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दुनिया को मिली पहली मलेरिया वैक्सीन कितनी असरदार, भारत की बायोटेक करेगी वैक्सीन निर्माण

दुनिया को मिली पहली मलेरिया वैक्सीन कितनी असरदार

न्यूज डेस्क/ समाचार प्लस – झारखंड-बिहार

30 वर्षों के लम्बे प्रयोगों के बाद आखिरकार दुनिया को पहली मलेरिया वैक्सीन मिल ही गयी। डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस अदनोम गेब्रियस ने संयुक्त राष्ट्र के दो सलाहकार समूहों का समर्थन प्राप्त करने के बाद वैक्सीन को मंजूरी देने की घोषणा की। विश्व स्वास्थ्य संगठन की मंजूरी के बाद अब इसका इस्तेमाल शुरू हो जायेगा। वैक्सीन को मंजूरी दुनिया में मलेरिया से सबसे ज्यादा प्रभावित अफ्रीका में ट्रायल के बाद मिली है। एक साल तक 450 बच्चों पर इस टीके का सफल परीक्षण किया गया। इस वैक्सीन के बारे में वैज्ञानिकों का दावा है कि अब मलेरिया से लड़ना 77 फीसदी आसान हो जायेगा। मलेरिया की यह वैक्सीन ग्लैक्सोस्मिथक्लाइन नामक कंपनी द्वारा ‘मॉस्क्युरिक्स’ नाम से जानी जायेगी।

दशकों लगे मलेरिया की वैक्सीन आने में

याद होगा, वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के खिलाफ कुछ ही महीनों में वैक्सीन बाजार में आ गयी थी और अब अरबों लोगों को दुनियाभर में यह वैक्सीन दी भी जा चुकी है। लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि मलेरिया दुनिया की सबसे पुरानी और घातक बीमारियों में से एक है, फिर भी इसका कोई टीका नहीं बन सका था। लेकिन दशकों की मेहनत के बाद मलेरिया का टीका तैयार हो गया है। शायद अब मलेरिया के उन्मूलन में कामयाबी मिल सकेगी। कहा जा रहा है कि ‘मॉस्क्युरिक्स’ वैक्सीन पांच तरह के मलेरिया परजीवियों से बचायेगी।

भारत उच्च जोखिम और उच्च प्रभाव वाले 11 देशों में

विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन में मलेरिया के अधिक जोखिम वाले जिन 11 देशों को चिह्नित किया है उनमें  भारत भी शामिल है। रिपोर्ट के अनुसार मलेरिया के सबसे ज्यादा मामले ग्यारह देशों बुर्किना फासो, कैमरून, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कॉन्गो, घाना, भारत, माली, मोजांबिक, नाइजर, नाइजीरिया, युगांडा और तंजानिया में सामने आ रहे हैं। उसमें भी भारत के 31 राज्‍यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों – आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्‍मीर, झारखंड, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, मणिपुर, मिजोरम, नगालैंड, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, तमिलनाडु, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, पुदुचेरी, चंडीगढ़, दमन और दीव, दादरा एवं नगर हवेली और लक्षद्वीप में मलेरिया की उपस्थिति पायी जाती है। हालांकि भारत में मलेरिया उन्मूलन अभियान का असर दिखा है। पिछले वर्षों की तुलना में भारत में मलेरिया में कमी आयी है।

भारत से बायोटेक करेगी ‘मॉस्क्युरिक्स’ वैक्सीन का निर्माण

इसी साल भारत बायोटेक ने, जो देशी कोविड वैक्सीन कोवैक्सीन का भी निर्माता है, जीएसके और पाथ के साथ एक क़रार किया, जिसके तहत वह आरटीएसएस के लिए एंटिजेन तैयार करेगी, जो व्यापक इस्तेमाल की सिफारिश के बाद, जीएसके की हर वर्ष 1.5 करोड़ वैक्सीन डोज़ उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता का हिस्सा होगा।

यह भी पढ़ें: बुर्ज खलीफा में विराजीं ‘मां दुर्गा’, अगर दुबई जाने का मौका नहीं मिला, तो इस पंडाल का ही कर लें अवलोकन

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