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समय के साथ बदलता गया भारतीय डाक विभाग, बैंकिंग क्षेत्र में भी मनवा रहा अपना लोहा

भारतीय डाक विभाग बैंकिंग क्षेत्र में भी मनवा रहा अपना लोहा

न्यूज डेस्क/ समाचार प्लस – झारखंड-बिहार

बदलते वक्त के साथ डाकघर सिर्फ चिट्ठियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें तमाम वे सुविधाएं मिल रही हैं जो आपको एक बैंक देता है। यही नहीं, तकनीक के दौर में खुद को अपग्रेड रखने के लिए भी पेस्ट ऑफिस लगातार कुछ नया कर रहा है। मूल रूप से चिट्ठियां पहुंचाने के लिए स्थापित डाक विभाग ने बदलते वक्त के साथ खुद को बदला है। आज भी अपने मूल उद्देश्य को पूरा करते हुए यह विभाग बैंकिंग क्षेत्र में भी अपना लोहा मनवा रहा है। डाक विभाग में बहुत कुछ बदल गया है। साधारण तथा पंजीकृत डाक के अलावा स्पीड पोस्ट, एक्सप्रेस पार्सल, प्रीमियम पार्सल आदि की सुविधा जुड़ चुकी है। इतना ही नहीं अब यह विभाग ई-पोस्ट द्वारा त्वरित संदेश भेजने का भी काम शुरू कर दिया है। पहले केवल मनी आर्डर के द्वारा धन अंतरण की सुविधा थी, अब इलेक्ट्रानिक मनी आर्डर, इंस्टेंट मनी आर्डर, वेस्टर्न यूनियन, मनीग्राम, एमओ विदेश, आइएफएस मनी आर्डर, मोबाइल मनी आर्डर ट्रांसफर के जरिए देश-विदेश में त्वरित धन अंतरण की सेवा शुरू हो चुकी है।

बैंकिंग क्षेत्र में भी बड़ा स्तम्भ बन कर खड़ा

पोस्टल सुविधाओं के साथ बैंकिंग क्षेत्र में भी भारतीय पोस्टल विभाग अपनी सशक्त पहचान बना चुका है। इसकी कई सुविधाएं तो सार्वजनिक क्षेत्र की बैंकिंग सुविधाओं की तरह हैं। डाकघर की कुछ सुविधाओं को तो बाद में बैंकों ने भी शुरू किया है। डाकघर की बैंकिंग सेवाओं से जुड़ते नये-नये ग्राहकों की संख्या ही यह बताने के लिए पर्याप्त है कि इसकी सेवाओं पर आम जन विश्वास करते हैं। आइये देखते हैं, भारतीय डाकघर अपने ग्राहकों को कौन-कौन-सी और फायदे की बैंकिंग सुविधाएं दे रहा है-

सेविंग्स अकाउंट – भारतीय पोस्टल विभाग सेविंग अकाउंट की सुविधा दे रहा है। यहां खाता खुलवाने वाले कस्टमर्स को सालाना 4 फीसदी ब्याज मिलता है। 20 रुपये की नकद राशि से कोई भी व्यक्ति डाकघर में सेविंग्स अकाउंट खोल सकता है। आवर्ती जमा खाते में ब्याज दर 8.4 फीसदी है। इसके अलावा डाकघर में कई तरह के अकाउंट शामिल हैं। आवृत्ति जमा योजना में हर माह जमा आधार न्यूनतम 10 रुपये है। अधिकतम कोई सीमा नहीं है। पांच वर्ष की परिपक्वता अवधि वाली इस योजना पर वार्षिक 8.4 फीसदी ब्याज देय है। अगले पांच वर्ष के लिए उसी ब्याज दर पर बढ़ने की सुविधा उपलब्ध है।

मंथली इनकम स्कीम – रेगुलर मंथली इनकम स्कीम में कस्टमर को 8.4 प्रतिशत ब्याज मिलता है। ये ब्याज हर वित्तीय वर्ष के हिसाब से बदलता रहता है। स्कीम का लाभ लेने के लिए कस्टमर को मिनिमम 1500 रुपये ही खाते में रख सकता है। जबकि अधिक से अधिक 4.5 लाख रुपये ही अपने खाते में  रख सकता है। ज्वाइंट अकाउंट में इसकी अधिकतम लिमिट 9 लाख रुपये है।

सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम – पोस्ट ऑफिस का सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम या पीएएससीएए वरिष्ठ नागरिकों की पांच साल की एक योजना है। जिस पर 9 का ब्याज मिलता है। ब्याज से तिमाही आधार पर आय प्राप्त होती है। खाते खोलते वक्त ध्यान रखें कि व्यक्ति की उम्र की तारीख 60 साल हो चुकी हो। इस योजना के तहत निवेश आयकर अधिनियम की धारा 80 सी के तहत लाभ प्राप्त करता है।

नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट – नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट बिल्कुल फिक्स्ड डिपोजिट की तरह है। पीपीएफ की तरह यहां भी ब्याज टैक्स फ्री होता है और रिटर्न लगभग उतना (8.5 फीसदी) मिलता है। ब्याज छमाही जुड़ता है। इस स्कीम में अब तक 5 साल के लॉक इन पीरियड के साथ 10 साल का एनएससी भी शुरू किया गया है। जिस पर ब्याज 8.8 फीसदी है।

पब्लिक प्रोविडेंट फंड- पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी पीपीएफ में निवेश करना सबसे फायदेमंद सौदा है। बच्चों से लेकर बड़ों तक इसका फायदा हर किसी को मिल रहा है। अकाउंट खुलवाने के बाद कम से कम 500 रुपये सालाना जमा करना होता है जबकि खाते में सालभर के अंदर 1.5 लाख रुपये से अधिक जमा नहीं किया जा सकता। पीपीएफ में हर वर्ष ब्याज दर बढ़ती रहती है। हालांकि अकांउंट खुलवाते वक्त 8.7 प्रतिशत ब्याज मिलता है। लॉन्ग टाइम स्कीम के हिसाब से ये सुविधा सबसे बेहतर है। हालांकि कुछ प्रमुख बैंकों में भी ये सुविधा उपलब्ध है।

टाइम डिपोजिट स्कीम – टाइम डिपोजिट योजना पांच साल के लिए होती है। जिसे 200 रुपये से शुरू किया जाता है। पहले चार सालों तक ब्याज दर 8.4 प्रतिशत रहती है जबकि पांचवें साल में ब्याज दर 8.5 प्रतिशत मिलती है। ब्याज वार्षिक रूप से मिलता है, लेकिन तिमाही के आधार पर जोड़ा जाता  है। योजना में मिलने वाला ब्याज बिल्कुल कर मुक्त है।

भारतीय पोस्टल विभाग की आगे की योजनाएं

कोर बैंकिंग सिस्टम – तकनीक के साथ कदम से कदम मिलाकर पोस्ट ऑफिस भी बैंक की तर्ज पर देशभर में अपने नेटवर्क को कोर बैंकिंग सिस्टम से जोड़ रहा है। आप कहीं भी रहें, आपने पोस्ट ऑफिस खाते में पैसा जमा कर सकते हैं और निकाल सकते हैं। फिलहाल ये सेवा मेट्रो शहरों में शुरू की जा रही है। जल्द ही इसे देशभर के पोस्ट ऑफिस में शुरू कर दिया जायेगा।

ऑनलाइन सर्विस – कोर बैंकिंग से जुड़े खाता धारकों के लिए डाकघर ने ई-सिस्टम यानी ऑनलाइन सुविधा भी शुरू की जा रही  है। ये सुवाधा सिर्फ उन्हीं कस्टमर्स के लिए होगी जो बैंकिंग सुविधा से जुड़े होंगे। यही नहीं, ई बैंकिंग की तरह पोस्ट ऑफिस में भी इंटरनेट के जरिये भी कस्टम विभिन्न सुविधाओं का लाभ ले सकेंगे।

यह भी पढ़ें: भारतीय डाक विभाग: ‘कबूतर’ अब बन चुका है ’बाज’, सेवाओं में जोड़ रहा नित नये आयाम

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