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नेहरू से लेकर नरेंद्र मोदी तक का युग देखने वाली ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ ने दुनिया को कहा अलविदा

Elizabeth, who saw the era from Nehru to Narendra Modi, said goodbye to the world

70 साल लम्बा रहा महारानी एलिजाबेथ का शासन

न्यूज डेस्क/ समाचार प्लस – झारखंड-बिहार

 

Queen Elizabeth II: यह कैसा अद्भुत संयोग है कि इधर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिल्ली के चर्चित राजपथ से ब्रिटिश औपनिवेशकवाद की निशानियां समाप्त कीं, उधर ब्रिटेन की राजवंश की सबसे बड़ी निशानी महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने दुनिया को अलविदा कह दिया। एलिजाबेथ ने 70 साल तक ब्रिटेन पर शासन किया। 96 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कहने वाली एलिजाबेथ काफी समय से बीमार थीं। अभी दो दिनों पहले ही उन्होंने ब्रिटेन की नयी प्रधानमंत्री लिज ट्रस को पद और गोपनीयता की शपथ दिलायी थी। यह समारोह उनके राजनीतिक जीवन का अंतिम राजकीय समारोह बन गया।

एलिजाबेथ यूके और 14 अन्य देशों की महारानी थीं। उनके निधन से पूरी दुनिया से शोक-संवेदनाओं का तांता लगा हुआ है। 21 अप्रैल, 1926 को जन्मी एलिजाबेथ ने ब्रिटेन पर 70 लम्बा शासन किया। उनके लम्बे शासन का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उन्होंने देश आजाद होने के बाद प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू से लेकर वर्तमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तक का कार्यकाल देखा है। अपने लम्बे शासन काल के दौरान वह तीन बार भारत भी आ चुकी हैं। उन्होंने 70 साल से ज्यादा समय तक इस अहम परंपरा को बखूबी निभाया। इतिहास की बहुत सारी घटनाओं को उन्होंने गुजरते हुए दिखा। पिछले साल ही उनके पति प्रिंस फिलिप का 99 साल की उम्र में निधन हुआ था।

महारानी एलिजाबेथ का भारत से गहरा नाता

यह बतलाने की आवश्यकता नहीं है कि महारानी एलिजाबेथ का भारत से गहरा कितना गहरा नाता रहा है। अपने लंबे कार्यकाल में महारानी ने भारत के अब तक के सभी प्रधानमंत्रियों के कार्यकाल को देखा। नेहरू, इंदिरा गांधी से लेकर नरेंद्र मोदी तक से वह मिल भी चुकी हैं। वह तीन बार भारत आ चुकी हैं। पहली बार जब वह भारत आयी तब देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू देश के प्रधानमंत्री थे। भारत के उनके दूसरे आगमन पर देश की कमान लौह महिला इंदिरा गांधी के हाथों में थी। और तीसरी बार उनके भारत आगमन पर उनका स्वागत तत्कालीन प्रधानमंत्री इन्द्रकुमार गुजराल ने उनका स्वागत किया था।

1952 में ब्रिटिश की महारानी के रूप में एलिजाबेथ की ताजपोशी हुई थी। महारानी बनने के 9 साल बाद वह भारत आई थीं। 1961 में तब देश के प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू थे। तब 34 साल की रहीं एलिजाबेथ प्रिंस फिलिप भारत आयी थी और पंडित जवाहरलाल नेहरू से उन्होंने मुलाकात की। शाही मेहमान का स्वागत खुद नेहरू ने किया था। भारत के पहले राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद ने भी उनकी आगवानी की थी। ब्रिटिश गणतंत्र दिल्ली के गणतंत्र दिवस समारोह शामिल होने के लिए आयी थीं। उस दौरे में उन्होंने वह राजघाट जाकर महात्मा गांधी की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित की थीं और आगरा जाकर ताजमहल का दीदार किया था।

 

महारानी एलिजाबेथ का दूसरा भारत दौरा 1983 में भारत का दौरा किया था। इस दौरान वह तत्कालीन पीएम इंदिरा गांधी से मिली थीं। महारानी एलिजाबेथ का यह दौरा भी भारत में किसी उत्सव की तरह था। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने उनकी मेहमाननवाजी के लिए कई तैयारियां की थीं।

 

 

महारानी ने 1997 में भारत का दौरा किया। ये उनका आखिरी भारत दौरा था। यह भारत की आजादी के 50 वर्ष पूरे होने का महान अवसर था।  इस समय देश के प्रधानमंत्री इंद्रकुमार गुजराल था। महारानी ने आज़ादी के इस जश्न में हिस्सा लिया था।

पीएम मोदी से मुलाकात

महारानी एलिजाबेथ पीएम नरेंद्र मोदी से भी मिल चुकी हैं। 2018 में पीएम मोदी चार दिन के लिए ब्रिटेन के दौरे पर गए तब एलिजाबेथ ने उनसे मुलाक़ात की थी। पीएम मोदी ने बकिंघम पैलेस में महारानी एलिजाबेथ से मुलाकात की थी।

 

 

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Queen Elizabeth II

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