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Jharkhand: बेचैन हेमंत सोरेन सुप्रीम कोर्ट जाने को तैयार! स्थानीय नीति के लिए कहीं मॉनसून सत्र न बुलाएं

Jharkhand: Restless Hemant Soren ready to go to Supreme Court!

फिर भी अपने काम में लगी है सरकार, कर रहे 64 योजनाओं समीक्षा

न्यूज डेस्क/ समाचार प्लस – झारखंड-बिहार

ऑफिस ऑफ प्रॉफिट मामले में इस सप्ताह फैसला आ जाने की उम्मीद है। लेकिन इस मामले में चुनाव आयोग से मिले मंतव्य के बाद राजभवन की चुप्पी  मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को बेचैन किये हुए है। हेमंत सोरेन की विधानसभा सदस्यता पर क्या फैसला आने वाला है जिसको जानने के लिए सीएमओ और झामुमो राजभवन से लगातार आग्रह कर रहा है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पिछले 3 सप्ताह से राजभवन द्वारा कोई प्रतिक्रिया नहीं देने से बेचैन हो उठे हैं। खबरहै कि वह अपनी विधानसभा सदस्यता पर कायम संशय को दूर करने के लिए सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की तैयारी में हैं। सूत्रों के अनुसार खनन लीज मामले में चुनाव आयोग के मंतव्य के आधार पर राजभवन के फैसले के बढ़ते इंतजार को खत्म कराने के उद्देश्य से सीएम सोरेन शीर्ष अदालत जाने के लिए विधिक राय ले रहे हैं।

स्थानीय नीति को कानूनी जामा पहनाने को लेकर गंभीर

एक खबर यह भी आ रही है कि हेमंत सोरेन की सरकार स्थानीय नीति को लागू करने की दिशा में काम कर रही है। इसके लिए एक बार फिर से मॉनसून सत्र बुलाये जाने की खबरें आ रही हैं। सरकार के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस विषय पर सदन के जानकारों से भी सलाह मशविरा लिया जा रहा है। जिस तरह से 5 सितंबर को एक दिन के लिए विशेष सत्र का आयोजन किया गया था, ठीक उसी प्रकार अभी भी मॉनसून सत्र को कुछ दिनों के लिए आहूत किया जा सकता है। विधानसभा के 9वें सत्र के क्रम में सदन की बैठक सरकार चाहे तो बुला सकती है। 5 सितंबर को हुआ विशेष सत्र भी मॉनसून सत्र का ही हिस्सा था। संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम भी कह चुके हैं कि यदि 1932 के खतियान आधारित स्थानीय नीति पर यदि कोई संशय है तो विधानसभा का सत्र 1 क्या 3 दिनों तक के लिए बुलाकर बहस करायी जा सकती है।

सरकार के अंदर इस बात पर विचार किया जा रहा है कि कैबिनेट से मंजूर स्थानीय नीति को जल्द से जल्द सदन में लाया जाए। सरकार का प्रयास है कि स्थानीय नीति के मामले को जितनी जल्दी हो सके, केंद्र के पास भेजा दिया जाए।

मुख्यमंत्री 64 योजनाओं की कर रहे समीक्षा

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन 18 विभागों की 64 योजनाओं की आज समीक्षा कर रहे हैं। सुबह 8:00 बजे से प्रोजेक्ट भवन में शुरू हुई बैठक में सभी प्रमंडलीय आयुक्त और उपायुक्तों को योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट के साथ शामिल होने का निर्देश जारी किया गया था। जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री योजनाओं को समय बाध्यता के साथ पूरा करने का निर्देश समीक्षा के आधार पर देंगे। समीक्षा के दौरान ग्रामीण विकास विभाग की मनरेगा, पीएम आवास ग्रामीण, बाबा साहब भीमराव अंबेडकर आवास योजना, बिरसा हरित ग्राम, पोटो हो खेल विकास योजना की प्रगति की रिपोर्ट पर विचार-विमर्श होगा इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग व कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित योजनाओं के साथ-साथ पेयजल विभाग की जल जीवन मिशन व स्वच्छ भारत मिशन योजनाएं समीक्षा के केंद्र में है।

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