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Jharkhand: ‘कालेधन’ की ‘पूजा’ का मिलेगा कौन-सा ‘फल’, अपने ही बयान में क्यों उलझ गयी हेमंत सरकार?  

Jharkhand: Hemant Sarkar suspends Pooja Singhal with immediate effect

आईएएस पूजा सिंघल का सच से आमना-सामना

न्यूज डेस्क/ समाचार प्लस – झारखंड-बिहार

झारखंड की आईएएस पूजा सिंघल प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के घेरे में हैं। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी पूजा सिंघल को रांची स्थित अपने कार्यालय में बुलाकर पूछताछ कर रही है। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने देश के 25 ठिकानों पर छापेमारी के बाद पूजा सिंघल को पूछताछ के लिए बुलाया है। आईए देखते हैं कि 6 मई से शुरू हुई यह छापेमारी में अब तक क्या-क्या हुआ और यह प्रकरण और क्या दिशा लेने वाली है।

6 मई, 2022

ईडी ने झारखंड की आईएएस पूजा सिंघल घेराबंदी शुरू की। पूजा सिंघल से जुड़े देश के 25 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू हुई। इस छापेमारी के दौरान पूजा सिंघल के चार्टर्ड अकाउंटेंट सुमन सिंह के पास से 19.31 करोड़ रुपए बरामद किया गया। इस दौरान जांच अधिकारियों के हाथ कई अहम दस्तावेज और सुराग हाथ लगे। छापेमारी में सीए सुमन सिंह के घर से करीब साढ़े 17 करोड़ रुपये नकद बरामद किये गये। इसके अलावा उसके दफ्तर से भी लगभग 30 लाख रुपये मिले। जबकि लगभग सवा करोड़ की राशि अन्य ठिकानों से बरामद की गयी। इस तरह से ईडी ने 19.31 करोड़ रुपये की बरामदगी की। यह राशि किसकी है, पूछे जाने पर, उसका हिसाब-किताब  सुमन सिंह ईडी के अफसरों को नहीं दे पाया। छापेमारी के दौरान ईडी दिल्ली के अधिकारी भी रांची में मौजूद रहे। हाथ लगे एक-एक कागजात को बारीकी से छानबीन की गयी। नोटों की बरामदी के बाद ईडी 7 बक्सों में नोटों को भरकर ले गयी।

छापेमारी में ईडी के अधिकारियों को सीए सुमन सिंह  से कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, ईडी को सुमन ने बताया कि प्रत्येक महीने करीब 30 करोड़ रुपये को व्हाइट किया जाता था। साथ ही पूजा सिंघल ने कथित तौर पर अपने ‘निजी खाते’ से 16.57 लाख रुपये सीए सुमन कुमार के खाते में ट्रांसफर किए। खाते में पैसे ट्रांसफर करने का जिक्र ईडी ने कोर्ट में किया। इसके बाद सीए सुमन को पूछताछ के लिए 11 मई तक की रिमांड पर भेज दिया।

ईडी की छापेमारी का तार खूंटी जिले के मनरेगा घोटाले से भी जुड़ा हुआ है। पूजा सिंघल खूंटी जिला बनने के बाद जब जिले की दूसरी उपायुक्त बनीं। उनके कार्यकाल में ही नव गठित खूंटी जिले में 18.6 करोड़ का घोटाला हुआ था। इस मामले में उपायुक्त का खास कहे जाने वाले तत्कालीन कनीय अभियंता राम विनोद सिन्हा को गिरफ्तार किया गया था। तब उपायुक्त पूजा सिंघल का बाल बांका भी नहीं हुआ था। कहा जाता है कि पूजा सिंघल ने कनीय अभियंता राम विनोद सिन्हा के कंधे पर बंदूक रखकर खूब गड़बड़ घोटाला किया था।

आईएएस पूजा सिंघल पर छापेमारी के बाद राजनीति भी गरम हो गयी। मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा ने राज्य की हेमंत सरकार पर हमले करने शुरू किये। दिन भर राज्य सरकार के किसी भी नेता-मंत्री की ओर से तो कोई बयान नहीं आया, लेकिन अचानक शाम के वक्त पत्रकारों द्वारा पूछ लिये जाने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल के खिलाफ ईडी की छापेमारी को गीदड़ भभकी बता दिया। मुख्यमंत्री ने प्रोजेक्ट भवन में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि आज जो राजनीति परिभाषा भाजपा गढ़ रही है, वह सही नहीं है। भाजपा राजनीतिक मैदान में नहीं टिक सकती है, तो संवैधानिक संस्थाओं का उपयोग करती है। हम डरने वालों में से नहीं हैं। हालांकि मुख्यमंत्री हेमंत के इस बयान पर राजनीति की समझ रखने वालों ने हैरानी व्यक्त की। कई लोगों ने इसे ‘चोर की दाढ़ी में तिनका’ वाला बयान तक कह दिया।

07 मई, 2022

झारखंड की खान सचिव पूजा सिंघल के सीए सुमन कुमार को ईडी ने गिरफ्तार किया। ईडी की पूछताछ में सीए सुमन कुमार बरामद करोड़ों रुपये के स्रोत के बारे में नहीं बता पाया था। इस मामले में यह पहली गिरफ्तारी है। सुमन की गिरफ्तारी के बाद ईडी की टीम सदर अस्पताल ले गयी और उनका मेडिकल जांच कराया गया। मेडिकल जांच की प्रक्रिया पूरी कराने के बाद सीए सुमन कुमार सिंह को कोर्ट में पेश किया। वहां से कोर्ट ने सुमन कुमार सिंह को 11 मई तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। दूसरे दिन भी आईएएस पूजा सिंघल से जुड़े लोगों के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी जारी रही।

आईएएस, पूजा सिंघल के ठिकानों पर छापेमारी के बाद झारखंड में राजनीति भी शुरू हो गयी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और राज्य सभा सांसद दीपक प्रकाश ने झारखंड सरकार पर हमला करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी सरकार भ्रष्टाचारियों के पीछे खड़ी है। दीपक प्रकाश प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री का बयान हास्यास्पद ही नहीं, बल्कि राज्य की जनता की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है।

उन्होंने ने ईडी से जांच के दायरे की परिधि को बढ़ाने के साथ खनिज संसाधनों को लुटवाकर अवैध तरीके से की गई कमाई करने वाले कई जिला खनन पदाधिकारियों की जांच की मांग की। साथ ही कहा कि मुख्यमंत्री को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए। दीपक प्रकाश ने राज्य में बढ़ते भ्रष्टाचार के लिये कांग्रेस को बराबर का हिस्सेदार बताया। उन्होंने पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की अनुशंसा की मांग की।

08 मई, 2022

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आईएएस पूजा सिंघल के पति अभिषेक झा को एयरपोर्ट स्थित ऑफिस में बुलाकर पूछताछ शुरू की। ईडी के अधिकारियों के अनुसार सीए सुमन कुमार सिंह और अभिषेक झा को आमने-सामने बैठाकर ईडी के अफसर पूछताछ की। अभिषेक झा से ईडी ने पूछा है कि उन्होंने रांची में पल्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के निर्माण पर कितनी राशि खर्च की। ईडी को संदेह है कि अभिषेक झा ने अस्पताल के निर्माण में खर्च की गई वास्तविक राशि को छुपाया है। ईडी ने छापेमारी के दौरान कई दस्तावेज हासिल किए हैं, जिससे पता चलता है कि अस्पताल के निर्माण की लागत का कम आकलन किया गया था। सीए सुमन कुमार के घर और दफ्तर के पते पर दर्जन भर से ज्यादा कंपनियां निबंधित हैं। सीए सुमन का भाई पवन कुमार सिंह कई कंपनियों में निदेशक है। ईडी दोनों से यह भी जानना चाहती है कि उनका विदेशों में कोई कारोबार या संपत्ति तो नहीं है।

09 मई, 2022

आईएएस पूजा सिंघल के पति अभिषेक झा के पल्स हॉस्पिटल के निर्माण में वित्तीय अनियमितता की बात सामने आयी। ईडी के अधिकारियों ने पल्स अस्पताल के निर्माण और चिकित्सा उपकरणों की खरीद में हुए खर्च का आकलन साल 2020 के हिसाब से किया है। अस्पताल के निर्माण और उपकरणों की खरीद में न्यूनतम खर्च का आकलन 110 करोड़ के आसपास है। वहीं, इस अस्पताल के निर्माण के लिए लोन केवल 23 करोड़ रुपये का है। ऐसे में ईडी पड़ताल में जुटी है कि 87 करोड़ की शेष राशि कहां से आयी, किन-किन लोगों ने इसमें पैसे लगाए। इस सवाल को लेकर पूजा के पति और सीए से पूछताछ के बाद ईडी अब पूजा सिंघल से मंगलवार को पूछताछ करेगी।

आईएएस पूजा सिंघल और उनके करीबियों के विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से पूछताछ का दौर जारी है। ईडी ने पूजा सिंघल से पूछताछ के लिए समन भेजा। पूजा सिंघल को पूछताछ ईडी के रांची स्थित कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया गया।

झारखंड यूथ एसोसिएशन के बैनर तले युवाओं ने आईएएस पूजा सिंघल की गिरफ्तारी की मांग को लेकर राजभवन के सामने धरना दिया। एसोसिएशन के कार्यकर्ता राज्य की खनन सचिव पूजा सिंघल की गिरफ्तारी के लिए दबाव बनाने की रणनीति के तहत धरना पर बैठे। धरने पर बैठे युवा कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल से मांग करते हुए कहा है कि राज्य के सभी नेता, मंत्री और अधिकारियों की संपत्ति की जांच की जाए। यह जांच सीबीआई से कराने की मांग की गई है।

10 मई, 2022

समन मिलने के बाद आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल ईडी कार्यालय पहुंची। जहां उनसे ईडी के अधिकारी पूछताछ कर रहे हैं।

अब क्या होगा आगे?

पूजा सिंघल पर निलंबन की तलवार

पूजा सिंघल पर निलंबन की तलवार लटकी हुई है। पूजा सिंघल पर ईडी का शिकंजा कसने के कारण राज्य सरकार पर भी दबाव बढ़ गया है। राज्य की हेमंत सरकार सरकार ज्यादा बदनामी नहीं होने के भय से पूजा सिंघल के निलंबन की कार्रवाई भी जल्द पूरी कर लेने चाहती है।

कई अधिकारियों सफेदपोशों की अटकी हैं सांसें

आईएएस पूजा सिंघल पर ईडी की बड़ी कार्रवाई के बाद झारखंड के कई छोटे-बड़े अधिकारियों के साथ सफेदपोशों की सांसें अटकी हुई हैं। जैसे-जैसे ईडी की पूछताछ आगे बढ़ेगी, उम्मीद है कई बड़े नामों के भी सामने आयेंगे।

राज्य सरकार को कितना खतरा?

एक सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या हेमंत सोरेन की राज्य सरकार को कोई खतरा भी हो सकता है। सम्भव है ऐसा हो सकता है। एक तो खुद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को परिवार ही खनन और जमीन घोटाले मामलों का सामना कर रहा है। खनन लीज मामले में चुनाव आयोग ने जवाब देने के लिए बुलाया भी है। चूंकि खनन विभाग भी पूजा सिंघल के अधीन है, ऐसे में इसके तार मुख्यमंत्री से भी जुड़ सकते हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मुश्किलें बढ़ भी सकती हैं।

यह भी पढ़ें: झारखंड की IAS Pooja Singhal के CA सुमन कुमार ने खोले कई राज़- हर महीने ब्लैक से व्हाइट किए जाते थे 30 करोड़ रुपए- सूत्र

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