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Jharkhand: 10 घंटे की ईडी पूछताछ के बाद अब क्या? सीएम का एक ही जवाब- भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों को नहीं जानते!

Jharkhand: What now after ED inquiry? CM does not know the corrupt!

न्यूज डेस्क/ समाचार प्लस – झारखंड-बिहार

अवैध खनन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से करीब 10 घंटे की पूछताछ कर ली। लेकिन इस पूछताछ का निष्कर्ष क्या निकला या अब क्या होगा, अभी कुछ भी स्पष्ट नहीं है। सवाल-जवाब में एक बात जो निकल कर आयी कि जिन भ्रष्टाचारियों के काले कारनामों के कारण सीएम हेमंत ईडी के रडार पर हैं, उन्हें वह पहचानते नहीं हैं। तो क्या वाकई ईडी भी ऐसा ही मानता है? तो क्या ईडी ने जो साक्ष्य सीएम के विरुद्ध जुटाये थे, क्या वाकई में सीएम हेमंत से उनका कोई सम्बंध नहीं? फिर ईडी ने जो साक्ष्य जुटाए वे क्या हैं, और उनका मतलब क्या है? ऐसे कई सवाल लोगों के मन में हैं। हालांकि सीएम हेमंत के कई जवाबों से ईडी संतुष्ट नहीं है। हेमंत सोरेन ईडी के कई सवालों का उचित जवाब नहीं दिया। सीएम को उन सवालों से जुड़े तथ्यों को इकट्ठा करने के लिए समय चाहिए। आखिर यह कैसे सम्भव है कि सीएम हेमंत के पास उन सवालों के जवाब नहीं थे जो पिछले कुछ महीनों से झारखंड के बच्चे-बच्चे को पता है कि ऐसा कुछ झारखंड में चल रहा है, और वही सवाल उनसे पूछे गये।

फिलहाल यह तय नहीं है कि ईडी सीएम हेमंत को आगे पूछताछ के लिए बुलायेगी या नही, बुलायेगी तो कब बुलायेगी, इसका कोई कार्यक्रम अभी तय नहीं हुआ है। जबकि हाल की ईडी की कार्रवाइयों में देखा गया है कि ईडी ने पूछताछ के लिए तुरंत अगली कोई तारीख तय की है। राहुल गांधी और सोनिया गांधी के मामलों में ऐसा ही देखा गया है।

ईडी के सवालों का सीएम हेमंत ने कुछ यूं दिया जवाब

प्रश्न – अपनी संपत्तियों, बैंक स्टेटमेंट और निवेश के बारे में बतायें।

सीएम- जवाब देने के लिए समय चाहिए।

प्रश्न- साहिबगंज जिले में बड़े पैमाने पर अवैध खनन की जानकारी थी।

सीएम – अवैध खनन के बारे में कोई जानकारी नहीं।

प्रश्न – क्या पंकज मिश्रा को अनुचित संरक्षण दिया?

सीएम – पंकज मिश्रा ऐसी किसी गतिविधि में शामिल है, इसकी जानकारी नहीं।

प्रश्न – आपकी पासबुक पंकज मिश्रा के आवास पर क्यों पाई गई?

सीएम – चुनाव के समय उन्होंने वह दस्तावेज रखा था।

प्रश्न – क्या पंकज मिश्रा अपने प्रभाव के कारण न्यायिक हिरासत से फोन करते थे?

सीएम- पंकज मिश्रा को उनका की संरक्षण प्राप्त नहीं था।

प्रश्न – स्टोन चिप्स के अवैध परिवहन के लिए दाहू यादव को अवैध फेरी सेवा चलाने में संरक्षण दिया था?

सीएम – अवैध खनन में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए उन्होंने साहिबगंज डीसी और एसपी को कभी नहीं रोका।

प्रश्न – क्या वह प्रेम प्रकाश को जानते हैं?

सीएम – वह प्रेम प्रकाश से कभी नहीं मिले।

प्रश्न- आपके दो सुरक्षा गार्ड प्रेम प्रकाश की ड्यूटी करते क्यों पाए गए?

सीएम – इस संबंध में झारखंड के डीजीपी से पूछा जाना चाहिए।

प्रश्न – आप राज्य के सीएम हैं, तब आपने रांची में अपने नाम खनन पट्टा कैसे प्राप्त किया?

सीएम- चूंकि मामला उप-न्यायिक है, इसलिए वह इसका जवाब नहीं देंगे।

प्रश्न – मनरेगा घोटाला मामले में जेल में बंद तत्कालीन खनन सचिव पूजा सिंघल के आचरण के बारे में आपको क्या पता है?

सीएम – पूजा सिंघल को सचिव के पद पर विभाग चलाने के लिए लगाया न कि पैसे जुटाने के लिए।

ईडी दफ्तर पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ईडी को जवाब के तौर पर तीन पन्नों का जवाब दिया था। जानकारी है कि ईडी ने सीएम की इस दलील को सिरे से खारिज कर दिया है। ईडी का कहना है कि यह 1000 करोड़ के रॉयल्टी चोरी का मामला नहीं है, बल्कि यह 1000 करोड़ के अवैध खनन का मामला है।

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