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10 वर्ष पहले 11वें स्थान पर रहने वाला भारत बन गया विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, ब्रिटेन को पीछे छोड़ा

India, ranked 11th 10 years ago, became the fifth largest economy in the world

न्यूज डेस्क/ समाचार प्लस – झारखंड-बिहार

आर्थिक मोर्चे पर भारत ने बड़ी छलांग लगायी है। 10 वर्ष पहले भारत अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में 11 स्थान पर था, लेकिन हम पर 200 वर्षों तक राज करने वाला ब्रिटेन अब हमसे पीछे छूट चुका है, क्योंकि भारत ने विश्व की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की लिस्ट में ब्रिटेन को पछाड़ते हुए 5वें स्थान पर कब्जा कर लिया है। यह हर भारतीय के लिए गर्व का विषय है। अंतरराष्ट्रीय संस्था ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट कहती है भारत अब दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। ब्रिटेन के पीछे छूटने के बाद अब अमेरिका, चीन, जापान और जर्मनी ही भारत से आगे हैं। भारत की यह ऊंची उड़ान पिछले 10 वर्षों की उपलब्धि है। क्योंकि 10 वर्षों पहले भारतीय अर्थव्यवस्था 11वें स्थान पर थी।

अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था का यह आकलन पिछली तिमाही है का। इस दौरान डॉलर के मुकाबले भारत के रुपया तो गिरा है यह हम सब जानते हैं, फिर भी यह गिरावट यूके के पाउंड की गिरावट की तुलना में कम रही है। इसी कारण पिछली तिमाही की आर्थिक गणना में ब्रिटेन के मुकाबले भारत को फायदा मिला। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय अर्थव्यवस्था का आकार 854.7 अरब डॉलर हो चुका है, जबकि ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था का आकार 816 अरब डॉलर था।

आर्थिक विशेषज्ञों ने इसकी वजह बताते हुए कहा कि कोरोना संकट के बाद से ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था लड़खड़ाई हुई है, जबकि इसी दौरान भारत ने अपनी अर्थव्यवस्था को न सिर्फ संतुलित रखा, बल्कि उसे गति भी दी। अर्थशास्त्रियों के अनुसार, भारत का यह स्थान आने वाले दिनों में भी सुरक्षित रहने वाला है। आर जब सालाना आधार पर आकलन होगा तब भी भारत दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था ही बना रहेगा। यह स्थान तो सुरक्षित रहेगा, इसमें आगे और सुधार भी दिखेगा।

आम जनता पर क्या दिखेगा इसका असर

सबके मन में यह सवाल जरूर होगा कि आखिर उसका फायदा आम जनता को क्या होगा? अर्थिक विशेषज्ञ बता रहे हैं कि फिलहाल या तुरंत इसका फायदा नजर नहीं आयेगा। इसके लिए थोड़ा इंतजार करना होगा। क्योंकि अर्थव्यवस्था पर महंगाई के साथ कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फैक्टर भी काम करते हैं। तुरंत में जो फायदा भारत को होगा वह निवेश के क्षेत्र में दिखेगा। क्योंकि कोरोना जैसी महामारी के दौर में भारत ने अपनी अर्थव्यवस्था को जिस खूबी से सम्भाला। उससे उसकी साख बढ़ी है। यह विदेशी निवेशकों के मन में भारत के प्रति भरोसे का भी काम करेगा। आगे जब अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक असर दिखाई पड़ने लगेगा तब आम लोगों की जिंदगी पर भी इसका असर दिखने लगेगा।

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