दारोगाजी को ट्रांसफर नहीं मिला तो दुनिया से होंगे ‘ट्रांसफर’! सीनियर से ‘इच्छामृत्यु’ मांगने का हैरतअंगेज मामला आया सामने

झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले के चाईबासा में एक अजीबो-गरीब मामला सामने या है। दरअसल, जिले के कुछ दारोगा का प्रोमोशन हुआ था, लेकिन विभागीय कार्रवाई पूरी नहीं होने के कारण उन्हें विरमित (relieve) नहीं किया गया था। लेकिन इन दारोगा को प्रोमोशन की इतनी हड़बड़ी है कि अगर जल्द उन्हें नये विभाग में ट्रांसफर नहीं किया तो वह आत्महत्या कर लेना चाहते हैं। उन्होंने इसकी इच्छा अपने सीनियर अधिकारी एसपी को पत्र लिखकर जता भी चुके हैं। अपने पत्र में उन्होंने लिखा है कि मेरा ट्रांसफर सीआईडी विभाग में हो गया है, लेकिन अब तक मुझे विरमित नहीं किया गया है। इसलिए मुझे आत्महत्या करने की अनुमति प्रदान करें, ताकि मैं जल्द आत्महत्या कर पाऊं। एसपी ने इस पत्र पर नाराजगी जताते हुए दारोगा से स्पष्टीकरण तो मांगा ही, साथ में उनकी इस हरकत को गैरजिम्मेदाराना भी बताया। एसपी कार्यालय द्वारा कहा गया कि आपके द्वारा विरमित करने का दबाव बनाने के लिए आत्महत्या की अनुमति की मांग करना एक आयोग्य पुलिस पदाधिकारी को प्ररिलक्षित करता है।

प्रोमोशन के बाद आखिर अब तक क्यों नहीं किया गया है विरमित

दरअसल, दारोगा को विरमित नहीं किये जाने की एक सामान्य-सी वजह है। जिसे खुद दारोगा को भी समझना चाहिए। चाईबासा जिला बल से करीब 43 दारोगा स्तर के पुलिस पदाधिकारी का ट्रांसफर विभिन्न जिला इकाइयों में हुआ है। चूंकि यह क्षेत्र नक्सल प्रभावित क्षेत्र है, इसलिए विधि-व्यवस्था तथा अन्य कारणों से बारी-बारी से पुलिस पदाधिकारियों को विरमित किया जा रहा है। वैसे उग्रवाद से अति प्रभावित चाईबासा के कोल्हान इलाके में नक्सली कम हो गये हैं। अब सिर्फ नक्सलियों का छोटा दस्ता ही बचा है। चाईबासा का छोटानागरा थाना क्षेत्र नक्सलियों को सेंटर प्वाइंट बना हुआ है। इनमें कुछ कुख्यात नक्सली अभी शेष हैं। जिनमें माओवादी पोलित ब्यूरो मेंबर मिसिर बेसरा, केंद्रीय कमेटी मेंबर अनल उर्फ पतिराम मांझी और असीम मंडल उर्फ आकाश सहित करीब 80 नक्सली हैं। ऐसे में ट्रांसफर होने के बाद भी हटात ट्रांसफर करना सम्भव नहीं है, इसलिए कुछ दारोगा का ट्रांसफर तो हो गया, कुछ रह गये।

बता दें कि हाल के दिनों में झारखंड पुलिस विभाग में अजीबो-गरीब मामले सामने आये हैं, उन्हीं में से यह भी एक मामला है। बता दें कि कुछ दिनों पहले सरायकेला में पदस्थापित एक एएसआई ने अपने एसपी, डीआईजी और डीजीपी के खिलाफ कोर्ट में मामला दर्ज कराने के लिए छुट्टी मांगी थी,

न्यूज डेस्क/ समाचार प्लस – झारखंड-बिहार

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