्टेट लाईवलीहुड प्रमोशन सोसाईटी के द्वारा आयोजित डायन कुप्रथा मुक्त झारखण्ड के निर्माण के लिए आयोजित कार्यशाला के दूसरे दिन कई तकनीकी सेशन का आयोजन हुआ। विभिन्न विभागों के समन्वय, शिक्षा एवं जागरुकता की जरुरत एवं साझा रणनीति को केन्द्र में रखकर विभिन्न विशेषज्ञों ने अपनी बात रखी। कार्यशाला के दूसरे दिन मुख्य अतिथि के रुप में शिक्षाविद् डॉ सुनीता रॉय ने कार्यशाला की अध्यक्षता की।

महिला सशक्तिकरण एवं शिक्षा के अलख से खत्म  होगी कुप्रथा – डॉ सुनीता रॉय 

शिक्षाविद् व यूजीसी वूमेन्स सेंटर की प्रमुख डॉ सुनीता रॉय ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि समाज को शिक्षित करने से ही डायन कुप्रथा का उन्मूलन संभव है। महिलाओं से समाज में होने वाले भेदभाव को खत्म करने की जरुरत है। डॉ सुनीता रॉय ने अपील की डायन प्रथा की पीडित महिलाओं को प्रशिक्षित कर सशक्त आजीविका से जोड़ने की जरुरत है। बच्चों को सामाजिक दायित्वों पर प्रशिक्षित कर सामाजिक माहौल बनाने की जरुरत है।कल के सुंदर विकसित समाज के निर्माण के लिए डायन कुप्रथा का उन्मुलन जरुरी है।

जागरुकता पर कार्य करना चाहिए

उन्होने समाज में लैंगिंक समानता एवं महिला सशक्तिकरण के लिए कार्य करने की जरुरत पर बल दिया। ग्रामीण इलाके से ओझा गुणी प्रथा को खत्म करने के लिए शिक्षा के अलख जगाने की जरुरत एवं ग्रामीण इलाकों में जागरुकता पर कार्य करना चाहिए। डॉ रॉय ने बताया कि किन्नरों को भी विभिन्न जागरुकता अभियान में जोड़ने की जरुरत है, ताकि उनके आजीविका की भी व्यवस्था हो और जागरुकता का कार्य भी हो सके।

 डायन कुप्रथा मुक्त पंचायत के लिए होगा काम- डॉ मनीष रंजन

ग्रामीण विकास सचिव, डॉ मनीष रंजन ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि गरिमा परियोजना एक शुरूआत है, हमारा लक्ष्य झारखण्ड को डायन कुप्रथा मुक्त बनाना है। गरिमा परियोजना के तहत वल्नेबरिलिटी मैंपिंग एवं ग्राम संगठन के प्रशिक्षण के जरिए डायन कुप्रथा उन्मूलन को गति दिया जाएगा।  कहा कि जेंडर मंच बनाने का कार्य़ किया जाएगा जिससे डायन कुप्रथा जैसे अंधविश्वास एवं भेदभाव को दूर कर जागरुक करने का काम किया जाएगा।

डॉ मनीष रंजन ने कहा कि सखी मंडल की बहनों द्वारा नुक्कड़ नाटक के जरिए भी प्रभावित गांवों में जागरुकता अभियान चलाया जाएगा एवं डायन कुप्रथा पीड़ितों को सुरक्षा व काउन्सेलिंग की व्यवस्था भी गरिमा परियोजना के जरिए की जाएगी। कहा कि डायन कुप्रथा की पीडित महिलाओं को पुनर्वास पर भी काम किया जाएगा और सशक्त आजीविका से जोड़ा जाएगा। ग्रामीण विकास सचिव ने उम्मीद जताई की इस कार्यशाला मे मिले सुझावों पर रणनीति तैयार कर डायन कुप्रथा मुक्त पंचायत का निर्माण किया जाएगा।

बिना हिम्मत हारे लगातार कोशिश करने की जरुरत – संतोष कुमार 

कार्यशाला के तकनीकी सेशन में झालसा के संतोष कुमार ने बताया कि झालसा राज्य में डायन कुप्रथा पीड़ितों को कानूनी मदद करने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होने बताया कि डायन कुप्रथा एक सामाजिक कानूनी समस्या है जिसको हम सबको मिलकर खत्म करना है। झालसा, जेएसएलपीएस एवं अन्य सरकारी विभाग मिलकर इस कुप्रथा को खत्म कर सकते है। हमें हर किसी के मौलिक मूललभूत अधिकारों की रक्षा करने की जरुरत है। संतोष कुमार ने बताया कि हमें वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने की जरुरत है वहीं झालसा के द्वारा स्कूलों में लीगल साक्षरता क्लब का गठन किया जा रहा है जो डायन कुप्रथा उन्मूलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

डायन प्रथा के उन्मूलन के लिए साझा प्रयास की जरुरत – डॉ केशन राव 

नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ स्टडी एंड रिसर्च इन लॉ के वाइस चांसेलर डॉ केशव राव ने बच्चों को डायन कुप्रथा के बारे में जागरुक करने की जरुरत पर बल दिया। उन्होने कहा कि इस कुप्रथा के उन्मूलन के लिए सबको मिलकर साझा प्रयास करने की जरुरत है। सेंटर फॉर लीगल एड प्रोग्राम के तहत डायन कुप्रथा के पीडितों को लगातार मदद उपलब्ध कराई जाती है। हम सबको लगातार बिना हिम्मत हारे कार्य करने की जरुरत है तब ही डायन कुप्रथा मुक्त झारखण्ड का निर्माण होगा।

 सीआईपी करेगा सहयोग- डॉ बासुदेव प्रसाद

सीआईपी के निदेशक डॉ बासुदे प्रसाद ने कहा कि गरिमा परियोजना के अंतर्गत सीआईपी मानसिक स्वास्थ्य एवं मनोचिकित्सा सहयोग के लिए कार्य करेगा। मानसिक स्वास्थ्य जागरुकता के लिए भी जेएसएलपीएस के साथ मिलकर कार्य करने की जरुरत है। पीड़ित महिलाओं को एक नया जीवन देने में मानसिक स्वास्थ्य की पहल की जाएगी। उन्होने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य काउन्सेलिंग के लिए साआईपी के 15 हेल्पलाईन नंबर दिन-रात कार्य़ कर रहे है।

गरिमा और भेदभाव रहित समाज के निर्माण से खत्म होगी  कुप्रथा- डॉ गोविंद केलकर

राष्ट्रीय स्तर की वक्ता गोविंद केलकर ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए डायन कुप्रथा के अंतर्राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य को सामने रखा। अफ्रीका , यूरोप घाना समेत कई देशों का जिक्र करते हुए डॉ केलकर ने डायन कुप्रथा के कारण, निदान एवं उन्मूलन पर अपनी बातें रखी। उन्होंने भेदभाव रहित समाज की जरुरत पर बल दिया एवं शिक्षा एवं व्यापक स्वास्थ्य व्यवस्था पर कार्य करने की जरुरत पर बात की।

गांव –गांव तक जागरुकता का कार्य किया जाएगा-नैन्सी सहाय

कार्यशाला के समापन समारोह में सीईओ जेएसएलपीएस नैन्सी सहाय ने कहा कि यह कार्यशाला गरिमा परियोजना के क्रियान्वयन एवं राज्य से डायन कुप्रथा के उन्मूलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। सखी मंडल की बहनों के जरिए गांव –गांव तक जागरुकता का कार्य किया जाएगा एवं सभी स्टेकहोल्डर्स की साझा रणनीति पर कार्य करने का प्रयास रहेगा। इस अवसर पर तकनीकी चर्चा को डॉ राकेश रंजन, रेशमा सिंह, मनीषा किरण ने भी संबोधित किया।

ये भी पढ़ें : इसकु कराटे झारखंड की 10 सदस्य टीम अहमदाबाद रवाना, 16वेंअंतर्राष्ट्रीय कराटे कप में लेगी हिस्सा

 

 

Related posts

सेना की यूनिफार्म से है प्यार, तो क्रैक कीजिए कॉम्पीटीशन, दूकान से खरीद कर नहीं होगा अब शौक पूरा

Sumeet Roy

Khunti: सक्रिय उग्रवादी निरुद्ध समेत पीएलएफआई का हार्डकोर विनोद नायक हथियारों के साथ गिरफ्तार

Pramod Kumar

दानापुर मंडल में 32 की जगह चल रहीं सिर्फ 17 जोड़ी पैसेंजर ट्रेनें, यात्रियों की मुश्किलें बढ़ीं

Manoj Singh