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डीवीसी ने झारखंड में बढ़ाया बिजली का संकट, 2110 करोड़ बकाया नहीं देने पर बिजली की आधी

Jharkhand Electricity Crisis

न्यूज डेस्क/ समाचार प्लस – झारखंड-बिहार अ

झारखंड के बिजली बिल के 2110 करोड़ रुपये बकाये पर कायदे को दरकिनार कर डीवीसी ने बिजली काटनी शुरू कर दी है। जिससे उसके कमांड एरिया वाले छह जिलों में बिजली संकट उत्पन्न हो गया है। डीवीसी का तो यहां तक कहना है कि अगर पूरा बकाया नहीं मिलेगा तो वह बिजली आपूर्ति शून्य कर देगा। डीवीसी झारखंड के 7 जिलों में बिजली आपूर्ति करता है, लेकिन अब वहां 50 प्रतिशत बिजली की ही आपूर्ति हो रही है। बता दें, डीवीसी की बिजली कटौती के शिकार राज्य के छह जिले रामगढ़, हजारीबाग, कोडरमा, बोकारो, धनबाद और गिरिडीह हैं। यहां, इन इलाकों में चार से लेकर आठ घंटे तक की लोडशेडिंग हो रही है जिससे वहां के उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गयी है।

आज नीति आयोग की बैठक में झारखंड उठायेगा मुद्दा

नीति आयोग भारत सरकार की नयी दिल्ली में सोमवार को उच्च स्तरीय बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में झारखंड के भी कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा होगी। झारखंड सरकार इन बिंदुओं पर चर्चा के साथ बिजली बिल बकाये के नाम पर डीवीसी द्वारा बिजली कटौती की भी चर्चा करेगा। इस बैठक में झारखंड के मुख्य सचिव एवं अन्य विभागीय सचिव शामिल होंगे।

डीवीसी की कार्रवाई पर जेबीवीएनएल की आपत्ति

डीवीसी का कहना है कि बिजली काटने के पहले जेबीवीएनएल को अल्टीमेटम दे दिया गया था, लेकिन जेबीवीएनएल की शिकायत है कि बिजली अल्टीमेटम देने के साथ ही शुरू कर दी गयी, जबकि समझौते के अनुसार, उसे समय दिया जाना चाहिए था।

जेबीवीएनएल का कहना है कि कैबिनेट के फैसले के मुताबिक खरीदी गयी 600 मेगावाट बिजली के बदले 100 करोड़ रुपये का भुगतान हर महीने किया जा रहा है। यह दो तिहाई बिजली की कीमत है। डीवीसी जो बिजली झारखंड को देता है उसकी कीमत 160 करोड़ रुपये हेती है। इसलिए जेबीवीएनएन का कहना है कि में डीवीसी को कटौती करनी भी है तो वह एक तिहाई करीब 200 मेगावाट की ही करे।

अपने नेटवर्क से जेबीवीएनएल पहुंचा रहा राहत

त्योहारी मौसम को देखते हुए जेबीवीएनएल प्रबंधन बिजली कटौती को रोकने के लिए सक्रिय है। झारखंड के इन प्रभावित जिलों में जेबीवीएनएल अपने प्रयास से बिजली सप्लाई कर राहत पहुंचाने का काम कर रहा है। कुछ ग्रिड सब-स्टेशन शुरू हो जाने से जेबीवीएनएल का कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति करने में आसानी हो गयी है। इसलिए डीवीसी की कटौती की मार का असर कम पड़ा है। जैसे धनबाद में गोविंदपुर ग्रिड से, चतरा और हजारीबाग में इटखोरी ग्रिड से और गिरिडीह में सरिया जमुआ संचरन लाइन चार्ज होने से जेबीवीएनएल के नेटवर्क से बिजली मिल रही है।

डीवीसी प्रतिदिन झारखंड को देता है 600 मेगावाट बिजली

शर्तों के अनुसार, डीवीसी करीब 600 मेगावाट बिजली झारखंड को देता है। इस बिजली की आपूर्ति जेबीवीएनएल करता है। लेकिन 31 अक्तूबर तक 2110 करोड़ जेबीवीएनएल पर बकाया हो जाने के कारण डीवीसी ने यह कदम उठाया है। बताया जा रहा है कि समझौते की शर्तों के मुताबिक डीवीसी प्रतिदिन 50 प्रतिशत यानी 300 मेगावाट बिजली कटौती करता रहेगा।

5 नवम्बर की शाम ईमेल भेज डीवीसी ने शुरू कर दी कटौती

डीवीसी ने पांच नवंबर की शाम 7:30 बजे जेबीवीएनएल और राज्य सरकार के प्रमुख अधिकारियों को पत्र भेजा कि रात 12 बजे से 50 प्रतिशत बिजली कटौती शुरू करने वाला है। इसके बाद 12 बजे से ही डीवीसी ने बिजली कटौती शुरू कर दी। जबकि ऐसा करने के लिए उसे 15 दिन पहले नोटिस देना चाहिए था।

ईमेल मिलने के बाद जेबीवीएनएल प्रबंधन ने डीवीसी के इस कदम पर ऐतराज जताया। डीवीसी जेबीवीएनएल को प्रतिदिन 600 मेगावाट बिजली देता है, जो करीब 160 करोड़ रुपये मासिक का होता है। राज्य सरकार द्वारा इसमें 100 करोड़ रुपये का भुगतान डीवीसी को प्रतिमाह किया जाता है।

चतरा डीवीसी कमांड एरिया से पूरी तरह मुक्त

डीवीसी झारखंड के सात जिलों में बिजली आपूर्ति करता था। लेकिन इटखोरी ग्रिड चालू हो जाने से चतरा जिला डीवीसी कमांड एरिया से मुक्त कर दिया गया है। वहीं, गोविंदपुर ग्रिड चालू होने से धनबाद के बड़े हिस्सों में जेबीवीएनएल अपनी बिजली आपूर्ति कर रहा है। इसी तरह सरिया, जमुआ और गिरिडीह के कुछ हिस्सों में भी जेबीवीएनएल अपनी बिजली आपूर्ति कर रहा है। धनबाद के कतरास और झरिया इलाकों में कटौती का आंशिक असर पड़ा है।

डीवीसी तीन किस्तों में पहले भी काट चुका है राशि

डीवीसी द्वारा बिजली कटौती को झारखंड सरकार उसकी मानमानी मान रहा है। केन्द्र सरकार के मार्फत अक्तूबर 2020 से अब तक डीवीसी बकाया भुगतान के लिए झारखंड सरकार के आरबीआई खाते से तीन बार कटौती कर चुका है। पहली किस्त के रूप में अक्तूबर 2020 में 1417 करोड़ की निकासी डीवीसी ने की है। इसके बाद दो किस्तों क्रमश: 714 और 714 करोड़ रुपये भी वह काट चुका है। दिसंबर महीने में भी डीवीसी अगली किस्त की कटौती करने वाला है।

यह भी पढ़ें: Jharkhand News: भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थली उलिहातू को मिला अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल का दर्जा

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