समाचार प्लस
Breaking झारखण्ड देवघर देश फीचर्ड न्यूज़ स्लाइडर

बाबाधाम के प्रसिद्ध पेड़ा को मिलेगी ग्लोबल पहचान, जल्द ही मिलेगा GI Tag

बाबाधाम के प्रसिद्ध पेड़ा को मिलेगी ग्लोबल पहचान

न्यूज़ डेस्क/ समाचार प्लस झारखंड -बिहार

मंदिरों के शहर और झारखंड के देवघर स्थित देश के 12 ज्योर्तिलिंग में से एक प्रसिद्ध बाबाधाम के पेड़ा को जल्द ही जीआई टैग मिल सकता है। लोकप्रिय मिठाई और प्रसाद के तौर पर मिलने वाले पेड़ा को भौगोलिक संकेतक जीआई (Geographical Indicator) (GI Tags) दिलवाने के लिए जिला प्रशासन ने प्रयास शुरू कर दिया है।

देवघर के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने जिले के सभी पेड़ा निर्माताओं को 30 सितंबर तक उद्योग विभाग में अपना पंजीकरण कराने को कहा है. इसके बाद वह देवघर के पेड़े की जीआई टैगिंग के लिए उपयुक्त प्राधिकार के पास एक औपचारिक आवेदन देंगे.

प्रसाद के तौर पर देश भर में प्रसिद्ध है

बाबाधाम का पेड़ा प्रसाद के तौर पर देश भर में प्रसिद्ध है और साल भर बाबा बैद्यनाथ मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले करोड़ों भक्तों इसे खरीदते हैं और रिश्तेदारों के लिए ले जाते हैं। पेड़ा के लिए जीआई टैग का महत्वाकांक्षी प्रस्ताव काफी पुराना है.

मिलेगी वैश्विक पहचान

जीआई टैगिंग से पेड़ा व्यापारियों की आय में वृद्धि होगी और उत्पाद को वैश्विक पहचान मिलेगी। डीडीसी ने कहा कि कई पीढ़ियों से पेड़ा व्यापार में शामिल व्यापारियों की वित्तीय स्थिति को कई गुना बढ़ाया जाएगा।

क्या है GI Tag

जीआई टैग एक विशिष्ट चिन्ह है जिसका उपयोग उत्पाद पर किया जाता है। इसका उपयोग इसके अद्वितीय लक्षण वर्णन और ग्लोबल उत्पादन के आधार पर किया जा सकता है। कहा कि किसी भी उत्पाद को जीआई टैगिंग मिलते ही वह उस भौगोलिक क्षेत्र से बाहर किसी की नकल करने पर भी जुर्माना लगा सकता है। जीआई टैग किसी विशेष खाद्य, कृषि या औद्योगिक उत्पाद की उत्पत्ति के क्षेत्र को परिभाषित करता है. यह टैग वस्तुओं के भौगोलिक संकेत (पंजीकरण और संरक्षण) अधिनियम, 1999 के तहत दिया जाता है. यह टैग भौगोलिक संकेत (जीआई) रजिस्ट्री द्वारा प्रदान किया जाता है, जिसका मुख्यालय चेन्नई में है.

600 से ज्यादा भारतीय उत्पादों को जीआई टैग मिल चुका है

किसी क्षेत्र विशेष के उत्पादों को जीअग्रैफिकल इंडिकेशन टैग (जीआई टैग) से खास पहचान मिलती है। चंदेरी की साड़ी, कांजीवरम की साड़ी, दार्जिलिंग चाय महाबलेश्वर स्ट्रॉबेरी, जयपुर ब्लू पोटरी, बनारसी साड़ी, तिरुपति के लड्डू, मध्य प्रदेश के झाबुआ के कड़कनाथ मुर्गा और मलिहाबादी आम समेत अब तक करीब 600 से ज्यादा भारतीय उत्पादों को जीआई टैग मिल चुका है।

ये भी पढ़ें : सीधी नहीं हो सकती पाकिस्तान की पूंछ, स्नेहा दुबे ने धोया तो लगा बिलबिलाने

Related posts

बदले हेयर स्टाइल के साथ तेज प्रताप देंगे विरोधियों को चुनौती, बोले- तुम हमारा मजाक उड़ाओ, हम धज्जियां उड़ा देंगे!

Manoj Singh

भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक: सरकार के खिलाफ धारदार आंदोलन की रूपरेखा होगी तैयार

Manoj Singh

Vikramshila: बिहार में खतरे में राष्ट्रीय धरोहर: बुद्ध की धरोहरों को बचाने की कब आयेगी ‘बुद्धि’

Sumeet Roy