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Jharkhand: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दिल्ली में लॉन्च की झारखंड पर्यटन नीति 2021, विदेशी निवेश पर भी होगा जोर

Jharkhand: Chief Minister Hemant Soren launched Jharkhand Tourism Policy 2021 in Delhi

न्यूज डेस्क/ समाचार प्लस – झारखंड-बिहार

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने नयी दिल्ली के आईटीसी मौर्य होटल में आयोजित कार्यक्रम में झारखंड पर्यटन नीति 2021 का किया शुभारंभ किया। नयी पर्यटन नीति का उद्देश्य झारखंड में पर्यटन का बढ़ावा देना है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा की नयी पर्यटन नीति से झारखंड के पर्यटन का विकास होगा। इसके लिए विदेशी निवेश को भी आकर्षित करने का प्रयास किया जायेगा। झारखंड की नयी पर्यटन नीति में राज्य के प्राकृतिक सौन्दर्य वाले स्थलों के साथ धार्मिक स्थलों का विकास करने की योजना है। राज्य के खूबसूरत पर्यटन स्थलों पारसनाथ, मधुबन, इटखोरी, नेटरहाट, बेतला, दलमा आदि को विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जायेगा।

झारखंड पर्यटन नीति को लॉन्च करने के अवसर पर राज्य पर्यटन सचिव अमिताभ कौशल समेत सरकार के कई अधिकारी मौजूद थे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्य के पर्यटन मंत्री हफीजुल हसन थे, लेकिन आकस्मिक कारणों से वह समारोह में उपस्थित नहीं हो सके। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रतिष्ठित लोग झारखंड की पर्यटन नीति को समझने के लिए उपस्थित थे। बता दें, राज्य के समृद्ध पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन, कला-संस्कृति, खेल और युवा मामले विभाग, झारखंड सरकार, फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) की मेजबानी में झारखंड की नयी पर्यटन नीति लागू की गयी।

इस तरह झारखंड सरकार करना चाहती है पर्यटन का विकास

झारखंड प्राकृतिक सम्पदा से भरपूर राज्य है इसलिए यहां के पर्यटन स्थल देश और विदेश में अपनी पहचान बनाने में सक्षम है। प्राकृतिक ही नहीं, धार्मिक और ऐतिहासिक धरोहर भी पर्यटकों को आकर्षित कर सकते हैं। सरकार का ध्यान पारसनाथ, मधुबन और इटखोरी को धार्मिक तीर्थ स्थल के रूप में विकसित करने पर है। लातेहार, नेतरहाट, बेतला, चांडिल, दलमा, मिरचैया, गेतलसूद सर्किट जैसे इको-सर्किट का विकास कर राज्य में इको-टूरिज्म की अपार संभावनाओं को तलाशा जायेगा। विभिन्न मेलों, त्योहारों, सांस्कृतिक और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देकर राज्य की समृद्ध परम्परा और सांस्कृतिक विरासत से पर्यटकों को रूबरू कराने का प्रयास किया जायेगा। इस नीति में पैराग्लाइडिंग, वाटर स्पोर्ट्स, रॉक क्लाइम्बिंग, मोटर ग्लाइडिंग जैसी साहसिक गतिविधियों की शृंखला भी शामिल है। बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा से सटे होने के कारण झारखंड को भौगोलिक लाभ भी प्राप्त होगा और इस तरह वीकेंड गेटवे की तलाश करने वालों के लिए झारखंड एक आदर्श स्थल के रूप में अपनी पहचान स्थापित कर सकता है। नीति का एक अनूठा पहलू खनन पर्यटन को बढ़ावा देना भी है।

निवेश प्रोत्साहन पर झारखंड सरकार का होगा विशेष जोर

नयी पर्यटन नीति में निवेशकों को आकर्षित करने का प्रयास किया जायेगा। सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से लाइसेंस, प्रोत्साहन और सब्सिडी के लिए एक सुव्यवस्थित प्रणाली के साथ पूरी प्रक्रिया परेशानी मुक्त हो जाएगी। बिल्ट ऑपरेट ट्रांसफर (बीओटी), बीओओटी (बिल्ट ऑन ऑपरेट ट्रांसफर), बीएलटी (बिल्ट लीज ट्रांसफर) के जरिए निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के बीच एक रचनात्मक और पारस्परिक रूप से लाभकारी साझेदारी का प्रस्ताव किया गया है। विदेशी कॉर्पोरेट निकायों (ओसीबी) और एनआरआई के व्यवहार्य द्वारा विदेशी निवेश और तकनीकी सहयोग करने की प्रक्रियाओं को भी अपनाया गया है। झारखंड के पर्यटन को प्रतिभाशाली और मेहनतकश ग्रामीण आबादी के सहयोग से विकसित किया जाएगा। इससे न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि रोजगार के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष अवसर भी सृजित होंगे। साथ ही झारखंड पर्यटन विकास निगम का आधुनिकीकरण किया जाएगा तथा वर्तमान पर्यटक सूचना केंद्रों के उन्नयन पर जोर दिया जाएगा।

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