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चुनाव आयोग का विचार एक सीट से चुनाव लड़े एक उम्मीदवार, केन्द्र सरकार के पास भेजा है प्रस्ताव, क्या हो पायेगा ऐसा?

Election Commission's idea One candidate contesting from one seat, proposal sent to Center

न्यूज डेस्क/ समाचार प्लस – झारखंड-बिहार

चुनाव आयोग ने केंद्र सरकार से एक बड़ी सिफारिश की है। चुनाव आयोग ने केन्द्र सरकार को एक प्रस्ताव भेजा है अगर वह कानून बन गया तो फिर किसी भी चुनाव में कोई भी उम्मीदवार दो सीटों से चुनाव नहीं लड़ पायेगा। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा है। हालांकि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। इससे पहले 2004 में भी आयोग ने केंद्र को यही सुझाव दिया, लेकिन राजनीतिक कारणों ने इसको अमल में लाने नहीं दिया। चुनाव आयोग ने जो प्रस्ताव किया है उसे कानून बनने में एक अड़चन है। दरअसल इसके लिए इसके लिए लोक प्रतिनिधित्व एक्ट 1951 में बदलाव करना होगा। और इसके लिए संसद के दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत से संशोधन कराना होगा।

प्रस्ताव के पीछे चुनाव आयोग का क्या है मकसद?

बता दैं, जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 33 (7) के तहत कोई व्यक्ति दो सीटों पर चुनाव लड़ सकता है। अगर वह दोनों जगहों से चुनाव जीत जाता है, तो उसे एक सीट छोड़नी पड़ती। इसके बाद खाली सीट के लिए फिर से चुनाव कराना होता है। जिस पर फिर से बड़ा और अनावश्यक खर्च होता है। इस खर्च को रोकने के लिए ही चुनाव आयोग चाहता है कि एक व्यक्ति एक ही सीट पर चुनाव लड़े। इसी को लेकर उसने केंद्र सरकार को यह प्रस्ताव भेजा है। आयोग पहले सीट खाली करने वाले उम्मीदवार पर उप चुनाव के खर्च का बोझ डालने का प्रस्ताव भी कर चुका है। जैसा कि सभी जानते हैं कि इस तरह के प्रस्तावों को राजनीतिक समर्थन नहीं मिल सकता है। इसलिए इस पर भी कुछ नहीं हुआ। याद होगा, एक सुझाव देशभर में संसद और विधानसभाओं के एक साथ चुनाव कराने का है, लेकिन राजनीतिक दलों के विरोध के कारण यह सुझाव भी धरा का धरा रह गया।

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