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Jharkhand: त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का पहला चरण कल, मतदाता-प्रत्याशी जान लें कैसे करना है मतदान

Jharkhand: First phase of three-tier panchayat elections tomorrow

न्यूज डेस्क/ समाचार प्लस – झारखंड-बिहार

झारखंड त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के पहले चरण का मतदान शनिवार को हो रहा है। पहले चरण में कोडरमा, जामताड़ा व खूंटी को छोड़कर शेष 21 जिलों के 72 प्रखंडों के 1,117 ग्राम पंचायतों में मतदान होगा। मतदान सुबह 7 बजे से शुरू होकर शाम 3 बजे तक चलेगा। इस चरण में कुल 9,819 सीटों पर मतदान होगा। प्रथम चरण में 30,221 उम्मीदवार चुनाव मैदान में है, जिनमें 17,437 महिलाएं हैं। इस चरण की कुल 9,819 सीटों में 5,057 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।

प्रथम चरण में ग्राम पंचायत सदस्यों की 7304, मुखिया की 1,117, पंचायत समिति सदस्यों की 1,256 और जिला परिषद सदस्यों की 143 सीटें हैं। इन सीटों के लिए ग्राम पंचायत सदस्य के लिए 17,822, मुखिया के लिए 6,890, पंचायत समिति सदस्य के लिए 4,694 तथा जिला परिषद सदस्य के लिए 815 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं।

पंचायत चुनाव आम चुनाव से अलग होते हैं। इसलिए मतदान केन्द्र पर पहुंचने से पहले मतदाताओं और प्रत्याशियों को मतदान पूरी प्रक्रिया और उसके तरीके को समझ लेना बेहतर है। हम यहां आपको बता रहे हैं त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की प्रक्रिया क्या है-

  • मतदान सुबह सात बजे से दोपहर बाद तीन बजे तक चलेगा। इस अवधि से पहले मतदान केन्द्र के अंदर पहुंचे व्यक्ति को मतदान कराया जायेगा। चाहे मतदान का समय समाप्त क्यों न हो गया हो।
  • मतदान के दिन कोई भी उम्मीदवार या व्यक्ति मतदान केन्द्र के अंदर या केन्द्र से सौ मीटर की दूरी के भीतर किसी भी तरह का प्रचार नहीं कर सकता है। ऐसा करने वाले व्यक्ति गिरफ्तार किये जा सकते हैं।
  • कोई भी उम्मीदवार, पोलिंग अभिकर्ता या समर्थक कार्यकर्ता मतदान केन्द्र से सौ मीटर की दूरी के अंदर चुनाव चुनाव कैम्प नहीं लगा सकते।
  • और न ही अपने पक्ष में मतदान करने के लिए निवेदन कर सकते हैं। मतदाता को दी जाने वाली पर्चियां सादे कागज पर होंगी, उस पर किसी तरह का चिह्न या नाम नहीं होगा।
  • मतदान केन्द्र के अंदर या पास में कोई भी व्यक्ति किसी प्रकार को शोर करने के साधन (लाउडस्पीकर, रेडियो, टेप आदि) का उपयोग नहीं कर सकता या न ही अनावश्यक भीड़ एकत्र करेगा।
  • मतदान के दौरान मतदान की प्रक्रिया से जुड़ा हुआ कोई भी सरकारी कर्मचारी, अधिकारी या पदाधिकारी ऐसा कोई काम नहीं कर सकता जिससे किसी उम्मीदवार की जात या हार पर असर पड़े।
  • कोई भी व्यक्ति मतपत्रों को मतदान केन्द्र से बाहर नहीं ले जा सकता। यदि कोई व्यक्ति ऐसा करता है या करने की कोशिश करता है तो उस पर पुलिस द्वारा कार्यवाही की जा सकती है। उसकी तलाशी भी ली जा सकती है। किसी महिला की तलाशी महिला द्वारा सम्मान के साथ ही ली जा सकती है।
  • कोई भी व्यक्ति मतदान केन्द्र पर लगी हुई किसी भी सूचना या सूची को नष्ट या उसमें बदलाव नहीं कर सकता।
  • अवैध रूप से न तो कोई किसी को मतपत्र दे सकता है और न ही ले सकता है। कोई भी व्यक्ति मतपेटी में मतपत्र के अलावा अन्य कोई वस्तु नहीं डाल सकता और न ही मतपेटी को खोल सकता है। यदि कोई व्यक्ति बिना अधिकार के मतपेटी खोलता है या उपरोक्त में से कोई कार्य करता है तो ऐसी स्थिति में चुनाव प्रक्रिया में शामिल कर्मचारी को सजा हो सकती है।
मतदान की पहचान को लेकर आपत्ति
  • प्रत्येक मतदाता अपना वोट स्वयं ही डाल सकता है। किसी दूसरे व्यक्ति के स्थान पर या दूसरे व्यक्ति के नाम का उपयोग नहीं कर सकता है।
  • यदि किसी व्यक्ति की पहचान होने से पोलिंग अभिकर्ता द्वारा आपत्ति उठायी जाती है और आपत्ति को सही पाया जाये तो ऐसे व्यक्ति पर कानूनी कार्यवाही की जा सकती है और यदि आपत्ति गलत निकलती है यानी सही व्यक्ति ही मतदान कर रहा है तो उसे मतदान करने की अनुमति दी जाती है।
मतदान केन्द्र में प्रवेश
  • पीठासीन पदाधिकारी मतदान पदाधिकारी निर्वाचन करने के लिए पदस्थापित अधिकारी, राज्य निर्वाचन आयोग या जिला निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा प्राधिकृत कोई व्यक्ति मतदाता के साथ गोद वाले शिशु और शरीर से विकलांग व्यक्ति को सहयोग देने वाले व्यक्ति को मतदान केन्द्र में रहने या प्रवेश की इजाजत दे सकता है।
मतदाता पहचान पत्र नहीं रहने पर वोट कैसे देंगे?
  • जिन्हें अभी तक मतदाता पहचान पत्र नहीं मिल सका है या किसी कारणवश उससे प्रस्तुत करने में सक्षम नहीं हैं तो मतदाताओं को अपनी पहचान साबित करने के लिये पीठासीन पदाधिकारी के सामने वैकल्पिक दस्तावेज प्रमाण प्रस्तुत करने होंगे।
  • निर्चाचन आयोग ने इसके लिए 6 तरीके अपनाये हैं। मतदाता पहचान पत्र नहीं रहने पर वोटरों को पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, आयकर प्रमाण पत्र अथवा पैन कार्ड दिखाकर भी मतदान कर सकते हैं।
  • पहचान के लिये राज्य/केन्द्र सरकार अथवा औद्योगिक संस्थान द्वारा जारी किये गये सेवा पहचान पत्र भी मान्य हैं।
  • इसके अलावा बैंक, डाकघर पासबुक तथा निर्वाचन से कम से कम एक महीने पहले खोला गया खाता भी काम आ सकता है।
  • इसी तरह छात्र प्रमाण पत्र दिखाकर भी वोट दे सकते हैं, बशर्तें कि वह मान्यता प्राप्त संस्थान से चुनाव की तिथि से एक महीने पहले जारी किया गया हो।
  • मतदाताओं की पहचान के लिए राशन कार्ड या संपत्ति दस्तावेज जैसे- पट्टा, रजिस्ट्री के कागजात भी मान्य होंगे। सक्षम पदाधिकारी द्वारा जारी जाति प्रमाण पत्र भी पहचान के काम में आ सकता है, बशर्ते कि वह एक महीने पहले जारी किया गया हो।
  • भूतपूर्व सैनिक पेंशन बुक, सैनिक विधवाओं के लिए आश्रित प्रमाण पत्र, वृद्धावस्था पेंशन एवं विधवा पेंशन के कागजात भी मान्य होंगे।
  • इसी तरह रेलवे पहचान पत्र, स्वतंत्रता सेनानी पहचान पत्र, शस्त्र लाइसेंस एवं विकलांगता प्रमाण पत्र भी पहचान पत्र नहीं रखने की स्थिति में मतदान के लिए अनुमान्य होगा।
  • उक्त सब कागजात परिवार के मुखिया या किसी एक सदस्य के पास उपलब्ध होने पर उस परिवार के दूसरे सदस्यों की पहचान में भी कारगर होंगे, बशर्ते कि ऐसे दस्तावेज के आधार पर दूसरे सदस्यों की पहचान हो सके।
मतपत्रों की संख्या/रंग :

एक वोटर को चार वोट देना है और इसके लिए चार रंग के मतपत्र होंगे –

पहला वोट : वार्ड सदस्य के लिए देना है। वार्ड सदस्य का चुनाव 500 की आबादी पर होगा, जिसके लिए मतपत्र का रंग सफेद होगा।

दूसरा वोट : मुखिया के लिए देना है। मुखिया का चुनाव 5000 की आबादी पर होगा, जिसके लिये मतपत्र का रंग हल्का गुलाबी होगा।

तीसरा वोट : पंचायत समिति के सदस्य के लिए देना है। पंचायत समिति के सदस्य का चुनाव भी 5000 की आबादी पर होगा, जिसके लिए मतपत्र का रंग हल्का हरा होगा।

चौथा वोट : जिला परिषद के सदस्य के लिए देना है। जिला परिषद के सदस्य का चुनाव 50,000 की आबादी पर होगा, जिसके लिये मतपत्र का रंग हल्का पीला होगा।

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