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JPSC Results Dispute: बोले JPSC अध्यक्ष, आप मुझ पर भरोसा कर सकते हैं, आपत्ति पर विचार कर जवाब दिया जाएगा

JPSC Results Dispute

न्यूज़ डेस्क / समाचार प्लस झारखंड – बिहार

झारखंड लोकसेवा आयोग (JPSC) एक बार फिर से विवादों में है. आयोग की ओर से जारी झारखंड लोकसेवा प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम को लेकर सवाल उठ खड़े हुए हैं. 7वीं से 10वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के रिजल्ट में गड़बड़ी के आरोप लग रहे हैं. आरोप लगाने वाले अभ्‍यर्थी परीक्षा को रद्द करने और इस पूरे मामले की जांच कराने की मांग कर रहे हैं.

दरअसल, लगातार क्रमांक संख्‍या वाले 18 अभ्‍यर्थी प्रारंभिक परीक्षा में पास हुए हैं. परीक्षा परिणाम रद्द करने को लेकर उम्मीदवारों ने गत मंगलवार को जोरदार प्रदर्शन भी किया. इस दौरान पुलिस की लाठियां भी भांजनी पड़ी. अभ्यर्थियों के बढ़ते आक्रोश और पीटी परीक्षा के परिणाम से उभरे विवाद के मद्देनजर बुधवार को झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC)  के अध्यक्ष अमिताभ चौधरी को राजभवन बुलाया गया था.

आपत्ति पर विचार करते हुए जवाब दिया जाएगा- जेपीएससी अध्यक्ष

राजभवन से निकलने के बाद जेपीएससी अध्यक्ष अमिताभ चौधरी ने कहा कि परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद जितने भी तरह की आपत्ति और सवाल खड़े हुए हैं उन सभी का जवाब उम्मीदवारों को झारखंड लोक सेवा आयोग की वेबसाइट पर मिल जाएगा साथ ही उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि आप मुझ पर भरोसा कर सकते हैं, आपकी आपत्ति पर विचार करते हुए जवाब दिया जाएगा.

33 सफ़ल उम्मीदवारों ने एक ही कमरे में दी थी परीक्षा 

बता दें कि झारखंड लोक सेवा आयोग की ओर से संयुक्त रूप से चार सिविल सेवा परीक्षा (सातवीं से दसवीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा) एक साथ ली गई थी. आरोप है कि इस परीक्षा में सफल घोषित किए गए उम्मीदवारों में 33 ऐसे हैं, जिन्होंने तीन अलग-अलग शहरों में स्थित केंद्रों पर एक ही कमरे में परीक्षा दी थी. उम्मीदवारों का आरोप है कि आयोग की ओर से प्रारंभिक परीक्षा परिणाम में भारी गड़बड़ी हुई है इस परिणाम में लोहरदगा और साहिबगंज जिला के केंद्र से सर्वाधिक उम्मीदवार पास किए हैं.

भाजपा आई समर्थन में, CM हेमंत से की उच्चस्तरीय जांच की मांग

भाजपा ने इस पर सवाल खड़ा करते हुए कहा है कि एक ही कमरे में आगे-पीछे के क्रमांक से इतने परीक्षार्थियों के उत्तीर्ण होना असामान्य है और यह बड़ी गड़बड़ी का मामला हो सकता है. भाजपा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Hemant Soren) से इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है.

चार लाख से भी ज्यादा उम्मीदवार प्रारंभिक परीक्षा में शामिल हुए थे

ज्ञात हो कि झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा 7वीं से लेकर 10वीं सिविल सेवा के लिए संयुक्त रूप से एक साथ परीक्षा ली गई थी . लगभग पांच वर्षों के अंतराल के बाद विगत 19 सितंबर को राज्य भर में बनाए गए 1102 केंद्रों पर प्रारंभिक परीक्षा ली गई थी. इसमें 4293 उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा के लिए सफल घोषित किया गया है. कुल 252 पदों पर नियुक्ति के लिए चार लाख से भी ज्यादा उम्मीदवार प्रारंभिक परीक्षा में शामिल हुए थे.

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