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Jharkhand: पचुवाड़ा सेन्ट्रल कोल ब्लॉक में माइनिंग और ट्रांसपोर्टिंग का काम सात साल बाद शुरू

Jharkhand: Mining started after seven years in Pachuwada Central Coal Block

कोलगेट घोटाला में नाम आने के बाद 2015 से बंद था कोल प्रोजेक्ट

पाकुड़ से कार्तिक कुमार की रिपोर्ट/ समाचार प्लस – झारखंड-बिहार

पचुवाड़ा सेन्ट्रल कोल ब्लॉक में शुक्रवार से सात साल बाद कोयले का खनन और परिवहन का कम शुरू हो गया। पाकुड़ जिले के अमड़ापाड़ा ब्लॉक में स्थित पचुवाड़ा सेन्ट्रल कोल ब्लॉक के माइनिंग क्षेत्र कठालडीह गांव में आज दिलीप बिल्डकोन और पंजाब स्टेट पावर कोर्पोरेशन के अधिकारियों ने विस्थापित ग्रामीणों और ग्राम प्रधानों की मौजूदगी में विधिवत भूमि-पूजन कर माइंस से लोडिंग का काम शुरू किया। डीबीएल के वाइस प्रेसीडेंट धनंजय झा और माइंस इंचार्ज देवेन्द्र झा ने भूमि पूजन कर ग्राम प्रधानों के साथ कोयले से लदी डंपर को हरी झंडी दिखाकर रेलवे साइडिंग पाकुड़ के लिए डंपर को रवाना किया। सात साल बाद कोयला खदान चालू होने से स्थानीय विस्थापित ग्रामीण, ट्रांसपोर्टर और आम जनता के चेहरे पर ख़ुशी देखी गई। प्रबंधन ने कहा की विस्थापित ग्रामीणों को विश्वास में लेकर यहां तीस साल तक खनन और परिवहन का काम करेंगे। सीएसआर के तहत निर्धारित मापदंडो का कंपनी शत-प्रतिशत पालन करेगी। मौके पर सभी ग्राम प्रधान, ग्रामीण रंजन मरांडी, प्रधान मुर्मू, सांसद प्रतिनिधि श्याम यादव सहित सैकड़ों विस्थापित और प्रभावित ग्रामीण मौजूद थे।

कोलगेट घोटाले में नाम आने के बाद 2015 से बंद पड़ी थी कोयला खदान

कांग्रेस सरकार में कोल ब्लॉक आवंटन में हुई अनियमितता में पचुवाड़ा सेन्ट्रल कोल ब्लॉक का नाम आने के बाद अप्रैल, 2015 से माइंस बंद पड़ी थी। पुनः एक साल बाद सेन्ट्रल कोल ब्लॉक पंजाब स्टेट पावर कोर्पोरेशन को आवंटित हुआ। फिर एमडीओ की प्रकिया शुरू हुई और उसमे एमटा और डीबीएल ने माइनिंग करने का दावेदारी की, लेकिन यह मामला फिर पंजाब के पटियाला हाई कोर्ट से निकल कर सुप्रीम कोर्ट तक जा पहुंचा। अंत में डीबीएल को ही एमडीओ की स्वीकृति मिली। और आज से डीबीएल के खनन कार्य शुरू किया।

कोल ब्लॉक में 9 गांव के लोग होंगे विस्थापित

पचुवाड़ा सेन्ट्रल कोल ब्लॉक में 9 गांव के लगभग दो हजार की आबादी विस्थापित होगी। विस्थापित होने वाले गांव में कठालडीह, सिंग्देहरी, आम्झारी, तालझारी, आलूबेड़ा, चिलगो, विशनपुर, पचुवाड़ा और डांगापाड़ा शामिल हैं। पहले चरण में कोयले के खनन का काम कठालडीह गांव से शुरू की गया है और यहां के लोगों को न्यू कठालडीह गांव में शिफ्ट कराया गया है।

पंजाब के पावर प्लांट में पाकुड़ से जायेगा कोयला

पचुवाड़ा सेन्ट्रल कोल ब्लॉक से पंजाब के भटिंडा, रोपड़ में स्थित पावर प्लांट में रेलवे रैक के माध्यम से कोयला भेजा जाएगा। पंजाब स्टेट पावर कोर्पोरेशन को आवंटित कोल ब्लॉक से नियमित माइनिंग और ट्रांसपोर्टिंग के काम को देखने के लिए पंजाब के अधिकारी यहां केम्प किये हुए हैं। यह प्रोजेक्ट 13 सौ हेक्टेयर एरिया में स्थित है।

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