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Jharkhand Politics: फिर गरमाया झारखंड में स्थानीय नीति का मुद्दा, 23 सितंबर से पदयात्रा कर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने का आजसू ने किया ऐलान

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Jharkhand Politics: झारखंड में स्थानीयता का मुद्दा एक बार फिर गरमा रहा है.1932 के खतियान आधारित स्थानीय नीति लागू करने की मांग पर सरकार जल्द काम शुरू करने के हेमंत सोरेन के बयान के बाद एक बार फिर से आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है. आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो (Sudesh Mahto) ने झारखंड में 1932 खतियान आधारित स्थानीय नीति लागू करने की मांग तेज कर दी है.

‘खतियान आधारित स्थानीय नीति को जल्द लागू करे राज्य सरकार’ 

इस बार AJSU (All Jharkhand Student Union) ने स्थानीय नीति को जल्द लागू करने की मांग राज्य सरकार से की है. इस मुद्दे पर आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो ने कहा कि राज्य सरकार भ्रम न फैलाएं. राज्य सरकार खतियान आधारित स्थानीय नीति को जल्द लागू करे.

नियोजन नीति की भी घोषणा करे सरकार 

श्री महतो ने कहा कि मुख्यमंत्री अगर सदन में कोई बात कहें, तो उसकी गंभीरता भी दिखनी चाहिए. स्थानीय नीति के साथ सरकार नियोजन नीति भी लागू करे, लेकिन स्थानीय नीति और नियोजन नीति को लेकर सत्ता की अगुवाई करने वाले झामुमो पर लोगों का विश्वास नहीं ठहरता. तब झामुमो के अतीत पर भी सवाल खड़े हो जाते हैं. अगर झामुमो चाहता, तो 1993 में झारखंड अलग राज्य बन जाता, लेकिन उसने सौदे की राजनीति चुनी.

पदयात्रा कर राज्यपाल को सौंपेंगे ज्ञापन

झारखंड विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा सदन में दिए गए संकेत के बाद स्पीकर रवींद्रनाथ महतो का सोमवार को जामताड़ा में दिए बयान से सरकार द्वारा इस दिशा में कदम उठाये जाने की संभावना बढ़ गई है. इन सबके बीच आजसू प्रमुख सुदेश महतो ने 1932 के आधार पर झारखंड में स्थानीय नीति लागू करने की मांग को लेकर 23 सितंबर विनोद बिहारी महतो की जयंती से प्रत्येक दिन हर विधानसभा क्षेत्र से कार्यकर्ताओं द्वारा रांची पदयात्रा कर ज्ञापन राज्यपाल को सौंपने की घोषणा की है.
मुख्यमंत्री की कथनी और करनी में अंतर जगजाहिर है- सुदेश 

मंगलवार को आजसू कार्यालय में मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए आजसू प्रमुख ने कहा कि मुख्यमंत्री की कथनी और करनी में अंतर है. पहले चुनाव के वक्त लोगों से 1932 खतियान पर स्थानीय नीति बनाने का वादा कर वोट लिया, फिर सत्ता में आने के बाद जो काम तीन महीने में करना था, उसे तीन वर्ष में भी नहीं किया. जब दबाव बढ़ने लगा तो सदन में स्थानीय नीति खतियान आधारित संभव नहीं होने की बात कही. इसके बाद विशेष सत्र बुलाया गया तो  स्थानीय नीति बनाने के संकेत सदन में देकर चले गए.

जातीय जनगणना के बाद हो ओबीसी आरक्षण तय

सुदेश महतोः आजसू प्रमुख सुदेश महतो ने कहा कि जातीय जनगणना कराने बाद सरकार ओबीसी आरक्षण तय करें. इस संबंध में वो राज्यपाल से मिलकर मांग पत्र सौंपेंगे. उन्होंने कहा कि जातीय जनगणना के बाद यह साफ हो जाएगा कि राज्य में किन जातियों की कितनी आबादी है और बाद में आरक्षण का दायरा भी उसी हिसाब से तय किया जाए. आजसू कार्यालय में मीडियाकर्मियों से बात करते हुए सुदेश महतो ने कहा कि आजसू का एक शिष्टमंडल जल्द ही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलकर सरना धर्म कोड को लागू करने की मांग करेगा.

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