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राजनीति से ‘आजाद’ होना चाहते हैं गुलाम नबी आजाद, कांग्रेस को नहीं बदल सकने की खुद को देंगे ‘सजा’?

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Politics News: कांग्रेस के दिग्गज नेता गुलाम नबी आजाद अचानक अगर राजनीति से संन्यास ले लें तो कोई आश्चर्य नहीं होगा। क्योंकि उन्होंने ऐसा संकेत दे दिया है। कांग्रेस में निस्संदेह एक बहुत बड़ा नाम हैं– गुलाम नबी आजाद। लेकिन कांग्रेस की लगातार हो रही दुर्गति से दुःखी होकर कांग्रेस को बदलने की एक मुश्किल राह पर चल निकले हैं। उन्हें शायद मालूम भी था कि यह दुष्कर ही नहीं, लगभग नामुमकिन-सा कार्य है, फिर उन्होंने यह प्रयास किया। इसके लिए शायद उनकी सराहना की जानी चाहिए। अब उन्हें भी लगने लगा है कि अब अपने हथियार डाल देने चाहिए, क्योंकि उन्हें यह महसूस होने लगा है कि उनकी कोशिश ‘दीवार’ पर पत्थर मारने के समान है। इससे भी बड़ी बात यह कि अब वह पार्टी के अंदर खुद को अपमानित भी महसूस करने लगे हैं। यही दर्द एक मंच से बोलते हुए उभर भी आया है और उसी से कयास लगने लगा कि अब वह राजनीति से किनारा कर लेंगे।

गुलाम नबी आजाद को आज मिलेगा पद्म भूषण पुरस्कार

रविवार को जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन और वरिष्ठ वकील एमके भारद्वाज की तरफ से एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसमें बोलते हुए उन्होंने आजाद ने कहा था- ‘हमको समाज में बदलाव लाना है। कभी-कभी मैं सोचता हूं, और कोई बड़ी बात नहीं है कि अचानक आप सुनें कि मैं रिटायर हो गया हूं और समाजसेवा में लग गया हूं। ‘भारत में राजनीति इतनी खराब हो गयी है कि कई बार शक होता है कि क्या हम इंसान हैं।‘

गुलाम नबी आजाद का राजनीतिक सफर
  • गुलाम नबी आजाद 1973 में भालेसा में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के सेक्रेटरी बने।
  • 1975 में वह जम्मू-कश्मीर युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष चुने गये।
  • 1977 में डोडा जिले के कांग्रेस अध्यक्ष चुने गये।
  • गुलाम नबी आजाद अखिल भारतीय युवा कांग्रेस के महासचिव भी बने।
  • 1980 में गुलाम नबी आजाद जम्मू कश्मीर राज्य की यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष बने।
  • 1980 में ही महाराष्ट्र की वाशिम सीट से चुनाव जीतकर गुलाम नबी आजाद लोकसभा पहुंचे।
  • 1982 में गुलाम नबी आजाद ने पहले केन्द्रीय उपमंत्री के तौर पर कानून, न्याय और कंपनी मामलों का मंत्रालय संभाला।
  • 1982 में गुलाम नबी आजाद लॉ मिनिस्ट्री में डिप्टी मिनिस्टर के पद पर चुने गये।
  • 8वीं लोकसभा के लिए 1984 में भी चुने गए।
  • 1985 में गुलाम नबी आजाद गृह राज्य मंत्री बने।
  • पी.वी. नरसिंह राव सरकार में गुलाम नबी आजाद ने संसदीय मामलों के केन्द्रीय मंत्री और बाद में पर्यटन और नागरिक उड्डयन मंत्री का प्रभार संभाला।
  • गुलाम नबी आजाद मनमोहन सिंह सरकार में भी मंत्री रहे।
  • 1990 से 1996 तक गुलाम नबी आजाद राज्यसभा के सदस्य रहे।
  • गुलाम नबी आजाद 2007 में जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री चुने गए।
  • 2015 में गुलाम नबी आजाद एक बार फिर जम्मू-कश्मीर से चुनकर राज्यसभा में आये और 15 फरवरी 2021 को राज्यसभा से उनकी विदाई हुई।
  • वर्तमान में गुलाम नबी आजाद कांग्रेस के बागी के रूप में जी-23 का अगुआ के रूप में चर्चा में है और कांग्रेस को ‘बदलने’ की कोशिश कर रहे हैं।

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