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जल जीवन मिशन: झारखंड में 59.23 में से 8.88 लाख घरों तक ही पहुंचा जल से नल, राष्ट्रीय औसत से पीछे चल रहा राज्य

जल जीवन मिशन: झारखंड में 59.23 में से 8.88 लाख घरों तक ही पहुंचा जल से नल

न्यूज़ डेस्क/समाचार प्लस झारखंड -बिहार
झारखंड राज्य में हर घर में जल से नल पहुंचाया जा रहा है. केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन के तहत यह कार्य किया जा रहा है. झारखंड में इस कार्य में तेजी लाने के लिए केंद्र सरकार मे वित्त वर्ष 2021-22 के लिए अनुदान राशि को बढ़ाकर 2479.88 करोड़ रुपये कर दिया है. जबकि पिछले वर्ष जल जीवन मिशन के तहत झारखंड को दिया गया केंद्रीय अनुदान 572.24 करोड़ रुपये था. 2019-20 में केंद्र की तरफ से झारखंड के जल जीवन मिशन के लिए 267.59 करोड़ रुपये की राशि दी गयी थी.

शुद्ध पेयजल के मामले में झारखंड की स्थिति बेहद चिंताजनक

गौरतलब है कि शुद्ध पेयजल के मामले में झारखंड की स्थिति बेहद चिंताजनक है. यहां तक की राजधानी रांची के सटे कई ऐसे इलाके हैं, जहां पर लोग गंदा पानी पीने को विवश हैं. आंकड़ों के मुताबिक झारखंड में 29,752 गांव हैं. जल शक्ति मंत्रालय के मुताबिक राज्य के लगभग 4.37 लाख घरों तक ही शुद्ध पेयजल पहुंच पा रहा है.

2024 तक 59.23 लाख घरों में नल से जल पहुंचाने का लक्ष्य

केंद्र सरकार के ‘जल जीवन मिशन’ के तहत वर्ष 2024 तक झारखंड के 59.23 लाख घरों में नल से जल पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है. पेयजलय स्वच्छता विभाग के अनुसार मौजूदा वित्तीय वर्ष में अब तक सिर्फ 8.88 लाख घरों तक ही नल से जल पहुंच पाया है. झारखंड इस योजना में राष्ट्रीय औसत से लगभग 28 प्रतिशत पीछे चल रह रहा है. प्रगति का राष्ट्रीय औसत 43.23 प्रतिशत है. वहीं, राज्य की प्रगति का औसत 15.12 प्रतिशत है.

प्रतिदिन औसतन 1500 घरों में नल से जल पहुंचाया जा रहा है

राज्य सरकार की ओर से एक जुलाई से इस अभियान को गति प्रदान की गयी है. प्रतिदिन औसतन 1500 घरों में नल से जल पहुंचाया जा रहा है. राज्य में रामगढ़ की प्रगति रिपोर्ट सबसे अच्छी है. वहीं, सबसे खराब स्थिति पाकुड़ जिला की है. रामगढ़ में लक्ष्य का 40.49 प्रतिशत हासिल कर लिया गया है. यहां पर कुल 01 लाख 45 हजार 790 घरों में नल से जल पहुंचाना है.इसमें 59 हजार 156 घरों में नल से जल पहुंचा दिया गया है.

रांची पश्चिमी में 2.46 लाख घरों में से 87,117 घरों में ही पानी पहुंचा

पाकुड़ में लक्ष्य का सिर्फ 3.55 प्रतिशत ही प्राप्त किया जा सका है. यहां पर 02 लाख 18 हजार 35 घरों में नल से जल पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है. लेकिन अब तक सिर्फ सात हजार 738 घरों में पानी पहुंचाया गया है. रांची पश्चिमी में 2.46 लाख घरों में से 87,117 घरों में पानी पहुंचा है.

इस पंचायत में सफल हुआ जल जीवन मिशन

रांची जिला के बेड़ो प्रखंड अंतर्गत जामटोली पंचायत में जल जीवन मिशन सफल होता दिख रहा है. 2011 की जनगणना के मुताबिक पंचायत के सभी 1996 घरों तक शुद्ध पेयजल पहुंच रहा है. पंचायत में कुल नौ राजस्व गांव हैं. पंचायत में पेयजल स्वच्छता समिति बनायी गयी है जो प्रतिमाह प्रत्येक कनेक्शन से 30 रुपये जल टैक्स के रूप में लेती है. सुबह और शाम में पानी सप्लाई की जाती है.

प्राथमिकता के आधार पर नल से जल प्रदान की जा रही है

राज्य के जिन क्षेत्रों में पानी की कमी है, जिन इलाकों में पानी की गुणवत्ता खराब है , या प्रदूषित जल पी रहे हैं, उन गांवों में प्राथमिकता के आधार पर नल से जल प्रदान की जा रही है . इसके साथ ही आदर्श ग्राम योजना के तहत चयनित गांव, अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति बहुल गांवों में भी इस योजना का लाभ दिया जा रहा है.

एनएबीएल का प्रमाणीकरण बढ़ाने की जरूरत

इसके साथ ही झारखंड में जल परीक्षण और निगरानी गतिविधियों के लिए आंगनबाड़ी सेविका, आशा कार्यकर्ताओं और स्कूल के शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया है. ताकि वे फिल्ड टेस्ट कीट का उपयोग करके पानी के नमूनों की जांच कर सकें. वर्तमान में झारखंड में मौजूद कुल 33 वाटर टेस्ट लेबोरेटरीज में केवल सात को ही एनएबीएल का प्रमाणीकरण प्राप्त है. इसे बढ़ाने की जरूरत है. हर घर तक नल से जल पहुंचाने की योजना पर तेजी से काम करने की जरूरत है, जिससे 2024 तक सभी घरों में जल शुद्ध पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य पूरा हो सके.

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