समाचार प्लस
Breaking झारखण्ड देश फीचर्ड न्यूज़ स्लाइडर

ED ने साहिबगंज के डीएसपी Rajendra Dubey को समन जारी किया, कई अधिकारी भी नपे

image source : social media

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने साहिबगंज के डीएसपी राजेंद्र दुबे (DSP Rajendra Dubey) को समन भेजा है.सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Hemant Soren) के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा (Pankaj Mishra) से न्यायिक हिरासत के दौरान साहिबगंज के डीएसपी (DSP Sahibganj) राजेंद्र दुबे लगातार फोन पर बात करते थे.  पंकज मिश्रा से फोन पर संपर्क में रहने और उसे बचाने की कोशिश करने के आरोपों को लेकर इडी ने उन्हें समन भेजा है. जांच के दौरान इडी को जानकारी मिली कि डीएसपी राजेंद्र पंकज के इशारे पर अवैध खनन के गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे थे. पंकज की जब्त की जानेवाली संपत्ति को बचाने के उद्देश्य से कागजात बनवाने में भी मदद की थी.

आठ दिसंबर को ईडी के समक्ष हाजिर होना होगा

दरअसल ईडी (ED) ने अपनी जांच में पाया था कि पंकज मिश्रा ने 27 जुलाई से 20 अक्तूबर तक 300 से अधिक फोन कॉल्स किए थे. जांच में यह बात सामने आयी थी कि कई पुलिस अधिकारियों और नौकरशाहों को पंकज ने कॉल किया था. ईडी ने सोमवार को इसी मामले में राजेंद्र दुबे(DSP Rajendra Dubey) को समन कर दिया. उन्हें आठ दिसंबर को ईडी के समक्ष हाजिर होना होगा.

कई बड़े अधिकारी भी पूछताछ के लिए बुलाए जा सकते हैं 

जानकारी के अनुसार रांची समेत कई जिलों से जुड़े कई बड़े अधिकारी पंकज मिश्रा से फोन पर लगातार संपर्क में थे और वे कभी-कभी उनसे मिलने के लिए रिम्स भी जाते थे. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ईडी अब आधा दर्जन से अधिक अधिकारियों को समन कर पूछताछ करने वाली है. उनपर आरोप है कि उन्होंने लगातार पंकज मिश्रा से फोन पर बात की थी.

जेल अधीक्षक से पूछताछ 

उधर रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा के जेल अधीक्षक हामिद अख्तर से ईडी के रांची जोनल कार्यालय में सोमवार को पूछताछ हुई। ईडी ने पूर्व में भी जेल अधीक्षक को नोटिस भेजा था, लेकिन वह हाजिर नहीं हुए थे। दूसरी बार प्रवर्तन निदेशालय ने गृह व कारा विभाग के जरिए जेल अधीक्षक को नोटिस भेज होटवार जेल के सभी वार्ड का पिछले 3 माह का CCTV फुटेज मांगा था. वहीँ पूजा सिंघल, अमित अग्रवाल, पंकज मिश्रा सहित सभी के वार्ड का सीसीटीवी फुटेज भी मांगा गया है

अपने पद और मुख्यमंत्री से नजदीकी का गलत फायदा उठाने का आरोप

उल्लेखनीय है कि पंकज मिश्रा पर गिरफ्तारी के बाद अपने पद और मुख्यमंत्री से नजदीकी का गलत फायदा उठाने का आरोप है.पंकज मिश्रा पर जेल मैनुअल से परे सुविधाओं का लाभ उठाने का भी आरोप है. पंकज मिश्रा के खिलाफ मुख्य आरोप यह है कि उसने अपनी हिरासत अवधि के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया और गवाहों को धमकाया. सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश की. जिला और राज्य के अधिकारियों से निर्देश देने के लिए बात की. पिछले महीने ईडी ने पंकज मिश्रा से मिलने रिम्स के पेइंग वार्ड जाने वाले सूरज पंडित और चंदन यादव को पकड़ा था. दोनों ने कॉल करने के लिए अपने बॉस को अपना फोन मुहैया कराया था. पंकज मिश्रा के ड्राइवर सूरज पंडित और चंदन को भी ईडी ने तलब किया है. एजेंसी ने उन्हें छह और सात दिसंबर को पेश होने को कहा है.

ये भी पढ़ें : Jharkhand: पूर्व सांसद फुरकान अंसारी ज़िला अध्यक्षों की सूची में अल्पसंख्यक नहीं होने से नाराज, खड़गे से मिलने पहुंच गये

Related posts

Jharkhand: Ombudsman App से मनरेगा शिकायतों का होगा निष्पादन, मनरेगा आयुक्त ने लोकपाल से ली जानकारी

Pramod Kumar

हैवियस कॉर्पस मामलाः कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में पढ़ेगी नाबालिग- हाईकोर्ट

Manoj Singh

Gyanvapi: वाराणसी कोर्ट में ज्ञानवापी सर्वे रिपोर्ट पेश, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सुनवाई अब कल

Pramod Kumar