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छुट्टी पर सरकार! झारखंड नहीं, सरकार की चिंता में रायपुर के लिए भरी उड़ान! ठिकाना  वही मेफेयर रिसॉर्ट!

Government on holiday! Not Jharkhand, the flight flew to Raipur in the concern of the government!

न्यूज डेस्क/ समाचार प्लस – झारखंड-बिहार

लतरातू में पिकनिक, फिर अंकिता कुमारी की मौत पर थोड़े से आंसू और फिर एक और पिकनिक पर निकल पड़ी है झारखंड सरकार। अबकी बार झारखंड सरकार सचमुच छत्तीसगढ़ के रायपुर शिफ्ट हो गयी है। दरअसल, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विधायकी जाने के संकट झारखंड की राजनीति को अस्थिर कर दिया है। हेमंत सोरेन की विधायकी जाने, उसके बाद उनके मुख्यमंत्री की कुर्सी हिलने के बाद झारखंड सरकार को गठबंधन में बिखराव का डर पैदा हो गया है। इसी लिए सभी विधायकों को रांची से रायपुर शिफ्ट कर दिया गया है ताकि विपक्षी पार्टी भाजपा के सम्पर्क में आने से इन्हें रोका जा सके। 29 अगस्त को भी जब तीन बसों से पूरे लगेज-बैगेज के साथ गठबंधन के विधायक निकले थे तब यही लगा कि ये विधायक छत्तीसगढ़ के रायपुर जा रहे हैं, लेकिन शायद उस समय वे इरादा बदल कर लतरातू में पिकनिक मनाकर वापस लौट आये। रांची लौटकर आपस में कई दौर की बैठकें करने के बाद फिर से रायपुर जाने का फैसला कर लिया। 31 विधायक इंडिगो फ्लाइट से रायपुर के लिए रवाना हुए हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन रायपुर नहीं  गये। विधायकों को एयरपोर्ट पहुंचाकर वापस सीएम आवास लौट आये हैं।

भले ही झारखंड सरकार के आला नेता बार-बार यह दावा कर रहे थे कि उनके पास बहुमत का पूरा आंकड़ा है, उनके पास 50 विधायकों का समर्थन है, और सरकार को कोई खतरा नहीं है। लेकिन फिर भी उनमें सरकार के अस्थिर हो जाने का भय कहीं न कहीं तो है। इसी भय का ही नतीजा है कि इन विधायकों ने एकांतवास का सहारा ले लिया है।

छत्तीसगढ़ के रायपुर का मेफेयर होटल ही होगा विधायकों का ठिकाना

छत्तीसगढ़ की नवा राजधानी के नाम मशहूर नवा रायपुर के आलीशान मेफेयर होटल में विधायकों को ठहराया जायेगा। मेफेयर एक आलीशान होटल है। यहां ऐशो-आराम की हर सुविधा मौजूद है। खबर है कि होटल के सभी 47 कमरे इन विधायकों के लिए बुक कर लिये गये हैं। ज्ञात हो जब हरियाणा कांग्रेस पर भी ऐसा ही संकट मंडराया था तब सभी कांग्रेस विधायकों को इसी मेफेयर होटल में ‘छुपा’ दिया गया था।

छत्तीसगढ़ में इन विधायकों के खास मेजबान खुद छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल होंगे। जब तक ये विधायक इस होटल में रहेंगे उनकी खातिरदारी से लेकर सुरक्षा की सारी व्यवस्था सीएम बघेल की निगरानी में होगी। चूंकि छत्तीसगढ़ कांग्रेस शासित राज्य है, इसलिए हेमंत सरकार के इन विधायकों के लिए सुरक्षित ठिकाना माना जा रहा है। लेकिन राजनीति की जानकारी रखने वालों को यह भी अच्छी तरह जानते होंगे कि छत्तीगढ़ में भले ही कांग्रेस की सरकार है, लेकिन यहां भाजपा भी काफी मजबूत है। झारखंड सरकार में ‘खेला’ की कोई गुंजाइश है तो यह किस लिहाज से सुरक्षित डेस्टिनेशन है, कहना मुश्किल है। इसको इस तरह से भी समझा जा सकता है, झारखंड में झामुमो-कांग्रेस-राजद की सरकार है, सरकार अपनी है, पुलिस अपनी है, प्रशासन अपना है, उसके बाद भी सरकार के विधायक इधर-उधर भागते फिर रहे हैं, छत्तीसगढ़ में अगर भाजपा ‘खेला’ करना चाहे तो क्या वहां सम्भव नहीं है?

1 सितम्बर को रायपुर में होगी झाररखंड की कैबिनेट बैठक

झारखंड सरकार की अगली कैबिनेट बैठक 1 सितम्बर को निर्धारित है। आमतौर पर कैबिनेट की बैठक झारखंड मंत्रालय के प्रोजेक्ट भवन में होती है। चूंकि झारखंड सरकार में शामिल विधायक रायपुर में होंगे, इसलिए झारखंड की अगली बैठक रायपुर में होगी।

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