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IPL 2022: शुरुआत में ही चौंकने लगी हैं बड़ी टीमें, क्या छोटी टीमें लिखेंगी बड़ी इबारत?

IPL 2022: Big teams are starting to surprise in the very beginning

न्यूज डेस्क/ समाचार प्लस – झारखंड-बिहार

आईपीएल 2022 के तीन मैच अब तक हो चुके हैं, लेकिन परिणाम क्रिकेट फैंस की आशा के अनुरूप नहीं रहे हैं। आईपीएल का आगाज चेन्नई सुपर किंग्स (CKS) और कोलकाता नाईटराइडर्स (KKR) के बीच हुआ। कोलकाता ने चेन्नई को धो डाला। झारखंड के लाल महेन्द्र सिंह धोनी की टीम होने की वजह से CKS झारखंड के क्रिकेट फैंस की पसंदीदा टीम है, लेकिन आईपीएल की शुरुआत होने के पहले ही धोनी ने चेन्नई की कप्तानी छोड़ दी जिससे क्रिकेट फैंस में काफी मायूसी है, हालांकि वह टीम के साथ बने हुए हैं। पहले मैच में उन्होंने शानदार अर्द्धशतक भी जड़ा है। लेकिन इसके बावजूद टीम मैच हार गयी। दूसरी ओर, सबसे ज्यादा नीलामी बोली लगाकर खरीदे गये झारखंड के ही ईशान किशन की टीम मुम्बई भी ऋषभ पतं की दिल्ली कैपिटल से हार गयी है। रोहित शर्मा और ईशान किशन की शानदार शुरुआत के बाद भी टीम न बड़ा स्कोर खड़ा कर सकी और न ही डिफेंट कर सकी। ऐसा ही हाल विराट कोहली की टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) का रहा।  204 रनों का विशाल स्कोर खड़ा करने के बावजूद बेंगलुरु को पंजाब किंग्स के हाथों हार झेलनी पड़ी।

क्या इन बड़ी टीमों की हार इस बात का संकेत है कि आईपीएल में बड़े नाम और बड़ी टीमों के दिन लद गये और छोटी समझी जाने वाली टीमों के नये चेहरे कमाल करेंगे? रविवार की रात खेले गये RCB और PBKS के मैच में पंजाब के लिए कैरेबियन ओडियन स्मिथ का जलवा देखते बना और पंजाब को रोकने के लिए बेंगलुरु के 204 रन भी कम पड़ गये। इससे पहले खेले गये मैच में मुम्बई के धुरंधरों पर दिल्ली टीम के पुछल्ले बल्लेबाज भारी पड़ गये।  जबकि एक दिन पहले शुरुआती मैच में तो चेन्नई की टीम कोलकाता को रोकने में ही नाकाम रही।

अभी तक खेले गये मैचों में किसी भी टीम के बारे में कुछ भी कहना तो अभी जल्दबाजी होगी, लेकिन चेन्नई की टीम में तालमेल का अभाव साफ झलक रहा था। चेन्नई की टीम का ड्रेसिंग रूम में क्या हाल है यह तो साफ तौर पर नहीं कहा जा सकता, लेकिन मैदान में यह साफ झलक रहा था कि टीम में ‘सब कुछ ठीक नहीं’ है। रवींद्र जडेजा में कप्तान वाली बात नहीं दिखी, मैदान में धोनी ही फील्डिंग सेट करते नजर आ रहे थे। धोनी जब तक कप्तान थे तब तक, टीम में चाहे कोई भी राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हो, सब पर उनका प्रभाव दिखता था, लेकिन रवींद्र जडेजा के कप्तान बनते ही यह तिलस्म टूट गया है। न तो जडेजा का प्रभाव खिलाड़ियों पर दिखा, न ही खिलाड़ी जडेजा के प्रभाव में दिखे। यह टीम के लिए शुभ संकेत नहीं है।

अभी तो तीन ही मैच हुए हैं और इन टीमों ने अपना एक-एक मैच ही खेला है, इस पर तुंरत बड़ी प्रतिक्रिया देना अप्रासंगिक होगा। एक बात और भी है कि अभी कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी अपनी-अपनी टीमों के साथ अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने में व्यस्त हैं, इसलिए वे कुछ दिनों बाद ही आईपीएल की अपनी-अपनी टीमों से जुड़ पायेंगे। इन टीमों चेन्नई और कोलकाता की भी टीमें शामिल हैं जो अधूरी टीम के साथ मैदान में हैं। इसके साथ ही, दो नयी टीमों लखनऊ सुपरजायंट्स और गुजरात टाइटंस का भी खेल देखना बाकी है कि आईपीएल में ये नयी टीमें क्या इबारत लिखती हैं।

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