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Jharkhand: आखिर यह कैसे हुआ? जिस PIL में हेमंत समेत 9 लोग पार्टी उसमें अधिवक्ता राजीव को गिरफ्तार करवाने वाले का नाम नहीं?

Jharkhand: Not the name of the person who got the advocate Rajiv arrested?

न्यूज डेस्क/ समाचार प्लस – झारखंड-बिहार

इन दिनों झारखंड की राजनीति में बड़ा हड़कम्प मचा हुआ है। पहले तो झारखंड के तीन विधायक भारी कैश के साथ पश्चिम बंगाल में गिरफ्तार कर लिये गये। इस गिरफ्तारी को लेकर झारखंड में कई तरह से सियासी कयास लगने शुरू भी हो गये। इसके बाद गिरफ्तारी होती है झारखंड हाई कोर्ट के बड़े अधिवक्ता राजीव कुमार की। यह गिरफ्तारी भी साधारण नहीं है। क्योंकि वह कोलकाता एक केस को ‘मैनेज’ करने पहुंचे थे, केस मैनेज हो गया, फिर ‘खेला’ भी हो गया।

पहले तो अधिवक्ता राजीव कुमार के बारे में किसी को कुछ पता नहीं चल पाया, फिर घंटों बाद पता चला कि राजीव कुमार को एक केस मैनेज करने और रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया गया है। केस बड़ा था तो रकम भी कोई छोटी-मोटी नहीं थी, रिश्वत एक करोड़ रुपए की थी। इसी की पहली किस्त 50 लाख लेते कोलकाता पुलिस ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। इसके बाद एक नहीं दो-दो सचाइयां सामने आयीं, पहली यह कि अधिवक्ता राजीव कुमार की गिरफ्तारी कोलकाता के व्यवसायी अमित अग्रवाल की शिकायत पर हुई थी। और दूसरी जिस PIL के आधार पर यह गिरफ्तारी हुई उसमें वह व्यसायी पार्टी है ही नहीं, जबकि उसमें 9 लोगों को पार्टी बनाया गया है।

हेमंत सोरेन समेत 9 लोग पीआईएल में हैं पार्टी

कोलकाता पुलिस को अमित अग्रवाल ने एक आवेदन देकर बताया था कि केस नंबर 4290/2021 को मैनेज करने के लिए अधिवक्ता राजीव कुमार ने 10 करोड़ रुपए की डिमांड की थे। ‘सौदा’ एक करोड़ में तय हुआ। तय रकम दो किस्तों में देने पर सहमति बनी। इसी की पहली किस्त 50 लाख रुपए लेने के लिए राजीव कुमार कोलकाता पहुंचे थे और उनके साथ ‘खेला’ हो गया। मगर इसके आगे की कहानी और दिलचस्प है। जिस केस नंबर 4290/2021 का हवाला देकर शिकायतकर्ता ने राजीव कुमार को गिरफ्तार करवाया, जिस केस में राज्य के मुख्य सचिव, इनकम टैक्स, सीबीआई, ईडी, हेमंत सोरेन, बसंत सोरेन, रवि केजरीवाल और रजिस्ट्रार ऑफ कंपनी पार्टी बनाये गये है। कुल नौ को इस पीआईएल में पार्टी बनाया गया है, लेकिन इसमें अमित अग्रवाल पार्टी है ही नहीं। जबकि 4290 केस नंबर का जिक्र करते हुए ही उसने ही इसी केस को मैनेज करने की बात की थी और अधिवक्ता राजीव कुमार को गिरफ्तार करवाया था।

सरयू राय और बाबूलाल ने लिए मजे

पूर्व मंत्री सरयू राय ने ट्विट में इस मामले में मजे लेते हुए कहा- “ खनन, मनरेगा और मुखौटा कंपनियों में सरकारी हुक्मरानों पर दो मुक़दमे (4290/21, 727/22) झारखंड उच्च न्यायालय में चल रहे हैं जिनमें श्री शिव शंकर शर्मा आवेदक राजीव कुमार एडवोकेट हैं। इन दोनों में अमित अग्रवाल का नाम नहीं है। फिर राजीव कुमार किस मामले से उनका नाम निकालते।” ऐसा ही कुछ ट्विट भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने भी कहा है।

यह भी पढ़ें: Jharkhand: PM मोदी की अध्यक्षता में 7 अगस्त को हो रही नीति आयोग की बैठक, सीएम हेमंत रखेंगे कौन-कौन-सी समस्याएं?

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