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लापरवाही बरती तो फिर लगाना पड़ सकता है लॉकडाउन, तीसरी लहर पर ICMR की चेतावनी

लापरवाही बरती तो फिर लगाना पड़ सकता है लॉकडाउन, तीसरी लहर पर ICMR की चेतावनी

न्यूज़ डेस्क/ समाचार प्लस झारखंड- बिहार

भारत में कोरोना वायरस के नए मामलों का आंकड़ा लगातार नीचे जा रहा है। एक्टिव मरीजों की संख्‍या मार्च 2020 के बाद से सबसे कम है। महामारी का प्रकोप घटता देख लोगों की लापरवाही बढ़ रही है और एक्‍सपर्ट्स की चिंता भी। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने ताजा चेतावनी में इसी संबंध में एक आशंका जाहिर की है।

फरवरी-मार्च में और ऊंची होगी पीक?

ICMR और लंदन के इम्‍पीरियल कॉलेज के रिसर्चर्स ने एक स्‍टडी की। इसके मुताबिक, ‘रिवेंज ट्रेवल’ से भारत में कोविड-19 की तीसरी लहर की स्थिति और खराब हो सकती है। स्‍टडी में कहा गया कि अगले साल फरवरी और मार्च के बीच ऊंची पीक देखने को मिल सकती है। रिवेंज ट्रेवल यानी पिछले डेढ़ साल से घरों में बंद लोग अब मौके का फायदा उठाना चाहते हैं। फ्लाइट्स और होटल बुक कराए जा चुके हैं। भारी संख्‍या में पर्यटकों की आमद वायरस को फैलने में मदद कर सकती है। ICMR ने कहा कि पर्यटकों के अलावा स्‍थानीय निवासियों और अथॉरिटीज को भी जिम्‍मेदारी समझनी होगी।

त्‍योहारी सीजन में थर्ड वेव की पीक 47% तक बढ़ सकती है

रिसर्चर्स का कहना है कि इंटरस्‍टेट ट्रेवल में दी गई छूट अपने आप में ही तीसरी लहर लाने के लिए पर्याप्‍त है। फिर भी पर्यटन या किसी सामाजिक, राजनीतिक या धार्मिक वजह से हुए आयोजन के चलते तीसरी लहर और घातक हो सकती है। हिमाचल प्रदेश का डेटा बताता है कि सामान्‍य हॉलिडे सीजन में पर्यटकों की वजह से राज्‍य की आबादी 40% बढ़ जाती है। स्‍टडी के अनुसार, इन परिस्थितियों को ध्‍यान में रखते हुए त्‍योहारी सीजन में थर्ड वेव की पीक 47% तक बढ़ सकती है। यही नहीं, पीक दो हफ्ते पहले भी आ सकती है।

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