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Jharkhand: क्या है पुरानी पेंशन योजना जिसे 15 अगस्त से लागू करेंगे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन

न्यूज डेस्क/ समाचार प्लस – झारखंड-बिहार

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रविवार को घोषणा की कि आगामी 15 अगस्त से राज्य कर्मचारियों को पुरानी पेंशन स्कीम का लाभ दिया जायेगा। राज्य के कर्मचारी जमा लम्बे समय से पुरानी पेंशन को बहाल करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इसी कड़ी में रांची में ‘पेंशन जयघोष महासम्मेलन’ में राज्य भर के सरकारी कर्मी जुटे थे। इसी कार्यक्रम में उपस्थित होकर सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य में पुरानी पेंशन योजना राज्य में 15 अगस्त से पहले लागू कर दी जायेगी।सीएम ने कहा कि चूंकि झारखंड सरकार सभी वर्गों की सामाजिक सुरक्षा के प्रति संवेदनशील है, इसलिए राज्य के कर्मचारियों का ख्याल रखते हुए 15 अगस्त, 2022 तक झारखंड के सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल कर दी जायेगी।

क्या है पुरानी पेंशन योजना जिसकी मांग देशभर में हो रही है?

पुरानी पेंशन स्कीम इन दिनों सुर्खियों में है। 2004 में पूरे देश में खत्म कर दी गयी पुरानी पेंशन को फिर से शुरू किये जाने की मांग लम्बे समय से चल रही है। सरकारी कर्मचारियों की मांगों को देखते हुए राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपने राज्य में पुरानी पेंशन योजना लागू करने का मन बना चुके हैं। हिमाचल प्रदेश के साथ अब झारखंड भी अपने राज्यों में पुरानी पेंशन लागू करने जा रहे हैं। केंद्र सरकार ने पुरानी पेंशन को खत्म कर 2004 में नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) लागू करते हुए कहा वह पेंशन का काम अपने जिम्मे से खत्म करना चाह रही है। नयी पेंशन योजना 2004 में ही 1 अप्रैल से लागू है। सरकारी कर्मचारी जब इस नयी पेंशन योजना का विरोध कर रहे तो जाहिर है कि उन्हें इस स्कीम को दिक्कतें हो रही हैं। इसलिए यह जानना जरूरी है कि पुरानी और नयी पेंशन योजना में आखिर अंतर क्या है-

पुरानी पेंशन स्कीम
  1. पुरानी पेंशन योजना में GPF (General Provident Fund) की सुविधा थी।
  2. पेंशन के लिए सैलरी से कटौती नहीं की जाती थी।
  3. रिटायरमेंट के बाद फिक्स्ड पेंशन (अंतिम सैलरी का 50%) दी जाती थी।
  4. पेंशन का पूरा पैसा सरकार देती थी।
  5. नौकरी के दौरान कर्मचारी की मृत्यु पर परिवार या आश्रित को पेंशन मिलती थी।
नयी पेंशन स्कीम
  1. नयी पेंशन स्कीम स्कीम में GPF की सुविधा बंद।
  2. सैलरी से हर महीने 10 प्रतिशत कटौती।
  3. रिटायरमेंट के बाद पेंशन की कोई गारंटी नहीं।
  4. जो पेंशन मिलेगी वह बीमा कंपनी देगी। कोई विवाद होने पर बीमा कम्पनी से ही निबटना होगा।
  5. महंगाई और पे कमीशन का कोई फायदा नहीं।

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