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दुर्गा सेना के गठन के साथ झामुमो विधायक सीता सोरेन की बेटियों की राजनीति में एंट्री! क्या छिपी है कोई टीस? 

दुर्गा सेना गठन के साथ झामुमो विधायक सीता सोरेन की बेटियों की राजनीति में एंट्री!

न्यूज़ डेस्क/ समाचार प्लस झारखंड- बिहार

झारखंड में सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा की विधायक सीता सोरेन की बेटियों ने अपने दिवंगत पिता के नाम पर दुर्गा सोरेन सेना गठित की है। बिजनेस मैनेजमैंट और विधि की पढ़ाई कर चुकी राजश्री सोरेन और जयश्री सोरेन ने शुक्रवार को विजयादशमी के मौके पर इसकी घोषणा अपनी मां के धुर्वा स्थित सरकारी आवास पर की। हालांकि इस आयोजन में सीता सोरेन शामिल नहीं हुईं। पहले कहा जा रहा था कि झारखंड मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष शिबू सोरेन आएंगे, लेकिन बकौल राजश्री दादाजी ने आशीर्वाद दिया है। वे इस फैसले से बहुत खुश हैं और बीमार होने की वजह से नहीं आ सके।

‘गैर-राजनीतिक मंच होगा’ 

सीता सोरेन की दोनों बेटियों ने इस मौके पर लिखित भाषण पढ़ा। दावा किया कि यह उनका गैर-राजनीतिक मंच होगा। हालांकि दोनों इस बात का जवाब नहीं दे पाईं कि झारखंड मुक्ति मोर्चा की छात्र अथवा युवा शाखा के रहते हुए अलग से संगठन बनाने की आवश्यकता क्यों पड़ी। उन्होंने कहा कि पिता का नाम दुर्गा सोरेन है और विजयादशमी के दिन उनके नाम पर सेना की स्थापना का उद्देश्य राज्य में भ्रष्टाचार, विस्थापन, जमीन की लूट समेत अन्य मसलों पर संघर्ष करना है। यह पूछे जाने पर कि झारखंड मुक्ति मोर्चा की सरकार कैसा काम कर रही है, उन्होंने हेमंत सोरेन की तारीफ की। कहा-अंकल झारखंड को आगे बढ़ा रहे हैं। वह सरकार को 100 प्रतिशत से भी ज्यादा अंक देंगी।

‘राज्य के हर जिले में होगा संगठन का विस्तार’ 

उन्होंने कहा कि अलग से संगठन बनाने की वजह से राजनीतिक हलकों में यह संदेश जा रहा है कि उनकी नाराजगी है, इस पर दोनों ने कहा कि उनका सपना दुर्गा सोरेन के सपने से जुड़ा है। वे अलग झारखंड आंदोलन के सिपाही थे। संगठन का विस्तार राज्य के हर जिले में होगा और इसकी इकाइयां खड़ी की जाएगी। उन्होंने कहा कि उनके पिता दुर्गा सोरेन से जुड़े रहे छोटेलाल महतो, राकेश पासवान, लाल बिहारी महतो, जितेंद्र सिंह पावर, राकेश मिश्रा जैसे लोगों का साथ मिल रहा है। सबके सहयोग से संगठन के कामकाज को आगे बढ़ाना उनका लक्ष्य है।

अपनी ही सरकार पर साधती रही हैं निशाना

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (CM Hemant Soren) की भाभी सीता और झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) विधायक सीता सोरेन (JMM MLA Sita Soren) अपनी ही सरकार पर निशाना साधती रही है। सरकार में शामिल रहने के बावजूद समय-समय पर अपनी ही सरकार के कामकाज पर सवाल उठा ती रहीं हैं.

राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज 

जामा की विधायक सीता सोरेन लगातार हेमंत सोरेन सरकार पर हमलावर रहीं है। कभी प्रधानमंत्री आवास योजना तो कभी किसी अन्य मुद्दों पर सरकार को घेरते रहीं हैं। ऐसे में सीता सोरेन की बेटियों द्वारा दुर्गा सेना का गठन करने के बाद राजनीतिक गलियारों कयास लगाए जा रहे हैं कि सोरेन परिवार में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा? क्या दुर्गा सेना का गठन कहीं परिवार में दरार का संकेत तो नहीं? उन्होंने कई बार अपनी सरकार से नाराजगी भी जताई है और ऐसे में उनकी बेटियों द्वारा दुर्गा सोरेन सेना का गठन करना कहीं न कहीं उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षा ही है।

परिवार में दरार के संकेत ?

दिवंगत पति दुर्गा सोरेन की 52वीं जयंती पर सीता सोरेन ने कहा था कि पार्टी मेरे ससुर शिबू सोरेन और पति दुर्गा सोरेन के पसीने से सींची हुई है। बयानबाजी, ट्वीट और पत्राचार के बाद शिबू सोरेन या फिर हेमंत सोरेन की ओर से प्रतिक्रिया का न आना, उस वक़्त भी परिवार में दरार के संकेत दे रहे थे।

सार्वजनिक जीवन में काम करने की इच्छा !

सीता सोरेन की दोनों बेटियां पहले भी अपनी मां के समर्थन में आ चुकी हैं, जब उनकी मां ने शिबू सोरेन को पार्टी के महासचिव विनोद पांडेय के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाते हुए चिट्ठी लिखी थी और उस पर कोई जवाब नहीं आया था। दिवंगत दुर्गा सोरेन व सीता सोरेन की बेटियों ने इसे भले ही पहले ही गैर राजनीतिक संगठन बताया हो, लेकिन इस संगठन की स्थापना से यह स्पष्ट है कि सार्वजनिक जीवन में काम करने की उनकी इच्छा प्रबल है।

सरकार में कद छोटा पड़ने की टीस तो नहीं ?

जानकारों का मानना है कि 2009 में दुर्गा सोरेन की मौत के बाद से ही सीता सोरेन अकेली पड़ गईं। दुर्गा सोरेन की पत्नी और बड़ी बहू होने के नाते पार्टी और सरकार में जो उनका कद होना चाहिए वो उसे हासिल नहीं है। कई मौकों पर उन्होंने ट्वीट के जरिए ही हेमंत सोरेन सरकार के खिलाफ सवाल भी खड़े किए हैं और अब उनकी दोनों बेटियों द्वारा उठाए गए इस कदम के पीछे सीता सोरेन के समर्थन से इंकार नहीं किया जा सकता।

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