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Jharkhand Petrol-Diesel Price: झारखंड में 25 रुपये सस्‍ता होगा पेट्रोल, CM हेमंत सोरेन ने दी सौगात, इन्हें मिलेगा लाभ 

Jharkhand Petrol-Diesel Price

न्यूज़ डेस्क/ समाचार प्लस झारखंड- बिहार
Jharkhand Petrol-Diesel Price: झारखंड (Jharkhand) के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Hemant Soren) ने अपनी सरकार के 2 साल पूरे होने पर बड़ा ऐलान किया है. सीएम हेमंत सोरेन ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी की बड़ी घोषणा की है. उन्होंने कहा कि राज्य में पेट्रोल के कीमत में 26 जनवरी से 25 रुपया की कमी होगी. उन्होंने कहा कि राज्य के गरीब जनता और माध्यम वर्ग के बारे में सोचते हुए यह फैसला सरकार ने लिया है. पेट्रोल के बढ़ते दामों की वजह से राज्य के लोग बहुत ही परेशान थे, ऐसे में राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के द्वारा किया गया यह ऐलान वाकई बहुत ही राहत देने वाला है. सरकार के दूसरे साल पूरे होने पर राज्यवासियों के लिए हेमंत सरकार ने फैसला लिया है.

‘BPL कार्डधारकों को मिलेगा सस्ता पेट्रोल’

सीएम हेमंत सोरेन के बड़े ऐलान के बाद राज्य के वैसे गरीब लोगों को इसका लाभ मिलेगा, जो राशन कार्डधारी हैं. वैसे राशन कार्डधारी जिनके पास बाइक या स्कूटी है, लेकिन पेट्रोल नहीं भरा पा रहे हैं, उन्हें 25 रुपये प्रति लीटर की छूट मिलेगी. एक गरीब परिवार को हर महीने 10 लीटर पेट्रोल लेने में छूट मिलेगी. इस तरह से 250 रुपये प्रति माह प्रति गरीब परिवार के बैंक खाते में राशि ट्रांसफर की जायेगी.

“कोरोना संक्रमण का भय आज भी समाप्त नहीं हुआ है”

मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि इन 2 सालों में बहुत चीजों को करीब से देखा, चाहे वह किसान हो, मजदूर हो, व्यवसायी वर्ग हो, सभी लोगों को प्रभावित किया. इन दो सालों में लगभग पूरी दुनिया थम-सी गई थी. लोगों को घर में रहने पर मजबूर होना पड़ा. एक ऐसी वैश्विक समस्या से हमें रूबरू होना पड़ा जिसे ना हम जानते थे ना पहचानते थे. कोरोना संक्रमण का भय आज भी समाप्त नहीं हुआ है. इस समस्या को देखते हुए इस समारोह को सावधानीपूर्वक करने का प्रयास किया है.

“सरकार की होती है बड़ी जिम्मेदारी”

उन्होंने कहा कि बहुत सीमित लोगों के साथ यह कार्यक्रम कर रहे हैं. यह दो  साल हर व्यक्ति, हर वर्ग, हर संस्था के लिए चुनौती भरा रहा. जिसकी जो जिम्मेवारी रहती है, वह उसे पूरा करता है, मजदूर को मजदूरी करके पेट पालने की जिम्मेदारी रहती है, उसी प्रकार सरकार की भी जिम्मेदारी रहती है कि राज्य कैसे चले, जनमानस कैसे सुरक्षित रहे, किसान कैसे सुरक्षित रहे, मजदूर कैसे सुरक्षित रहे, व्यापारिक प्रतिष्ठान कैसे चल पाए, इंसान तो इंसान जानवर के प्रति भी जिम्मेदारी रहती है.

“महिलाओं की रजिस्ट्री स्कीम गरीबों के लिए नहीं, अमीरों के लिए थे”

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने सम्बोधन में कहा कि पूर्व में महिलाओं की रजिस्ट्री स्कीम गरीबों के लिए नहीं, अमीरों के लिए थे, इस स्कीम को बंद करके गरीबों के तन ढकने का काम किया.उन्होंने कहा कि पुरानी सरकारों ने इतना कर्ज ले लिया है कि हम आज ही कर्ज में डूबे हैं.

“संविदा कर्मी धरना प्रदर्शन छोड़ कर वार्ता करें”

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के संविदा कर्मी धरना प्रदर्शन छोड़ कर वार्ता करें, हर समस्या का समाधान होगा. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री से पेंशन स्कीम सुधारने की बात कही थी, बात नहीं सुने जाने के बाद हमने यूनिवर्सल पेंशन योजना शुरू की.

मुख्यमंत्री ने की कई घोषणाएं

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कई घोषणाएं भी कीं. उन्होंने घोषणा की कि प्राइवेट स्कूल सरकारी स्कूल की तरह चलाये जाएंगे.भविष्य में और बच्चों को विदेश पढ़ने के लिए भेजा जाएगा, इसमें अनेक जातियों को शामिल किया जाएगा. उन्होंने कहा कि बहुत जल्द ओल्ड स्कीम शुरू किया जाएगा और  स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना लायी जाएगी, जिससे छात्र छात्राओं को आगे बढ़ने में मदद मिलेगी. उन्होंने कहा कि राज्य की 50% आबादी ST-SC और OBC को बैंक लोन देना नहीं चाहती हैं. इसके लिए जल्द सरकार कोई निर्णय लेगी.

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