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ऑनलाइन हैकर्स सेल’ को करें नाकाम:  शिकारी आयेगा, जाल बिछायेगा, दाना डालेगा, मगर फंसना नहीं

फेस्टिवल सीजन है जारी 'ऑनलाइन हैकर्स सेल’ को करें नाकाम

न्यूज डेस्क/ समाचार प्लस – झारखंड-बिहार
3 अक्टूबर से ई-कॉमर्स की बड़ी-बड़ी कम्पनियों की ऑनलाइन सेल शुरू हो चुकी है। इस सेल पर ग्राहकों की नजर तो है ही, कोई परदे के पीछे भी इस सेल पर नजरें गड़ाए बैठा है कि कहां-कहां किसको चूना लगाया जा सकता है। आप समझ ही गये होंगे कि यह जमात साइबर अपराधियों और हैकर्स की है। आप की चिंता यह होती है कि घर परिवार को सुविधाएं देने के लिए एक-एक पैसा कैसे जोड़ा जाये, जबकि इन समाज के भेड़ियों को आपके पैसों को हड़प जाने का न तो अफसोस होता है और न  खुद का इनसान कहने में शर्म आती है। इसलिए आप खरीदारी करें, अच्छे से खरीदारी करें, लेकिन सावधान रहकर।
वैसे साइबर अपराधियों को अपना शिकार ढूंढने के लिए किसी फेस्टिवल की जरूरत नहीं होती, लेकिन फेस्टिव सीजनों पर इनकी विशेष नजर रहती है। क्योंकि लोग फेस्टिवल के लिए पैसे जमा करते हैं, कर्मचारियों को बोनस मिली होती है। सभी में यह उत्कंठा रहती है कि अपने और अपने परिवार के लिए बेहतर खरीदारी करें। लेकिन ऑनलाइन खरीदारी के चक्कर में गलत कदम उठा लेने के कारण अपनी गाढ़ी कमाई गंवा बैठते हैं। सेल के सीजन में कई बार लोगों को ठगे जाते देखा गया है। ऐसा एक तरीके से नहीं होता, बल्कि कई तरीकों से किया जाता है।
कैसे बचें साइबर क्रिमिनल्स और उनके फ्रॉड्स से

इस समय सेल का सीजन है तो आपके वॉट्सऐप, मोबाइल पर, ईमेल पर तथा अन्य सोशल मीडिया माध्यमों पर तरह-तरह के मैसेज आने शुरू हो गये होंगे। इनमें कई तो असली मैसेज होंगे जबकि अधिकांश Fake मैसेज होंगे। साइबर ठगी के प्रति आजकल लोग थोड़ा जागरूक हो गये हैं, इस कारण साइबर क्रिमिनल्स ने अपने ठगी करने के अपने तरीके बदले हैं। जिन कम्पनियों के नाम पर वे लोगों को ठगना चाहते हैं, उन कम्पनियों से मिलते-जुलते या यू कहें हूबहू आईकॉन के साथ मैसेज भेजते हैं। आपको सावधानी बरतनी है। सही और गलत मैसेज में फर्क करना होगा। अन्यथा इनके मैसेज के झांसे में आकर शॉपिंग करेंगे तो उनकी ठगी के शिकार हो जायेंगे।

अगर गलती हो भी गयी तो साइबर अपराधियों के झांसे में न आयें

अगर आपने गलती से गलत मैसेज ओपन कर लिया तो यहां से साइबर अपराधी आपको अपनी चालाकियों में लेना शुरू करेंगे। लेकिन आपको यहीं पर सावधानी बरतनी है। आप को अपना कोई भी निजी डाटा उनसे शेयर नहीं करना है। आपसे ईमेल आईडी और पासवर्ड, आधार नम्बर, पैन नम्बर, बैंक डिटेल, एटीएम नम्बर, एटीएम पासवर्ड तरह-तरह की चालाकियों के साथ पूछा जायेगा। लेकिन यहां पर आपकी सावधानी आपको बचा सकती है। क्योंकि यहां पर अगर आप कोई जानकारी उनसे शेयर करते हैं, तो इसका मतलब यह है कि आप अपनी जानकारी साइबर क्रिमिनल्स को दे रहे हैं। अगर बैंक अकाउंट की जानकारी उनके हाथ लग गयी तब फिर आपके अकाउंट्स से हाथ साफ करते उन्हें देर नहीं लगेगी।

साइट सही है या नहीं, कैसे पहचानें?

आपकी कोशिश यह होनी चाहिए कि सही वेबसाइट और सही ऐप से आप खरीदारी करें। किसी खरीदारी के लिए आये मैसेज को क्लिक कर खरीदारी करने की कोशिश न करें। खरीदारी के लिए आप कोई वेबसाइट ओपन करते हैं तो वहीं वेबसाइट ओपन करें जिसका यूआरएल सही है। HTTPS न हो तो उस साइट को ओपन न करें और अगर यूआरएल में कोई गलती दिख रही है तो भी उसे हरगिज ओपन न करें। सुरक्षित रहें, सुरक्षित खरीदारी करें। आपके खून-पसीने की कमाई आपके और आपके परिवार के लिए अनमोल है।

कम्पनियों को सुझाव, वह भी लें थोड़ी जिम्मेदारी

जब भी किसी मेगा सेल का आयोजन होता है तो कम्पनियां जैसे, एमेजन, फ्लिपकार्ट, मिंत्रा, ग्रोफर तथा अन्य कम्पनियां समाचार-पत्रों, टीवी तथा सोशल मीडिया पर बड़े-बड़े विज्ञापन देती हैं। सभी कम्पनियों को चाहिए कि वे जब इस तरह का कोई विज्ञापन दे रही हों तो अपने ग्राहकों को सावधान करने के थोड़े उपाय को भी उन विज्ञापनों में जगह दें। ग्राहकों से अगर आप हैं, तो आपके ग्राहक भी आपके लिए अनमोल हैं।

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