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Jharkhand: काशी विश्वनाथ और विन्ध्याचल मंदिर का जीर्णोद्धार तो हो गया, अब बारी बाबा वैद्यनाथ की!

'Namo-Namo' in Baba Nagari today, PM will shower gifts in Jharkhand before Sawan

देवघर आगमन पर पीएम मोदी कर सकते हैं ऐलान!

न्यूज डेस्क/ समाचार प्लस – झारखंड-बिहार

12 जुलाई झारखंड के इतिहास के लिए खास होने वाली है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस दिन बाबा वैद्यानथ की नगरी देवघर में पधार रहे हैं। अवसर है- देवघर एरोड्राम के उद्घाटन का। देवघर एरोड्राम का उद्घाटन हो जाने के बाद बाबा नगरी देश के कई हिस्सों से हवाई मार्ग से जुड़ जायेगी। यह अवसर तो झारखंड के लिए काफी खास है ही। एक खास बात यह भी है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश के पहले ऐसे प्रधानमंत्री होंगे जो बाबा वैद्यनाथ के दर्शन करेंगे।

पीएम मोदी बाबा नगरी आ रहे हैं और बाबा को कोई ‘बड़ा तोहफा’ न दें, ऐसा कैसे हो सकता है। वैसे तो पीएम मोदी 16000 करोड़ की सौगात लेकर देवघर आ रहे हैं। इन 16000 करोड़ रुपयों की सौगात में झारखंड के लिए बहुत कुछ है। लेकिन झारखंड के लिए सबसे खास हो सकता हैं, बाबा वैद्यनाथ धाम के लिए कोई बड़ा ऐलान। बता दें, पीएम मोदी उत्तर प्रदेश के वाराणसी संसदीय क्षेत्र से लोकसभा सदस्य हैं। पीएम मोदी की बाबा भक्ति का असर है कि आज काशी विश्वनाथ मंदिर विश्व पटल पर एक अलग ही स्वरूप में अवतरित हुआ है। उत्तर प्रदेश का यह सौभाग्य है कि उसे योगी आदित्यनाथ जैसा मुख्यमंत्री मिला है। पीएम मोदी और योगी की ही यह चमत्कार है कि वाराणसी से सटे प्राचीन काल से विख्यात धर्म स्थल विन्ध्याचल मंदिर का भी जीर्णोद्धार हो रहा है। जो श्रद्धालु काशी विश्वनाथ और विन्धाचल मंदिर पहले जा चुके हैं, वे दोनों जगहों में हुई परेशानियों से अवगत होंगे। इनकी संकीर्ण गलियों को कारण वहां जाने वाले श्रद्धालुओं को काफी तकलीफें होती थीं। आज स्थिति बदल चुकी है। अब वहां पहले की तुलना में कई गुणा श्रद्धालु बिना किसी दिक्कत के अपने आराध्य के दर्शन कर सकते हैं। काशी विश्वनाथ में परियोजना का एक चरण पूर्ण हो चुका है और मंदिर भक्तों के लिए खोला भी जा चुका है। दूसरा चरण पूर्ण हो जाने के बाद काशी विश्वनाथ का स्वरूप और बदल जायेगा तथा श्रद्धालुओं के लिए यह और भी सुविधाजनक हो जायेगा। विन्ध्याचल मंदिर का काम अभी प्रगति पर है, यह भी शीघ्र पूर्ण हो जायेगा।

बात हम कर रहे हैं बाबा वैद्यनाथ धाम की। काशी विश्वनाथ और विन्ध्याचल की पहले जैसी ही स्थिति वैद्यनाथ धाम में है। मंदिर के चारों ओर संकीर्ण गलियों का जाल बिछा है। पतली-पतली गलियां छोटी-छोटी पूजा और प्रसाद की दुकानों के कारण और संकीर्ण हो जाती हैं। परेशानी होती है तो यहां आने वालों भक्तों को। यह और बात है कि बाबा भोले की भक्ति के कारण भक्त हर परेशानी सह जाते हैं, फिर भी बहुत से लोग, खासकर सावन के महीने में प्रतिदिन लगने वाली लाखों की भीड़ से बचने के कारण यहां आने से कतराते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जरूर यहां की स्थिति से अवगत होंगे। वह जब यहां आयेंगे तो यह सब अपनीआंखों से देखेंगे। निश्चित ही उन्हें काशी विश्वनाथ याद आयेगा। एक ज्योतिर्लिंग का कायाकल्प तो उन्होंने कर दिया, द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक ‘रावणेश्वर वैद्यनाथ धाम’ का भी जीर्णोद्धार करने का ख्याल उनके मन में आयेगा ही। अगर ऐसा होता है तो सोचिये, झारखंड के भोले भक्तों के लिए यह कितना बड़ा अवसर होगा जब प्रधानमंत्री खुद वैद्यनाथ धाम के जीर्णोद्धार की घोषणा करेंगे।

बाबा वैद्यनाथ धाम का जीर्णोद्धार आज की आवश्यकता है

धर्म को लेकर विश्व में चाहे जितना भी विद्वेष फैला हो, लेकिन अपने धर्म के प्रति आस्था कभी खत्म होने वाली नहीं है। समय के साथ, जिस घर में हम रह रहे होते हैं, वह छोटा लगने लगता है, इसीलिए हर वर्ष हर धार्मिक स्थल पर बढ़ती श्रद्धालुओं की भीड़ कारण वहां की सुविधाओं में परिवर्तन करना पड़ रहा है। बाबा वैद्यनाथ धाम में भी श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं बढ़नी चाहिए। लेकिन ऐसा तब होगा जब बाबा वैद्यनाथ धाम को काशी विश्वनाथ की तरह संकीर्ण गलियों से छुटकारा मिल जाये। ऐसा असम्भव भी नहीं है। काशी विश्वनाथ की तरह योजना तैयार कर बाबा  वैद्यनाथ का भी जीर्णोद्धार किया जा सकता है। गर्भगृह में छेड़छाड़ किये बिना शेष परिसर को व्यवस्थित तरीके से विकसित किया जा सकता है। इसी परिसर में गलियों के दुकानकारों को मुआवजा के साथ नये और व्यवस्थित तरीके से बसाया भी जा सकता है। व्यवस्थित तरीके से बस जाने के बाद सावन के महीने में लाखों की भीड़ यहां जमा होने पर किसी को मंदिर तक जाने और बाबा के जलाभिषेक में कोई दिक्कत नहीं होगी। उम्मीद की जानी चाहिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बाबा वैद्यनाथ के भक्तों की सुध लेंगे और जीर्णोद्धार का बड़ा ऐलान कर सावन के शुरू होने से ठीक पहले ‘रावणेश्वर वैद्यनाथ धाम’ का सच्चा अभिषेक करेंगे।

बाबा वैद्यनाथ के पुजारियों को भी विश्वास होगा कायाकल्प

देवघर और झारखंड के लोगों को तो यह लगता है कि बाबा वैद्यनाथ मंदिर का कायाकल्प होना चाहिए। मंदिर के पुजारी भी ऐसा ही सोचते हैं। मंदिर के पंडा, पंडा धर्मरक्षिणी सभा के अध्यक्ष सुरेश भारद्वाज, महामंत्री कार्तिकनाथ ठाकुर सहित मंदिर पर आश्रित सभी पुरोहितो को विश्वास है कि पीएम नरेंद्र मोदी भी काशी विश्वनाथ मंदिर व विंध्याचल मंदिर के तर्ज पर बाबा वैद्यनाथ मंदिर का भी कायाकल्प और सौन्दर्यीकरण होगा। इस विषय को लेकर ‘समाचार प्लस’ के संवाददाता ने मंदिर के कई पंडों से विस्तृत जानकारी भी ली। उन्होंने बताया कि मंदिर के गर्भ गृह में एक साथ काफी संख्या में श्रद्धालुओं के प्रवेश से श्रद्धालुओं को काफी दिक्कत व परेशानी होती है। श्रद्धालुओं को सुगमता पूर्वक जलाभिषेक के लिए विशेष सुविधा व व्यवस्था होनी चाहिए। साथ ही सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम होना चाहिए। जिससे यहां आने वाले कांवरिया व श्रद्धालु एक सुखद अहसास के साथ यहां से पूजा कर लौट सकें। वहीं मंदिर के एक पंडा ने कहा कि चूंकि यहा सभी पुरोहित व पंडा बाबा वैद्यनाथ मंदिर पर आश्रित हैं ,इसलिए उन्हें जिला प्रशासन व सरकार के द्वारा बाबा मंदिर में विशेष सुविधा उपलब्ध करवाया जाना चाहिए।

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