समाचार प्लस
Breaking झारखण्ड फीचर्ड न्यूज़ स्लाइडर राँची

JBVNL’s Electric shock! Jharkhand में बिजली की दर 30 फीसदी तक बढ़ाने की तैयारी

Electric shock

न्यूज़ डेस्क/ समाचार प्लस झारखंड- बिहार
झारखंड के बिजली उपभोक्ताओं पर अगले साल से बिल का बोझ बढ़ सकता है। झारखंड (Jharkhand) बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) ने वित्तीय वर्ष 2022-23 से बिजली की दर में 30 फीसदी तक की वृद्धि का प्रस्ताव दिया है। झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग (JSERC) को भेजे गए इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिलते ही JBVNL के 40 लाख से उपभोक्ताओं की जेब बर बोझ बढ़ेगा।जानकारी के अनुसार JBVNL ने 2022-23 के लिए एनुअल रेवन्यू रिक्यावरमेंट (ARR) के साथ बिजली टैरिफ का प्रस्ताव झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग (JSERC) को भेज दिया है।

JSERC में पद रिक्त होने के कारण प्रस्ताव पर कार्रवाई रुकी हुई है

आयोग में अध्यक्ष के साथ दोनों सदस्यों का पद रिक्त होने के कारण प्रस्ताव पर आगे की कार्रवाई रुकी हुई है। इसी कारण से मौजूदा वित्तीय वर्ष में बिजली की दर में वृ्द्धि नहीं हो सकी। जबकि 20-21 में कोरोना की मार के कारण बिजली की दर में बदलाव नहीं हुआ था। माना जा रहा है कि आयोग में अध्यक्ष और दो सदस्यों के रिक्त पदों पर अगले माह नियुक्ति हो जायेगी और दो वर्षों बाद जेबीवीएनएल के उपभोक्ताओं पर बिजली की बढ़ी हुई दर की मार पड़ेगी।

वाणिज्यिक उपभोक्ताओं की बिजली दर में होगी अधिक बढ़ोतरी

JBVNL के अधिकारियों के मुताबिक घरेलू उपभोक्ताओं पर कम, लेकिन औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं की बिजली दर में अपेक्षाकृत अधिक बढ़ोतरी होगी। हालांकि जेबीवीएनएल की ओर से अभी उपभोक्ताओं की श्रेणी के आधार पर टैरिफ स्ट्रक्चर आयोग को नहीं भेजा गया है। जानकारी के अनुसार JBVNL के घरेलू उपभोक्ताओं की दर कम बढ़ाई जाएगी।

फरवरी से बिजली नियामक आयोग में कामकाज ठप

विद्युत कंपनियां किस दर पर ग्राहकों को बिजली बेचेंगी यह फैसला झारखंड विद्युत नियामक आयोग करता है। इस फैसले के लिये आयोग में अध्यक्ष या दो सदस्यों में से किसी एक का होना जरूरी है। लेकिन पद रिक्त होने से आयोग फरवरी से निष्क्रिय है। 19 फरवरी को आयोग के सदस्य प्रवास कुमार सिंह ने केंद्रीय नियामक आयोग के विधि सदस्य बनाये जाने के कारण दिल्ली चले गए

जेबीवीएनएल को 9000 करोड़ खर्च का अनुमान

एआरआर में दो वित्तीय वर्ष से बिजली दरों में बढ़ोतरी नहीं होने के कारण बिजली खरीद और आपूर्ति में 6500 करोड़ का अंतर दिखाया गया है। वहीं चालू वित्तीय वर्ष में आयोग द्वारा निर्णय नहीं लिए जाने से करीब 1800 करोड़ का नुकसान दर्शाया गया है। इस प्रकार 2022-23 में 9000 करोड़ का खर्च का अनुमान है। उल्लेखनीय है कि 2020-21 के लिए जेएसईआरसी ने 6326 करोड़ का एआरआर मंजूर किया था। अब जेबीवीएनएल ने इस एआरआर से 2674 करोड़ अतिरिक्त राशि की जरूरत बतायी है। इस हिसाब से मौजूदा बिजली की दर में 30 फीसदी तक वृद्धि का अनुमान जताया जा रहा है।

ये भी पढ़ें : Helicopter Crash: देश पहले भी सेना के हेलिकाप्टर हादसों में खो चुका है अपने कई जवान

 

 

Related posts

Bhopal: कमला नेहरू अस्‍पताल के बच्चा वार्ड में लगी आग, 4 बच्चों की मौत

Manoj Singh

Tokyo Olympics 2020 : खेलों के महाकुंभ का कल होगा आगाज, भारत की इन स्पर्द्धाओं पर पूरे की होगी नजर

Pramod Kumar

CM हेमंत सोरेन से NHA के CEO आरएस शर्मा ने की मुलाकात, कहा- आयुष्मान भारत योजना का रांची मॉडल देश भर में किया जाएगा लागू

Manoj Singh