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Jharkhand Crime: झारखंड में नहीं थम रहा महिलाओं के साथ हैवानियत का सिलसिला, क्या सूबे में ख़त्म होता जा रहा कानून का डर?

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झारखंड (jharkhand) में महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा पर हमेशा सवाल उठते रहे हैं. कभी छेड़छाड़ तो कभी छिनतई तो कभी दुष्कर्म या फिर एसिड फेंकने की घटना की शिकार यहां की महिलाएं आए दिन होती रहती हैं. इन दिनों झारखंड में महिलाओं और युवतियों की इज़्ज़त और जान की सुरक्षा पर लगातार सवाल उठ रहे हैं. दरअसल गांवों- कस्बों से लेकर राजधानी रांची में स्कूल-कॉलेज की लड़कियों के साथ बलात्कार और हत्या के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. इन घटनाओं से आक्रोशित महिलाओं और जन संगठनों का ग़ुस्सा उबाल पर है.

 दुष्कर्म और हिंसा के मामले बढ़े

झारखंड की सोरेन सरकार (Hemant sorens govt.) ने पिछले वर्ष जो आंकड़े राज्यपाल को भेजे थे,  उसके अनुसार राज्य में 2018 की तुलना में 2021 में दुष्कर्म और हिंसा के मामले बढ़े हैं. 2018 में दुष्कर्म के 1478 केस दर्ज हुए.  2021 में 1617 मामले दर्ज हुए. इस प्रकार इन चार वर्षों में दुष्कर्म के 139 मामले बढ़े. इस वर्ष मार्च तक दुष्कर्म के 350 मामले दर्ज हो चुके हैं. इसी प्रकार हिंसा की घटनाएं बढ़ी हैं. इससे संबंधित केस 2018 में 1812 रिपोर्ट किये गये. इसकी संख्या 2021 में बढ़कर 1876 पहुंच गई. पिछले साल अक्टूबर माह में 24 घंटे में झारखंड में गैंग रेप की पांच घटनाएं हुई. ये घटनाएं झारखंड के अलग अलग जिलों में हुई थी. गुमला में दो नाबालिग लड़कियों के साथ दुष्कर्म के मामले के सभी आरोपी अभी गिरफ्तार भी नहीं हुए थे कि राजधानी में भी एक नाबालिग छात्रा के साथ गैंगरेप की वारदात को अंजाम दे दिया गया था.

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एक दिन में आए थे पांच सामूहिक दुष्कर्म के मामले 

एक दिन में आए पांच सामूहिक दुष्कर्म के मामले ने सबको स्तब्ध कर दिया था. एक मामला गुमला में, दूसरा सिमडेगा में तीसरा  गढ़वा में, चौथा गोड्डा और पांचवां मामला रांची में सामने आया था. एक दिन में पांच दुष्कर्म की घटनाओं से पुलिस महकमे पर सवाल उठ खड़े हुए थे. गोड्डा में तो हद ही हो गई थी जब मेहरमा प्रखंड कार्यालय में तैनात दो होमगार्ड्स पर एक मूक बधिर महिला ने सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया . महिला वारदात के वक्त प्रखंड कार्यालय के पास बकरी चराने गई थी. उसने इशारों में हैवानियत की दास्तान बताई.वहीं रांची के नरकोपी थाना क्षेत्र के मुड़हरा पहाड़ पर नाबालिग छात्रा के साथ दो लोगों ने दुष्कर्म किया जब  छात्र घर से जतरा मेला देखने के लिए निकली थी. हजारीबाग जिले में इसी साल मई के महीने में  मटवारी भुइयां टोली से दो लोगों ने कथित तौर पर एक किशोरी का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म किया और फिर उसकी हत्या कर दी थी.

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हाल के दिनों में बढ़े हैं राज्य में महिलाओं के प्रति अपराध 

हाल के दिनों में तो मनचलों ने हैवानियत की सारी हद ही पार कर दी.  23 अगस्त (2022) को दुमका की अंकिता को पेट्रोल छिड़कर जला दिया. एक सिरफिरे आशिक ने उस पर पेट्रोल फेंक उसे आग के हवाले कर दिया, बाद में इलाज के दौरान रिम्स में उसकी मौत हो गई. वहीं मनचलों को फोन नंबर देने से इनकार करने पर मेदिनीनगर निवासी खुशी को चलती ट्रेन से धक्का मारकर नीचे गिरा दिया गया. 4 अगस्त को चतरा के हंटरगंज थाना क्षेत्र में धेबू गांव की रहने वाली काजल  पर मनचले ने एसिड फेंककर हमला किया. काजल घर में सोई हुयी थी. इसी दौरान सनकी युवक ने उस पर तेजाब छिड़क कर मारने की कोशिश की. 21 अगस्त 2022 को झारखंड के दुमका जिले के जरमुण्डी थाना क्षेत्र की 14 वर्षीय किशोरी के साथ छेड़खानी और दुष्कर्म के प्रयास का मामला सामने आया. दरिंदगी का विरोध करने पर लड़की को पीट-पीट कर अधमरा कर फेंक दिया गया. गंभीर हालत में उसका फूलो झानो मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है. 28 अगस्त को रांची के नरकोपी में 15 साल की आदिवासी नाबालिग लड़की से मोहम्मद सहरुउद्दीन नामक आरोपी ने घर में घुसकर दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया.

सरकार की भूमिका पर उठ रहे सवाल 

राज्य  में  महिलाओं के खिलाफ बढ़ रहे अपराध केवल हेमंत सोरेन सरकार की बात नहीं है. अपराधी तो रघुवर दास सरकार में भी बेलगाम थे, लेकिन सरकार बदलने के बाद स्थिति बदलने की उम्मीद थी, जिसमें फिलहाल निराशा ही हाथ लगी है. महिला हिंसा और यौन प्रताड़ना को लेकर जो क़ानून हैं,  उनका अनुपालन कराने में सिस्टम नाकाम दिख रहा है. झारखंड में ऑनर किलिंग, डायन हत्या, बलात्कार की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रहीं. ऐसे में सरकार की भूमिका पर सवाल उठना लाज़मी हैं.

ये भी पढ़ें : NCRB Data 2021: देश में सबसे ज्यादा सांप्रदायिक दंगा झारखंड में, NCRB के ताजा आंकड़े से खुलासा

 

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