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Jharkhand: राजधानी रांची में कल से लगना शुरू हो रहा है स्मार्ट मीटर, आ चुके हैं 45 हजार स्मार्ट मीटर

Jharkhand: Smart meters are starting to be installed in the capital Ranchi from tomorrow.

न्यूज डेस्क/ समाचार प्लस – झारखंड-बिहार

लम्बे से समय से चर्चा थी कि राजधानी रांची में स्मार्ट मीटर लगाये जाने हैं, लोगों में भी यह उत्सुकता थी कि रांची में कब स्मार्ट मीटर लगेंगे, यह स्मार्ट मीटर होता कैसा है, इसमें बिलिंग किस प्रकार होती है, किस प्रकार की सावधानी बरतनी है, कहीं अचनाक बिजली कट तो नहीं हो जायेगी। हालांकि झारखंड बिजली वितरण निगम की ओर से इस प्रकार की कोई जानकारी नहीं दी गयी है, लेकिन मंगलवार यानी 18 अक्तूबर से राजधानी रांची में स्मार्ट मीटर लगने का काम शुरू हो जायेगा। राजधानी रांची में स्मार्ट मीटर लगाने का काम जीनस कंपनी द्वारा किया जायेगा। राजधानी रांची के शहरी इलाकों के साढ़े तीन लाख घरों में स्मार्ट मीटर लगाये जायेंगे। जिसमें दो सौ पचास करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।

प्रथम चरण में 45 हजार घरों में लगेंगे स्मार्ट मीटर

जानकारी के अनुसार राजधानी रांची के लिए 45 हजार स्मार्ट मीटर आ चुके हैं। लेकिन पायलट प्रोजेक्ट के तहत अभी एक हजार घरों में स्मार्ट मीटर लगाये जायेंगे। शुरुआत अपर बाजार इलाके से की जायेगी। ये एक हजार स्मार्ट मीटर उन लोगों के घरों में लगाये जायेंगे, जिन्होंने बिजली के नये कनेक्शन के लिए पहले से आवेदन कर रखा है। इसके बाद राजधानी के अन्य इलाकों में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य शुरू किया जायेगा।

एमआरटी जांच में सफल हैं स्मार्ट मीटर

जानकारी के अनुसार रांची पहुंचे 45 हजार स्मार्ट मीटरों में एक हजार मीटर एमआरटी जांच के लिए भेजा गया था। जांच में सभी मीटर सफल पाये गयें। अब पायलट प्रोजेक्ट के तहत इन्हीं मीटरों को एक हजार घरों में लगाया जाएगा।

फिलहाल होगी टेस्टिंग, उसके बाद मीटर होंगे प्रीपेड

सूत्रों से जो जानकारी आ रही है, उसमें पायलट प्रोजेक्ट के तहत एक हजार घरों में स्मार्ट मीटर लगने के बाद इसकी टेस्टिंग की जायेगी। बिजली वितरण निगम के अधिकारियों द्वारा इस पर गहनता से नजर रखी जायेगी। अधिकारी यह देखेंगे कि जिन घरों में स्मार्ट मीटर लगाये गये हैं, वह ठीक से काम कर रहा या नहीं, इसमें कोई खामी तो नहीं। फिलहाल तीन से चार महीने तक ऊर्जा मित्र द्वारा ही मीटरों की रिडिंग की जायेगी। जिसकी मिलान आंटोमैटिक बिलिंग से किया जायेगी। इसके बाद सभी पहलुओं की गहनता से समीक्षा की जायेगी। सभी चीजें दुरुस्त पाए जाने के बाद तीन से चार महीनों के बाद प्रीपेड स्मार्ट मीटर की शुरुआत हो जायेगी।

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