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LCH In Army: मिसाइलों से लैस, रडार को चकमा देने की क्षमता, वायुसेना को मिला देश का पहला स्वदेशी लड़ाकू हेलिकॉप्टर

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LCH In Army: जोधपुर एयरबेस पर लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर (Light Combat Helicopter) को भारतीय वायुसेना के बेड़े में तैनात कर दिया गया. भारतीय वायुसेना ने ट्वीट करके यह जानकारी दी है. इससे वायुसेना की ताकत और बढ़ेगी, क्योंकि यह हेलिकॉप्टर कई तरह की मिसाइल दागने और हथियारों का इस्तेमाल करने में सक्षम है। एलसीएच को सार्वजनिक उपक्रम हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने विकसित किया है और इसे प्राथमिक रूप से ऊंचाई वाले इलाकों में तैनात करने के लिए डिजाइन किया गया है।

हेलीकॉप्टर का नाम ‘प्रचंड’ रखा गया है

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सर्व धर्म पूजा के बाद भारतीय वायुसेना के पहले स्वदेशी अटैक हेलीकॉप्टर वायुसेना को सौंपा। इस मौके पर जोधपुर एयरबेस में हुए कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ-साथ देश के नए सीडीएस जनरल अनिल चौहान और चीफ ऑफ एयर स्टाफ चीफ मार्शल वीआर चौधरी भी मौजूद रहे। सर्वधर्म प्रार्थना के बाद 10 LCH हेलिकॉप्टर्स को भारतीय वायुसेना में शामिल कर दिया गया। एलसीएच सीमा के करीब जोधपुर में तैनात किए जाएंगे।इस हेलीकॉप्टर का नाम ‘प्रचंड’ रखा गया है।

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तबाही मचाने वाले लेज़र गाइडेड रॉकेट

हेलिकॉप्टर के विंग्स के नीचे लेज़र गाइडेड रॉकेट लगे हैं. इसे फ्रांस की थेल्स (Thales) कंपनी ने बनाया है. यह कम कीमत का गाइडेड रॉकेट हैं. इसकी रेंज 1.5 से 8 किलोमीटर तक होती है। यानी यह हवाई हमला भी कर सकता है या फिर किसी युद्धपोत, सतह, विमान या जमीन पर दागा जा सकता है। इसके दो वैरिएंट्स हैं जो बख्तरबंद और टैंक को भी उड़ा सकते हैं।

ध्रुव से रखता है समानता
इस साल मार्च में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडल समिति (सीसीएस) की बैठक में स्वदेश विकसित 15 एलसीएच को 3,887 करोड़ रुपये में खरीद को मंजूरी दी गई थी। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इनमें से 10 हेलिकॉप्टर वायुसेना और पांच थलसेना के लिए होंगे। अधिकारियों ने बताया कि एलसीएच ‘एडवांस लाइट हेलिकॉप्टर’ ध्रुव से समानता रखता है।

किसी भी मौसम में उड़ान भरने में सक्षम 

यह मल्टी-रोल लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर हथियारों और ईंधन के साथ 5,000 मीटर की ऊंचाई से उतर और उड़ान भर सकता है। यह किसी भी मौसम और किसी भी परिस्थिति में उड़ान भरने में सक्षम है।

रडार से बचने की विशेषता
इसमें कई में ‘स्टील्थ’ (रडार से बचने की) विशेषता, बख्तर सुरक्षा प्रणाली, रात को हमला करने और आपात स्थिति में सुरक्षित उतरने की क्षमता है। हल्का होने की वजह से यह ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अपनी पूर्ण क्षमता में मिसाइल और दूसरे हथियारों के साथ आराम से ऑपरेट कर सकता है।

15 हेलिकॉप्टर को मंजूरी

गौरतलब है कि इस साल मार्च में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCA) की बैठक में, स्वदेश विकसित 15 एलसीएच को 3,887 करोड़ रुपए में खरीदने की मंजूरी दी गई थी। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इनमें से 10 हेलिकॉप्टर वायुसेना के लिए और पांच थल सेना के लिए होंगे।

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