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गरीबी आज भी आंखों में, गांव के लिए कुछ कर गुजरना चाहती हैं अंतरराष्ट्रीय हॉकी प्लेयर संगीता कुमारी

sangita Kumari

न्यूज डेस्क/ समाचार प्लस – झारखंड-बिहार

अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी संगीता कुमारी रेलवे में सरकारी नौकरी मिलने के बाद पहली बार अपने गांव पहुंची हैं। उनके नेक इरादों ने सबका मन जीत लिया है। गांव आकर अपनी पहली पगार से गांव के गरीब बच्चों के बीच हॉकी गेंद और मिठाइयां बांटीं। इससे पहले गांव के सबसे बुजुर्ग सदस्य को धोती भेंट कर उनका आशीर्वाद लिया। बता दें, अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी संगीता कुमारी अपने बस्ती नवाटोली की पहली सदस्य हैं जिन्हें सरकारी नौकरी मिली है।

गरीबी और अभाव के बीच पली-बढ़ी, बांस के डंडे और शरीफे की गेंद से हॉकी की शुरुआत कर जूनियर भारतीय महिला हॉकी टीम तक के संगीता के सफर को रेलवे ने नौकरी देकर आगे बढ़ा दिया है। संगीता कुमारी पहली बार अपने गांव पंहुची हैं। गांव पहुंच कर उन्होंने सर्वप्रथम  गांव के सबसे बुजुर्ग व्यक्ति से मिलकर उनका आशीर्वाद लिया और उन्हें धोती देकर सम्मानित किया। तत्पश्चात अपने गांव के दर्जन भर छोटे गरीब बच्चों में गेंदें बांटीं जो उन्होंने अपने नौकरी की पहली पगार से खरीदी थी। बच्चों को हॉकी गेंद के साथ मिठाइयां भी उन्होंने बांटीं। गांव के छोटे बच्चे नयी गेंद पाकर खुशी से झूम उठे।

सिमडेगा की संगीता जानती हैं गरीबी का दर्द

कई अंतरराष्ट्रीय हॉकी प्रतियोगिताओं में जूनियर भारतीय महिला टीम का प्रतिनिधित्व कर चुकीं संगीता कुमारी सिमडेगा जिले के करनागुड़ी नवाटोली की निवासी हैं। वह गरीबी में जीवन यापन करने वाले किसान रंजीत मांझी एवं लखमणि देवी की चौथी पुत्री हैं। छह भाई-बहनों में संगीता चौथी हैं। गरीबी में पलने के बावजूद संगीता अपनी प्रतिभा के बूते भारतीय महिला हॉकी टीम की सदस्य हैं। उनकी प्रतिभा को सलाम करते हुए रेलवे ने दो माह पूर्व नौकरी देकर उनका सम्मान किया है।

संगीता कुमारी दूर करेंगी अपनी बहनों की पीड़ा

संगीता की तीन बड़ी बहन हैं। पढ़ाई भी करना चाहती हैं, लेकिन गरीबी के कारण वे बारी-बारी से सिमडेगा में पढ़ाई करती हैं। एक बहन एक वर्ष घर में काम करती है तो दूसरी बहन सिमडेगा में पढ़ाई करती है। दूसरे वर्ष घर में काम करने वाली बहन सिमडेगा में पढ़ाई करती हैं तब सिमडेगा वाली बहन घर में काम करती है। संगीता अब अपनी सभी बहनों की पढ़ाई को आसान करना चाहती हैं। संगीता करगागुड़ी नवाटोली की पहली सदस्य हैं जिन्हें सरकारी नौकरी मिली है।

जूनियर भारतीय टीम की स्ट्राइकर हैं संगीता कुमारी

संगीता कुमारी जूनियर भारतीय टीम की स्ट्राइकर हैं। इस वर्ष अगस्त माह में ही उनकी खेल प्रतिभा को देखकर दक्षिण-पूर्व रेलवे ने उन्हें नौकरी दी है। वर्तमान समय में संगीता बेंगलुरु में चल रहे जूनियर भारतीय महिला हॉकी टीम की कैंप में शामिल हैं। शुक्रवार को ही वह अपने गांव पहुंची हैं। संगीता ने कहा कि वह जब भी घर आती थीं तो अपने गांव के छोटे बच्चों को देखती थीं कि वे बांस की जड़ को गेंद बनाकर हॉकी खेल रहे हैं। उन्होंने भी बच्चों के साथ इसी तरह खेला है। आज उन्हें हॉकी के कारण सरकारी नौकरी मिल गयी है। तो इन बच्चों के लिए कुछ करना चाहती हैं। इनका भी हॉकी के प्रति लगाव बना रहे इसी ख्याल से अपनी पहली पगार से इनके लिए हॉकी की गेंद लायी हैं और आने वाले दिनों में इनके लिए तथा जिस विद्यालय से हॉकी के गुर सीखे हैं, उस विद्यालय के लिए भी कुछ करने की इच्छा है।

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